नोट हटाने का प्लान बाबा रामदेव ने बनाया था!
काले धन पर रामदेव बहुत दिन से खफा हैं.
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फोटो - thelallantop
कल जब अचानक से प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का ऐलान किया तो कुछ देर तक किसी को समझ ही नहीं आया. मतलब किसी ने ऐसा सोचा ही नहीं था. कुछ देर के बाद मामला खुलना शुरू हुआ कि ये सब भ्रष्टाचार से लड़ने के लिये किया गया है. पर ताज्जुब की बात है कि अपने को तीसमार खां समझने वाले लोगों को भी इस बात की भनक तक नहीं लगी थी.
पर एक आदमी ने 6 साल पहले इस बात पर जोर दिया था. डिट्टो यही मांग की थी कि 500 और 1000 के नोटों को सरकार बैन करे. अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है तो.
ये थे बाबा रामदेव. मई 2010 में ही आवाज उठाना शुरू कर दिये थे कि ये सारे नोट हटाइये मार्केट से. क्योंकि घूसखोरी में यही नोट सबसे ज्यादा चलते हैं. उस समय की सरकार ने इस चीज को मजाक समझा था. पर 6 साल बाद वो बात सच हो गई.
2012 में दिल्ली के रामलीला मैदान में बैठकर भी रामदेव ने अपनी मांग दुहराई थी. पर इसे भी मजाक ही माना गया था. लोग कहने लगे थे कि ऐसा कैसे हो सकता है. जनता परेशान हो जाएगी. पर ऐसा हुआ है गुरु. बाबा रामदेव तो मूंछ ऐंठ रहे हैं. कि हम तो पहले ही कहे थे. आगे से बाबा कुछ बोलें तो सीरियसली लेना है.
https://www.youtube.com/watch?v=PkNi1X30Dug
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