बदायूं गैंगरेप मामले में महिला आयोग की सदस्य ने गैंगरेप पीड़िता को ही दोषी ठहरा दिया
ऐसा बयान कि महिला आयोग की चेयरपर्सन ही इस बात से मुकर गयीं.
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राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी (तस्वीर: ncw.nic.in)
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राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी बदायूं गैंगरेप पीड़ित के परिजनों से मिलने गई. परिवार के लोगों से मिलने के बाद उन्होंने एक विवादित बयान दे दिया है. कहा कि पीड़ित महिला अगर शाम के वक्त नहीं गई होती या उसके साथ परिवार का कोई बच्चा साथ में होता तो शायद ऐसी घटना नहीं घटती. परिवार के लोगों से मिलने के बाद चंद्रमुखी ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
इन मामलों को लेकर सरकार बहुत सख्त है लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं हो जा रहीं हैं. और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे दुखद है. मैं पुलिस की भूमिका से संतुष्ट नहीं हूं. ये बहुत वीभत्स घटना है. पूरा परिवार उस महिला पर आश्रित था. ये मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है. लेकिन इसके साथ एक बात और कहना चाहती हूं. मैं बार-बार महिलाओं से कहती हूं कि कभी भी किसी के प्रभाव में महिला को समय-असमय नहीं पहुंचना चाहिए. सोचती हूं अगर शाम के समय वो महिला नहीं गई होती या परिवार का कोई बच्चा उसके साथ में होता तो शायद ऐसी घटना ही नहीं.चंद्रमुखी के इस बयान को सोशल मीडिया यूजर्स ने आड़े हाथों लिया है. लोगों ने कहा है कि ऐसी सोच रखनी वाली चंद्रमुखी राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य कैसे हो सकती है. कई लोगों ने उन्हें माफ़ी मांगने की सलाह दी तो कइयों ने कहा कि उन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य से हटा दिया जाना चाहिए. मामले को लेकर फ़िल्म मेकर पूजा भट्ट के एक सवाल को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने ट्वीट कर कहा,
नहीं, मुझे नहीं पता. मुझे नहीं मालूम कि उन्होंने क्यों और कैसे यह कहा है लेकिन महिलाओं को ये अधिकार है कि वह जब जहां जाना चाहें जा सकती हैं. यह समाज और सरकार की ड्यूटी है कि वे महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाएं.
कौन हैं चंद्रमुखी देवी? चंद्रमुखी देवी 26 नवंबर 2018 से राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य हैं. 2011-2014 तक वह बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रह चुकी हैं. चंद्रमुखी 1995 में हुए अविभाजित बिहार के विधानसभा चुनाव में खगड़िया सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पटना पहुंची थी. इसी साल उन्हें महिला और बाल विकास समिति के लिए नामित किया गया था. चंद्रमुखी 1988 के बाद से लगातार कई महिलाओं से संबंधित संगठनों के साथ जुड़ी रही हैं. बदायूं गैंगरेप का क्या मामला है? 3 जनवरी को बदायूं जिले में 50 साल की महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई. उनके प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज डालने की कोशिश की गई. उनके शरीर पर कई और जगह गंभीर चोट के निशान मिले. मामले को लेकर पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं. तीन आरोपियों में एक मंदिर का पुजारी भी है. दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण अभी भी फरार है. गिरफ्तार हुए आरोपियों के नाम वेदराम और सत्यपाल हैं. वेदराम, महंत का चेला है और सत्यपाल ड्राइवर. फरार मुख्य आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है उसकी तलाश में 4 टीमों को लगाया गया है. डीएम ने कहा है कि सभी आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जाएगा. वहीं मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी.No I don't..I don't know how and why the member has said this but women have all the right move on their will whenever and wherever they want to. It's society and state's duty to make places safe for women. https://t.co/WlG2DWs20G
— Rekha Sharma (@sharmarekha) January 7, 2021

