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'जमीन कब्जा, हेट स्पीच, छुआछूत...' बागेश्वरधाम वाले धीरेंद्र शास्त्री के 5 बड़े विवाद

अपने भक्तों के अलावा धीरेंद्र शास्त्री अक्सर विवादों से भी घिरे रहते हैं.

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17 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 17 जनवरी 2023, 10:46 PM IST)
Dhirendra Shastri of Bagheshwar Dham
धीरेंद्र शास्त्री (फाइल फोटो: फेसबुक/bageshwardhamsarkarofficial)
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मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम (Bagheshwar Dham) है. काफी प्रसिद्ध है. बागेश्वर धाम के पीठाधीश हैं, धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri). ये भी काफी चर्चित हैं. सोशल मीडिया पर आए दिन इनके विवादित बयान वायरल होते हैं. विवादित बयानों के अलावा धीरेंद्र शास्त्री पर जमीन पर कब्जा करने से लेकर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के भी आरोप हैं. यहां हम धीरेंद्र शास्त्री से जुड़े 5 विवादों की जानकारी दे रहे हैं. शुरुआत करते हैं सबसे हालिया विवाद से.

धीरेंद्र शास्त्री पर ‘अंधविश्वास’ फैलाने का आरोप

हालिया विवाद धीरेंद्र शास्त्री पर कथा के नाम पर ‘अंधविश्वास’ और 'जादू-टोना' फैलाने के आरोप से जुड़ा है. महाराष्ट्र के नागपुर में एक 'श्रीराम चरित्र-चर्चा' आयोजित की गई थी. ये कथा 13 जनवरी तक चलनी थी, लेकिन कार्यक्रम दो दिन पहले यानी 11 जनवरी को ही संपन्न हो गया. ऐसा कहा गया कि महाराष्ट्र की अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति की ओर से दी गई चुनौती के कारण धीरेंद्र शास्त्री कार्यक्रम से भाग गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, समिति ने चुनौती दी थी कि अगर धीरेंद्र शास्त्री वाकई सबके बारे में बिना बताए जान लेते हैं, तो अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के सामने आएं. अगर वो जीत गए, तो उन्हें 30 लाख रुपये दिए जाएंगे. 

अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने धीरेंद्र शास्त्री पर ‘अंधविश्वास’ और 'जादू-टोना' फैलाने का आरोप लगाया. समिति के मुताबिक 'दिव्य दरबार' और 'प्रेत दरबार' की आड़ में धीरेंद्र शास्त्री 'जादू-टोना' करते हैं. देव-धर्म के नाम पर आम लोगों को लूटने, धोखाधड़ी और शोषण भी किया जा रहा है. समिति ने पुलिस से भी मांग की है कि धीरेंद्र शास्त्री पर कार्रवाई हो. कहा गया कि इसी वजह से धीरेंद्र शास्त्री को कार्यक्रम छोड़कर भागना पड़ा.

हालांकि, धीरेंद्र शास्त्री ने नागपुर से कथा छोड़कर जाने पर सफ़ाई दी है. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके गुरु जी के जन्मदिन की वजह से सभी जगहों की कथा से 2-2 दिन कम कर दिए गए हैं. इसीलिए नागपुर की कथा से भी 2 दिन कम किए गए. 

शाहरुख की फिल्म बायकॉट करने को कहा

धीरेंद्र शास्त्री का एक और विवादित वीडियो कुछ दिन पहले ही सामने आया था. उसमें धीरेंद्र शास्त्री, शाहरुख खान की पठान मूवी के बायकॉट की बात कह रहे थे. उन्होंने कहा था,

तुम्हें सौगंध है, पूरे भारत के लोगों को. तुम्हें शपथ है, जो सनातन का विरोध करे, चाहे वो नेता हो या अभिनेता हो. देखो तुम लोगों ने एक अभिनेता की फिल्म बायकॉट की थी, तो सारे कलावा बांधने लगे, तिलक लगाने लगे. मंदिर जाने लगे, वो भी जिनके नाम के पीछे K.H.A.N मतलब खान लिखा है. आज शपथ लो, दोनों हाथ उठाकर ऐसे लोगों की फिल्म नहीं देखोगे.

धार्मिक आधार पर भड़काने का आरोप

अप्रैल, 2022 में एक धीरेंद्र शास्त्री का एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें धीरेंद्र शास्त्री हिंदू समुदाय के लोगों को भड़काने की कोशिश करते देखे गए थे. वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री आक्रामक भाषा में हिंदुओं से बुलडोज़र ख़रीदने को बोल रहे थे. हथियार उठाने को कह रहे थे. और भी बहुत कुछ बोले थे.

जो तुम्हारे घर पर पत्थर फेंके, उसके घर JCB लेकर चलो, क्योंकि भारत सनातनियों का है. अगर सनातनियों के देश में राम की यात्रा पर रामनवमी पर कोई पत्थर मारे... बुजदिलों, कायरों जग जाओ. सब हिंदुओं अपने हाथ में हथियार उठा लो और कह दो हम सब हिंदू एक हैं.

वीडियो मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में हुई कथा का था.

छुआछूत को बढ़ावा देने का आरोप 

मई, 2022 में धीरेंद्र शास्त्री का एक और वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो उनके 'अछूत' शब्द बोलने से जुड़ा था. वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री किसी शख्स को पास बुला रहे थे. जब उस शख्स ने उनके पैर छूने की कोशिश की तो धीरेंद्र शास्त्री उसे रोक देते हैं. वीडियो में 25 सेकेंड तक का हिस्सा वायरल हुआ. इस हिस्से में धीरेंद्र शास्त्री कहते हैं,

आइए आप हैं जीवन… आइए, आइए. बस-बस छूना नहीं हमें अछूत आदमी हैं हम.

थोड़ी ही देर में धीरेंद्र शास्त्री के सहयोगी ने शख्स को शास्त्री से थोड़ा दूर कर दिया था. इस वीडियो को शेयर कर लोगों ने धीरेंद्र शास्त्री पर छुआछूत को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था.

वीडियो वायरल होने के साथ #ArrestDhirendraShastri भी ट्विटर पर ट्रेंड हो गया था. कई लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री ने उस शख्स को ही ‘अछूत’ बोला.

इसके बाद बागेश्वर धाम सरकार (ऑफिशियल) नाम से चलने वाले ट्विटर हैंडल पर सफ़ाई भी आई थी. इसमें बताया गया था कि एडिटेड वीडियो को डालकर भ्रामक प्रचार किया गया. अछूत कहकर धीरेंद्र शास्त्री ने ख़ुद को ही संबोधित किया था.

जमीन कब्जाने का आरोप

धीरेंद्र शास्त्री और उनके सेवादारों पर बागेश्वर धाम के आसपास की निजी और सरकारी ज़मीनों पर कब्जा करने का आरोप है. दैनिक भास्कर के संतोष सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और उनके सेवादार इलाके के तालाब को पाटकर दुकान बनवा रहे हैं. निर्माण का काम जोरों से चालू है.

अपनी रिपोर्ट में संतोष सिंह लिखते हैं कि बागेश्वर धाम के पास सरकारी जमीन पर 12 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन बना है, जिसे गांव की पंचायत ने अपनी निधि से बनवाया था. अब इस पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कब्जा है. इस भवन को लेकर गांव के लोगों ने कोई विरोध नहीं दर्ज कराया. धीरेंद्र शास्त्री के प्रभाव के चलते कोई आवाज उठाने की हिम्मत तक नहीं करता.

वीडियो: बागेश्वर धाम सरकार को किसने दी खुली चुनौती? बवाल पर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?

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