टिम पेन ने अगले मैच में ऑस्ट्रेलिया की हार का बहाना अभी से बता दिया है
सिडनी की पिच के बारे में सुनकर टिम पेन सुन्न हो गए हैं.
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कप्तान टिम पेन को समझ ही नहीं आ रहा है कि वो सीरीज हारने से कैसे बचें.
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ऑस्ट्रेलिया की पिचें इंडिया को हमेशा से परेशान करती रही है. ये बात इंडिया की कई जनरेशन्स देख और सुन चुकी हैं कि ऑस्ट्रेलिया में पिचें इंडिया के लिए अझेल होती हैं. उनका उछाल, उनकी स्पीड और उनकी हरियाली इंडिया को हर सीरीज में हार की ओर ले जाती रही है. मगर इस बार की टीम इंडिया ने वो कर दिया जो हर बार ऑस्ट्रेलिया करती थी. यानी इंडिया ने एडिलेड और मेलबर्न में मैच अपनी गेंदबाजी से जीते.
अब मेलबर्न में मैच हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान टिम पेन ने पिच क्यूरेटर हार के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया. पेन ने कहा, "इस सीरीज में पिचें ऐसी बनाई गईं जिससे घरेलू टीम की वजाए इंडिया को मदद मिली. हमारी टीम की मजबूती पिच से पेस और बाउंस पर टिकी होती है, मगर यहां पिचों से इंडिया को फायदा हुआ. जब हम लोग इंडिया जाते हैं तो वहां हमें कभी भी ग्रीन विकेट नहीं दी जाती हैं. वो यहां आए तो हमने उन्हें उनको मदद करने वाली पिचें तैयार करके दे दीं. अब सिडनी में देखते हैं कि पिच ऑस्ट्रेलिया को मदद करने वाली मिलती है या नहीं."
टिम पेन ने ये तो कह दिया कि इंडिया को पिचों से मदद मिली. मगर ये नहीं कहा कि इंडिया ने अब ऑस्ट्रेलिया में अभी तक अपनी कमजोर रही पेस बॉलिंग को अपनी मजबूती बना लिया है. जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी की तिकड़ ने इस पूरी सीरीज में जबरदस्त गेंदबाजी की है. जो काम ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क से करने की उम्मीद थी, वो जसप्रीत बुमराह ने कर दिया. तो यहां टिम पेन को ये समझने की जरूरत है कि टीम इंडिया ने पिचों की बदौलत मैच नहीं जीते हैं, ये मुश्किल मौकों पर टिके रहने और पेशंस की जीत है.
अब मुकाबला 3 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर है और ये सीरीज का निर्णायक मैच है. जब से टिम पेन को ये खबर लगी है कि सिडनी की पिच भी ड्राई और लो होगी, कप्तान के होश उड़ गए हैं. इस सीजन में सिडनी के मैदान पर खूब रन बने हैं. हाल ही में यहां तीन जेएलटी शैफील्ड शील्ड मैच हुए जहां 8 शतक, एक 99 रनों की पारी और 13 हाफ सेंचुरी बनीं. इसके अलावा पिछले महीने जब इंडिया ने यहां एक वॉर्म अप मैच खेला था तब भी रनों की खूब बरसात हुई थी. इंडिया के छह बल्लेबाजों ने यहां हाफ सेंचुरी बनाईं थी. ऐसे में टिम पेन ये सोच सोच कर परेशान हैं कि आखिरी मैच में इंडिया रनों का पहाड़ खड़ा कर ऑस्ट्रेलिया को पटक देगी और ये सीरीज 3-1 से जीत जाएगी.

टिम पेन ने ये तो कह दिया कि इंडिया को पिचों से मदद मिली. मगर ये नहीं कहा कि इंडिया ने अब ऑस्ट्रेलिया में अभी तक अपनी कमजोर रही पेस बॉलिंग को अपनी मजबूती बना लिया है. जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी की तिकड़ ने इस पूरी सीरीज में जबरदस्त गेंदबाजी की है. जो काम ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क से करने की उम्मीद थी, वो जसप्रीत बुमराह ने कर दिया. तो यहां टिम पेन को ये समझने की जरूरत है कि टीम इंडिया ने पिचों की बदौलत मैच नहीं जीते हैं, ये मुश्किल मौकों पर टिके रहने और पेशंस की जीत है.
अब मुकाबला 3 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर है और ये सीरीज का निर्णायक मैच है. जब से टिम पेन को ये खबर लगी है कि सिडनी की पिच भी ड्राई और लो होगी, कप्तान के होश उड़ गए हैं. इस सीजन में सिडनी के मैदान पर खूब रन बने हैं. हाल ही में यहां तीन जेएलटी शैफील्ड शील्ड मैच हुए जहां 8 शतक, एक 99 रनों की पारी और 13 हाफ सेंचुरी बनीं. इसके अलावा पिछले महीने जब इंडिया ने यहां एक वॉर्म अप मैच खेला था तब भी रनों की खूब बरसात हुई थी. इंडिया के छह बल्लेबाजों ने यहां हाफ सेंचुरी बनाईं थी. ऐसे में टिम पेन ये सोच सोच कर परेशान हैं कि आखिरी मैच में इंडिया रनों का पहाड़ खड़ा कर ऑस्ट्रेलिया को पटक देगी और ये सीरीज 3-1 से जीत जाएगी.
The co-captains leading the Aussie side in the handshakes after India claim a great Test win #AUSvIND pic.twitter.com/ZVwD3LY6uP
— cricket.com.au (@cricketcomau) December 30, 2018


