The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Ayushman Bharat CAG audit 6.97 crore rupees spend on treatment for dead patients under PMJAY

"मरे हुए मरीजों पर 7 करोड़ खर्च"- CAG ने आयुष्मान योजना पर अब क्या खुलासा कर दिया?

आयुष्मान योजना में CAG को क्या-क्या अनियमितताएं मिली हैं?

Advertisement
pic
16 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 16 अगस्त 2023, 01:00 PM IST)
CAG said 6.97 crore spend on treatment for dead patients under PMJAY
CAG ने आयुषमान योजना में पाईं अनियमितताएं, कहा 6.97 करोड़ रुपये मृत मरीजों पर खर्च. (फोटो क्रेडिट - इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Yojna) में मृत घोषित किए जा चुके लोगों पर 6.97 करोड़ रुपये खर्च किए गए. CAG ने ऐसे  3,446 लोगों का जिक्र किया है. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) केंद्र सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है.  

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, CAG ने PMJAY के ऑडिट में कई अनियमितताएं पाई हैं. ये योजना 2018 में शुरू हुई थी. इसे आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए शुरू किया गया था.

CAG ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में बताया कि जिन मरीजों को पहले से ही TMS (ट्रांज़ेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ द स्कीम) में मृत दिखाया गया है, उन्हें योजना का लाभ दिया जाता रहा. CAG ने इसे 'उस मरीज का इलाज जिसे पहले ही इलाज के दौरान मृत घोषित किया जा चुका है' नाम दिया है.

केरल में सबसे ज्यादा खर्च

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, करीब 3,446 मरीजों पर ऐसे 3,903 दावे थे. इन पर देश भर के अस्पतालों को 6.97 करोड़ रुपये दिए गए. इसमें केरल के मरीजों की संख्या सबसे ज़्यादा है. यहां 966 मरीजों के लिए 2,60,09,723 रुपये जमा किए गए. इसके बाद मध्य प्रदेश में ऐसे 403 मृत मरीजों के इलाज के लिए 1,12,69,664 रुपये दिए गए. इसके बाद छत्तीसगढ़ में 365 मृत मरीजों के लिए 33,70,985 रुपये जमा किए गए.

CAG ने इसे लेकर जुलाई 2020 में एक डेस्क ऑडिट किया था. इसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) को बताया था कि TMS पहले मृत दिखाए जा चुके मरीजों की भी प्री-ऑथराइज़ेशन की इजाज़त दे रहा है.

NHA ने ऑडिट को स्वीकारते हुए कहा था कि 22 अप्रैल 2020 से इसके लिए ज़रूरी कदम उठाए गए हैं. जांच करने के बाद TMS में बदलाव किए गए हैं. अब इस स्कीम के तहत किसी मृत मरीज की PMJAY-ID से कोई और लाभ नहीं उठा पाएगा.

इसके बाद CAG ने फिर शिकायत की थी कि इसका पालन नहीं किया जा रहा है. इस पर NHA ने अगस्त 2022 में कहा था कई कारणों के चलते TMS में पुरानी तारीखों में एंट्री करने की मंजूरी है. CAG इस जवाब से खुश नहीं था. उसकी तरफ से कहा गया था कि इस दावे में कई खामियां हैं. इससे कई स्तर पर योजना का गलत इस्तेमाल हो सकता है.

वीडियो: पेंशन फंड से केंद्र सरकार ने करोड़ों की ‘हेराफेरी’ कर दी, CAG की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है

Advertisement

Advertisement

()