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अयोध्या में राम जन्मभूमि में काम करने वाली लड़की के साथ गैंगरेप, थाने गई तो पुलिस बोली- 'झूठ है'

राम जन्मभूमि परिसर में काम करने वाली दलित लड़की का आरोप है कि जिस लड़के के साथ वो रिलेशन में थी, उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कई बार उसका गैंगरेप किया. लड़की ने अयोध्या के कैंट थाने की पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

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सुरभि गुप्ता
| बनबीर सिंह
15 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 15 सितंबर 2024, 09:13 PM IST)
Ayodhya alleged gangrape
अयोध्या पुलिस ने बताया है कि दो हफ्ते पहले सामने आए इस मामले में 5 आरोपी पकड़े गए हैं. (फोटो: आजतक)
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या से एक कथित गैंगरेप का मामला सामने आया है. एक दलित लड़की का आरोप है कि उसके एक दोस्त, जिसके साथ वो रिलेशन में थी, उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कई बार उसका गैंगरेप किया. इतना ही नहीं, लड़की का ये भी आरोप है कि जब वो शिकायत करने थाने गई, तो वहां पुलिस ने उसकी बातों को 'झूठ' बताया. उसे और उसके घरवालों को कथित तौर पर ‘बदनामी’ की बात कह कर केस न दर्ज कराने को कहा. पैसों का भी लालच दिया. लड़की के मुताबिक काफी जद्दोजहद के बाद उसका केस दर्ज हुआ. वहीं अयोध्या पुलिस ने बताया है कि दो हफ्ते पहले सामने आए इस मामले में 5 आरोपी पकड़े गए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है.

इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. आरोपियों के नाम शारिक, विनय, शिवा, उदित, सत्यम हैं और दो अज्ञात व्यक्ति हैं. पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों के अलावा मामले में 2 बाल अपचारियों के भी नाम हैं.

लड़की का आरोप- ब्लैकमेल कर कई बार किया गैंगरेप

पुलिस को दिए गए एप्लिकेशन में कहा गया है कि लड़की अपने एक दोस्त के साथ रिलेशन में थी. आरोप है कि लड़की के उसी दोस्त ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसका गैंगरेप किया. लड़की का ये भी आरोप है कि उन लोगों ने वीडियो भी बनाया. वीडियो के जरिए आरोपी लड़की को ब्लैकमेल करते थे. आरोप ये भी है उन लोगों ने कई बार अलग-अलग दिन अलग-अलग जगह ले जाकर लड़की का गैंगरेप किया. 

लड़की ने कहा,

"मैं श्री राम जन्मभूमि पर काम करती हूं. इस घटना के तहत फिलहाल मेरा काम छूट गया है. ये घटना अंगूरी बाग गोकुल गेस्ट हाउस में हुई. एक लड़का मेरा दोस्त था. इसी साल वो मेरे साथ रिलेशन में भी आया. उसने चार लड़कों को बुलाकर मेरे साथ जबरदस्ती सबकुछ किया. मैंने वहां से भागने की भी कोशिश की, लेकिन सिर पर चोट लगने की वजह से मैं बेहोश हो गई. उसके बाद उन लोगों ने मेरे साथ गलत काम किया. शाम को जब होश आया, तो मुझे गेस्ट हाउस से निकालकर गैराज ले जाया गया. वहां पर भी मेरे साथ दुष्कर्म किया गया. वो लोग वीडियो बनाकर रखे थे. वो लोग मुझे ब्लैकमेल कर अपने पास बार-बार बुला रहे थे. डर के कारण मैंने न पुलिस को बताया और न ही घर पर बताया."

लड़की के मुताबिक आरोपियों ने अगस्त के महीने में बार-बार गैंगरेप किया. लड़की ने बताया,

“28 तारीख को मैं अपना एप्लिकेशन महिला थाने पर देने जा रही थी, तो वहां पर उन लोगों ने फोन करके मुझे डराया-धमकाया. कहा कि अगर ऐसा करोगी तो जो तुम्हारे साथ हुआ है, वही तुम्हारी बहनों के साथ भी करेंगे. तुम्हारे घरवालों के लिए भी अच्छा नहीं होगा. इसलिए मैं डर की वजह से चली आई.”

लड़की के मुताबिक बाद में जब वो महिला थाने गई, तो वहां पर उसकी बातों को 'झूठ' बताया गया और जांच करने की बात कही गई. लड़की ने कहा कहा कि उसने 2 सितंबर की सुबह तक इंतजार किया, फिर SSP से संपर्क किया. इसके बाद 2 सितंबर की रात 9 बजे उसका केस दर्ज हुआ. लड़की का ये भी आरोप है कि उसको और उसके परिवार को बदनामी का डर दिखाते हुए मुकदमा नहीं दर्ज कराने को कहा गया था. परिवार को पैसे दिलाने और मामला रफा-दफा करने के लिए ‘धमकाया’ गया था. 

पुलिस क्या कह रही है?

अयोध्या के SSP राज करन नय्यर ने बताया कि ये मामला 2 सितंबर का है. इसके संबंध में मुकदमा रजिस्टर करने के बाद पीड़िता का न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने 3 सितंबर को बयान कराया गया था. उन्होंने बताया कि इस मामले के आरोपियों और बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह और न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

अयोध्या के SSP राज करन नय्यर ने बताया,

“2 सितंबर को पीड़िता द्वारा थाना कैंट पर तहरीर दी गई थी. इसमें उसके द्वारा अपने पूर्व परिचित मित्र व उनके साथियों के ऊपर कई तारीखों पर जब वो अपने पूर्व परिचित मित्र से मिलने गई थीं, तब उसके और उसके साथियों द्वारा दुराचार और शील भंग के आरोप का प्रार्थना पत्र दिया गया था. इसका मुकदमा रजिस्टर करते हुए पीड़िता का न्यायियक मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराया गया.”

SSP ने आगे कहा,

“इसमें 2 बाल अपचारी और 1 आरोपी के खिलाफ दुराचार और अन्य लोगों के खिलाफ शीलभंग का आरोप लगाया गया था. इस संबंध में शारिक और दोनों बाल अपचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत और बाल सुधार गृह भेजा गया. केस में जिन पर आरोप लगाया था उनमें विनय पासी, शिवा सोनकर, उदित सिंह, सत्यम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.”

पुलिस के मुताबिक इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. वहीं लड़की ने कैंट थाने की पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, उस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.

वीडियो: महू गैंगरेप और लूट के आरोपी पकड़े गए, कांग्रेस का दावा- आरोपियों का BJP से कनेक्शन

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