आपने गाना सुना होगा, बावरा मन देखने चला एक सपना. उसका नया कवर वर्जन आया है.'बावरा मन..' लिखने और गाने वाले स्वानंद किरकिरे ने खुद फेसबुक पर शेयर कर बतायाहै. गाया है श्रद्धा हटंगणी मेहता ने. [facebook_embedded_posthref="https://www.facebook.com/swanand.kirkire1/posts/10153197526812213"] 2003में सुधीर मिश्रा की फिल्म आई थी. 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' उसी के लिए स्वानंदकिरकिरे ने पहली बार गाना लिखा और गाया था .https://www.youtube.com/watch?v=a-gC9HrUWAE इसका दूसरा वर्जन देखने को मिला. जबप्रीतिश नंदी ने शुभा मुद्गल के साथ इस गाने का फीमेल वर्जन हमारे सामने परोसा. वोये रहा उसे भी सुनिए. https://www.youtube.com/watch?v=8Ky2istP1aM , "बावरा मनदेखने चला एक सपना बावरे से मन की देखो बावरी हैं बातें बावरी से धड़कने हैं, बावरीहैं सांसे बावरी सी करवटों से, निंदिया दूर भागे बावरे से नैन चाहे, बावरे झरोखोंसे, बावरे नजारों को तकना बावरा मन देखने चला एक सपना बावरे से इस जहां मैं बावराएक साथ हो इस सयानी भीड़ मैं बस हाथों में तेरा हाथ हो बावरी सी धुन हो कोई, बावराएक राग हो बावरे से पैर चाहें, बावरें तरानो के, बावरे से बोल पे थिरकना बावरा मनदेखने चला एक सपना बावरा सा हो अंधेरा, बावरी खामोशियां थरथराती लौ हो मद्धम, बावरीमदहोशियां बावरा एक घुंघटा चाहे, हौले हौले बिन बताये, बावरे से मुखड़े से सरकनाबावरा मन देखने चला एक सपना"