The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • balen shah says Nepal has encroached on India land Kalapani Lipulekh dispute

'नेपाल का भी भारत की जमीन पर कब्जा', PM बालेन शाह ने अपनी संसद को क्या बताया?

जब Nepal की संसद में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा के पुराने विवादित मुद्दों पर सवाल उठाया गया, तो पीएम बालेन शाह ने कहा कि इस विवाद को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा.

Advertisement
pic
31 मई 2026 (पब्लिश्ड: 09:45 PM IST)
balen shah says Nepal has encroached on India land
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह. (फाइल फोटो: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में बोलते हुए कहा कि सिर्फ भारत ने नेपाली इलाकों पर कब्जा नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी भारतीय इलाकों पर कब्जा किया है. जब सांसदों ने लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा के पुराने विवादित मुद्दों पर सवाल उठाया तो पीएम शाह ने कहा कि इस विवाद को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा. नेपाली अखबार काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार, 31 मई को संसद में श्रम संस्कृति पार्टी ‘के. आरेन राय’ के एक सवाल का जवाब देते हुए बालेन शाह ने कहा, 

"प्रधानमंत्री बनने के बाद मुझे पता चला कि न केवल भारत ने नेपाल की जमीन पर अतिक्रमण किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की जमीन पर अतिक्रमण किया है. दोनों पक्षों को बैठकर इस मामले पर विचार करना चाहिए."

हालांकि, नेपाल के पीएम शाह ने किसी खास जगह का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि दोनों तरफ से बॉर्डर का उल्लंघन हुआ है.

'बातचीत के जरिए निकलेगा समाधान'

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) की नेता पद्मा अर्याल ने लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी से जुड़ा सवाल पूछा. इसके जवाब में बालेन शाह ने कहा कि इन विवादों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा. उन्होंने बताया कि नेपाल पहले ही भारत को एक आधिकारिक कूटनीतिक नोट भेज चुका है और उसका जवाब भी मिल चुका है. बालेन शाह ने कहा, 

“जवाब में कहा गया है कि दोनों सरकारें इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और उस क्षेत्र से परिचित विशेषज्ञों की टीमें बनाएंगी और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करेंगी.”

ये भी पढ़ें: कौन हैं बालेन शाह जो नेपाल में Gen Z की आवाज बन गए हैं?

उन्होंने आगे कहा कि नेपाल ने सीमा विवाद के संबंध में चीन और ब्रिटेन के साथ भी कूटनीतिक बातचीत की है. शाह ने कहा, 

"हमने न केवल भारत और चीन से, बल्कि ब्रिटिश सरकार से भी बात की है. हमारा मानना ​​है कि यूके को भी इसमें दिलचस्पी लेनी चाहिए, क्योंकि यह मुद्दा उस समय का है जब ब्रिटिश भारत ने इस क्षेत्र को छोड़ा था."

कालापानी-लिपुलेख विवाद भारत और नेपाल के बीच का एक पुराना सीमा विवाद है. यह मुख्य रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित एक पहाड़ी इलाके को लेकर है.

वीडियो: मानसरोवर यात्रा पर नेपाल ने जताया विरोध, भारत ने क्या जवाब दिया?

Advertisement

Advertisement

()