यूपी में भेड़ियों का आतंक, 35 दिनों में 7 बच्चों की ली जान, झुंड का खेत में भागते वीडियो वायरल
Bahraich Wolves Attack: भेड़ियों के आतंक से लोग इतने दहशत में हैं कि खेत नहीं जा पा रहे हैं. वो रात-रात भर जाग कर अपने बच्चों और परिवार की रखवाली कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का बहराइच ज़िला भेड़ियों के आतंक से परेशान है. ये आदमखोर भेड़िए बीते 35 दिनों में सात बच्चों की जान ले चुके हैं. आलम ये है कि स्थानीय विधायक सुरेश्वर सिंह भी हाथ में बंदूक लेकर रात में पहरा देते हुए नज़र आए. वन विभाग के ड्रोन कैमरे का एक वीडियो वायरल है, जिसमें भेड़ियों का झुंड भागता दिख रहा है. लोग इतने दहशत में हैं कि खेत नहीं जा पा रहे हैं. ग्रामीण रात-रात भर जाग कर अपने बच्चों और परिवार की रखवाली कर रहे हैं.
बहराइच में आदमखोर भेड़ियों का ये डर महसी तहसील के 25-30 गांवों में फैला हुआ है. ये गांव हरदी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं. आजतक की ख़बर के मुताबिक़, वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरे के ज़रिए इलाक़े की निगरानी करने में जुटे हैं. हालांकि, ये वीडियो इस इलाक़े से पकड़े गए तीन भेड़ियों को पकड़े जाने के पहले का बताया जा रहा है. बहरहाल, इसी ड्रोन कैमरे के सहारे वन विभाग को इन भेड़ियों को पकड़ने में मदद मिली है.
17 जुलाई से अब तक सात बच्चे इन भेड़ियों का निवाला बन चुके हैं. इसे लेकर ज़िला प्रशासन जन जागरूकता अभियान चला रहा है. वहीं, भेड़ियों को पकड़ने के लिए बहराइच, कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ, गोंडा, श्रावस्ती और बाराबंकी वन विभाग के DFO के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई हैं. 24 अगस्त को उत्तर प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक रेनू सिंह ने भी प्रभावित गांवों का दौरा किया था. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया था. वहीं, BJP विधायक सुरेश्वर सिंह हाथ में बंदूक लेकर रात में पहरा देते दिखे. इसका वीडियो भी सामने आया है.
बीबीसी हिंदी की ख़बर के मुताबिक़, इलाक़े में जुलाई महीने से अब तक भेड़िए 6 बच्चों समेत कुल 26 लोगों को घायल भी कर चुके हैं. 9 टीमें जांच में जुटी हुई हैं. साथ ही, 4 पिंजरे और 6 कैमरे लगाए गए हैं, जिससे ये भेड़िए पकड़े जा सकें. इनमें थर्मल ड्रोन भी शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने बीबीसी को बताया,
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी भेड़ियों के हमले होते थे. लेकिन तब उनके हमले इतने बड़े स्तर पर नहीं होते थे. स्थानीय लोग इस घटना से डरे हुए हैं. उनका कहना है कि हम रात भर जागते हैं और पहरा देते हैं. लेकिन सुनने में आता है कि किसी और गांव में भेड़ियों के हमले की घटना हो गई है.
जानकारों का कहना है कि इलाक़े में हर साल घाघरा नदी की वजह से बाढ़ आती है. इससे भेड़ियों की मांद में पानी भर जाता है. इसके चलते वो आबादी की तरफ़ बढ़ते हैं और ग़लती से इंसानों को निशाना बनाते हैं. हालांकि लंबे समय के बाद ये हो रहा है कि भेड़ियों ने इंसानों पर हमला करना शुरू किया है. इससे पहले 2020 में भी बहराइच से सटे इलाक़ों में भेड़ियों ने इसानों पर हमले किए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इन हमलों में 8 गांव के कम से कम 21 लोग जख्मी हुए थे.
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