बालाकोट: जैश-ए-मुहम्मद के जिस मदरसे पर भारत ने हमला किया, उसमें पढ़ने वाले लड़के ने क्या बताया?
पाकिस्तानी आर्मी को पता चल गया था कि यहां हमला हो सकता है!
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
25-26 फरवरी के बीच की रात, 2019. रात के करीब साढ़े तीन बजे इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने बालाकोट में हवाई हमला किया. मुख्य टारगेट था इस इलाके में चल रहा 'तालीम-अल-क़ुरान' मदरसा. ये मौलाना मसूद अज़हर के आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद का मदरसा है. हमले के कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तानी आर्मी ने ये मदरसा खाली करवा लिया. यहां से लोगों को निकाल कर एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया.
पाकिस्तानी सेना को भनक थी, मदरसे पर हमला हो सकता है
इंडियन एक्सप्रेस में निरुपमा सुब्रमण्यन की रिपोर्ट छपी है. अखबार का कहना है कि उन्हें जैश के मदरसे में पढ़ने वाले एक छात्र के रिश्तेदार से ये बात मालूम चली. जिस समय की ये घटना है, उस वक़्त वो छात्र मदरसे में मौजूद था. ये खबर जैश के उस मदरसे के अंदर से आया पहला फर्स्ट-हैंड अकाउंट है. इसके मुताबिक, हमले के करीब एक हफ़्ते पहले से पाकिस्तानी सेना इस मदरसे की हिफ़ाजत में तैनात थी. उन्हें हमले का अंदेशा था. इंडियन एक्सप्रेस के सोर्स का कहना है कि इस मदरसे की तस्वीरें लीक हो गई थीं. अंदेशे की यही वजह थी.
26 फरवरी और उसके बाद के दिनों में क्या कुछ हुआ मदरसे में?
मदरसे में तालीम ले रहे स्टूडेंट के हवाले से उसके रिश्तेदार ने जो घटनाक्रम बताया, वो यूं है-
बालाकोट में आतंकियों के मरने के आंकड़े पर आया पीएम मोदी और राहुल गांधी का जवाब
26 फरवरी की तड़के सुबह का वक़्त था. बाहर अंधेरा ही था तब. वो (उस छात्र ने) और उसके साथ के स्टूडेंट मदरसे के एक कमरे में साथ सो रहे थे. यकायक एक तेज़ धमाके की आवाज़ से उन सबकी नींद खुली. आवाज़ कहीं पास से ही आई थी. सारे लोग घबराकर जगे. मगर उन्हें फिर कोई आवाज़ नहीं सुनाई दी. उन्हें लगा, उन्हें वहम हुआ होगा. या फिर भूकंप का कोई झटका आया होगा. ये सोचकर वो सब दोबारा सो गए. कुछ वक़्त बाद जब उनकी नींद खुली, तो उन्होंने देखा मदरसे के अंदर पाकिस्तानी आर्मी वाले हैं. आर्मी वाले इनसे मदरसा खाली करने को कह रहे थे. फौज़ी उनको किसी और जगह ले गए. कहां, ये मालूम नहीं. छात्रों को दो-तीन दिनों तक कहीं और महफूज़ रखा गया. मदरसे में काफी लोग थे. मगर सबने मदरसा खाली नहीं किया. उन सबका क्या हुआ, मालूम नहीं. धमाका कहां हुआ था, ये भी मालूम नहीं. दो-तीन बाद लड़कों से कहा गया कि वो फिलहाल अपने-अपने घर चले जाएं.पाकिस्तान ने जैश के उस मदरसे तक किसी को पहुंचने नहीं दिया है मदरसे के उस लड़के के रिश्तेदार का कहना है. कि लड़का वापस मदरसे को जाना चाहता है. जबकि बाकी परिवार चाहता है कि वो लौटकर वहां न जाए. शादी कर ले और घर पर ही रहे. हमले के बाद पाकिस्तान ने कहा कि भारत ने जंगल में बम गिराए. कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ किसी को. भारत के अटैक को बेअसर बताने पर जोर देते हुए पाकिस्तान की तरफ से कहा गया कि मीडिया को हमले वाली जगह पर ले जाने को तैयार हैं. मगर इतने दिन बीत जाने के बाद भी जैश के उस मदरसे तक किसी को जाने नहीं दिया गया है.
बालाकोट में आतंकियों के मरने के आंकड़े पर आया पीएम मोदी और राहुल गांधी का जवाब

