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गणेश को मेमने का मीट खाते दिखाना इस विज्ञापन की सबसे बड़ी गलती है

एक टेबल पर बैठे अलग-अलग धर्मों के भगवान मेमने के मीट की मार्केटिंग कर रहे हैं.

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6 सितंबर 2017 (अपडेटेड: 6 सितंबर 2017, 08:17 AM IST)
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ऑस्ट्रेलिया में बने विज्ञापन में गणेश को मेमने का मीट बेचते हुए दिखाया गया है. (वीडियोग्रैब)
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एक अख़बार में हेयर डिज़ाइनर जावेद हबीब के सैलून का विज्ञापन छपा, जिसमें दिखाया गया कि हिंदू देवी देवता उनके पार्लर में सज संवर रहे हैं. विज्ञापन को टैग लाइन दी गई कि हमारे यहां भगवान भी आते हैं. इस विज्ञापन का सोशल मीडिया पर विरोध होने लगा, कहा जाने लगा कि ये देवी देवताओं का अपमान है. समझ ये नहीं आया कि श्रृंगार करते हुए कैसे अपमान हो गया. खैर एक और विज्ञापन आया है, जिसका विरोध होने लगा है, लेकिन ये विज्ञापन इंडिया का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया का है. जिसमें हिंदू देवता गणेश मेमने का मीट खाते हुए दिखाए गए हैं. न सिर्फ खाते हुए बल्कि बेचते हुए भी दिखाए गए हैं.
ये विज्ञापन मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया की ओर से जारी किया गया है.
ये विज्ञापन मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया की ओर से जारी किया गया है.

ऑस्ट्रेलिया में हिन्दू समुदाय ने इस विज्ञापन को वापस लेने की मांग की है. इस विज्ञापन में सिर्फ गणेश जी को ही नहीं दिखाया गया है. वीडियो में एक खाने की टेबल है, जिसपर बैठे हैं कई सारे धर्मों के भगवान. ये सब डिनर कर रहे हैं. खाने में है मेमने का मीट. इस डिनर में यीशु, बुद्ध के अलावा थोर और ज़ीयुस भी शामिल हैं. ज़ीयुस ग्रीक गॉड है. और थोर नॉर्स का भगवान है. जब खाने के दौरान थोर और ज़ीयुस पूछते हैं कि डिनर में मुहम्मद साहब नज़र नहीं आ रहे तो तभी एक मोबाइल की रिंग बजती है. लड़की फोन रिसीव करती है. फिर बताती है कि मुहम्मद साहब का फ़ोन था. बोल रहे हैं कि खाना जारी रखिए.
वीडियो में बुद्धा भी शामिल हैं, जो मीट और शराब का सेवन करते दिखाए गए हैं.
वीडियो में बुद्धा भी शामिल हैं, जो मीट और शराब का सेवन करते दिखाए गए हैं.

विज्ञापन में दिखाया जाता है कि एक मेमना ही है जो सभी को एक साथ ला देता है. विज्ञापन की टैग लाइन 'द मीट वी कैन ऑल ईट.' यानी वह मीट जिसे हम सभी खा सकते हैं.
एमएलए समूह के मार्केटिंग मैनेजर एंड्रयू होवी का कहना है कि ‘यू नेवर लैंब अलोन’ के बैनर तले यह अभियान चल रहा है. इसमें बताया गया है कि आप किसी भी धर्म को मानने वाले हों, चाहे जो आपका पृष्ठभूमि हो, लेकिन इस मीट के लिए सब एक हो जाते हैं. मेमने का मांस कई दशकों से लोगों को जोड़ता रहा है और यह मॉडर्न बारबेक्यू है. हमारी मार्केटिंग का टारगेट ये है कि अलग-अलग मजहबों तक इसे पहुंचाना.
भगवान कहते हैं, 'मेमने के मांस को हम सभी खा सकते हैं.' खाने की टेबल पर धर्मों को नहीं लाना चाहिए. मैसेज अच्छा था, लेकिन विवाद इसमें ये है कि गणेश तो वेजेटेरियन हैं. न वो शराब पीते हैं और न मांस खाते हैं. ऐसे में उनको मीट खाते दिखाना तो झूठ बोलना होगा कि वो मांस खा रहे हैं. झूठ इसलिए है क्योंकि गणेश का सिर तो हाथी का है. साइंस के मुताबिक हाथी वेजेटेरियन होता है. फिर वो मीट कैसे खा सकता है.
गणेश के बराबर में बैठे यीशु समेत सभी भगवन ये कहते हैं कि हम मेमना खा सकते हैं.
गणेश के बराबर में बैठे यीशु समेत सभी भगवान ये कहते हैं कि हम मेमना खा सकते हैं.

जब इंडिया में बीफ बैन का मुद्दा चरम पर था तब ऋषि कपूर ने भी कहा था, 'मैं नाराज हूं. धर्म को खाने के साथ क्यों जोड़ते हो? मैं गौमांस खाने वाला हिंदू हूं. क्या इसका मतलब यह है कि मुझे एक शाकाहारी व्यक्ति की तुलना में भगवान का डर कम है.' ऋषि कपूर भी ये ही बात कहना चाहते थे जो इस विज्ञापन में दिखाई गई है.
देखने में ये अच्छा लगता है कि सब भगवान एक साथ एक टेबल पर हैं. और सबको मिलजुलकर रहना चाहिए. खाने में धर्मों को नहीं लाना चाहिए, लेकिन जिस तरह से मुहम्मद साहब की उपस्थिति को दिखाया गया कि वो सामने नहीं आए बल्कि फोन आया, क्योंकि मुहम्मद साहब की तस्वीर नहीं है. वैसे ही बाकी धर्मों का भी ख्याल रखना चाहिए था.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई मानक ब्यूरो के संज्ञान में लाया जा चुका है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई मानक ब्यूरो के संज्ञान में लाया जा चुका है.

ये विज्ञापन मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया (एमएलए) की ओर से जारी किया गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ‘ऑस्ट्रेलियन स्टैंडर्ड्स ब्यूरो’ के संज्ञान में लाया जा चुका है. ये ब्यूरो ऑस्ट्रेलिया में इस तरह के ऐड कंटेंट पर नजर रखता है. बताया जा रहा है कि विरोध होने पर ब्यूरो इसकी जांच कर रहा है.

वीडियो देखिए


इंडियन सोसाइटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता नितिन वशिष्ठ ने विज्ञापन को असंवेदनशील बताया है. एबीसी न्यूज के मुताबिक वशिष्ठ ने कहा, 'उन्हें मेमने का मांस खाते हुए और अपने लिए नयी मार्केटिंग पॉलिसी पर विचार करते हुए दिखाया गया है. समुदाय के लिहाज से वह बहुत असंवेदनशील है.'



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