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यूपी: टीचर की पिटाई के बाद गई दलित छात्र की जान, लोगों ने पुलिस की गाड़ियां जली दीं

मामला औरेया जिले का है. पिटाई के बाद छात्र कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा था. आरोपी टीचर फरार है.

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AURAIYA-VIOLENCE
बाएं से दाएं. घटनाक्रम के बाद इलाके में गश्त लगाती पुलिस और पलटी हुई पुलिस की गाड़ी. (फोटो: ट्विटर/ आजतक)
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सोम शेखर
26 सितंबर 2022 (Updated: 26 सितंबर 2022, 12:12 AM IST)
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के औरेया (Auraiya) में दलित छात्र की मौत के बाद इलाक़े के हालात अस्थिर हो गए हैं. छात्र की मौत पर आक्रोशित लोगों ने पुलिस बल और उनकी गाड़ियों पर पथराव किया. ख़बर ये भी है कि उन्होंने इलाक़े में पुलिस की गाड़ियों में आग भी लगा दी. बवाल की जानकारी मिलते ही पुलिस आ गई. स्थिति को काबू में करने के लिए आस-पास के कई थानों की फोर्स को बुला लिया गया है. हालांकि, इलाक़े में तनाव बना हुआ है.

पीटने से हुई थी दलित छात्र की मौत

आजतक से जुड़े सूर्य शर्मा मनु की रिपोर्ट के मुताबिक़, मामला अछल्दा थाना क्षेत्र के आदर्श इंटर कॉलेज का है. मृतक छात्र का नाम निखित दोहरे है. बीते 7 सितंबर को स्कूल के एक टीचर ने निखित की पिटाई की थी. इसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई. परिवार ने इलाज करवाने की कोशिश की. इलाज के लिए इटावा, लखनऊ और सैफई तक गए, लेकिन निखित  की जान नहीं बचाई जा सकी. 26 सितंबर को सुबह ख़बर आई कि इलाज के दौरान लड़के की मौत हो गई है.

आरोपी टीचर का नाम अश्विनी सिंह बताया गया है. फिलहाल वो फ़रार है. पुलिस ने उसके ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

औरेया की SP चारू निगम ने बयान जारी कर बताया था,

"24 सितंबर को थाना अछल्दा में राजू सिंह दोहरे, निवासी बैसोली, के द्वारा ये एक लिखित सूचना दी गई कि उनके पुत्र निखित थाना क्षेत्र के तहत आदर्श इंटर कॉलेज में 10वीं के छात्र थे. उनको सामाजिक विज्ञान के टीचर अश्विनी सिंह द्वारा एग्जाम में ग़लत लिखने के कारण काफी मारा-पीटा गया. इससे उनकी तबीयत काफ़ी ख़राब हो गई. सात सितंबर से ही वे लगातार इलाज करा रहे थे. जो आरोपित टीचर हैं, उनके द्वारा इलाज में सहयोग भी किया गया. उन्होंने दो बार इलाज के पैसे दिए. इसलिए उस समय थाने में कोई सूचना नहीं दी गई थी.

फिर उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया. फोन उठाना बंद कर दिया गया तो 24 तारीख को थाने में मामले की सूचना मिली. इसके बाद आरोपी टीचर के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया."

SP ने ये भी बताया कि उन्होंने इटावा के CMO से बात कर पैनल और वीडियोग्राफी कराकर मौत के कारणों का पता लगाया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है.

मामला सामने आने के बाद से ही इलाक़े में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. साथ ही पुलिस भी पट्रोलिंग कर रही है. स्थानीय लोगों से बात कर हालात को क़ाबू में रखने की कोशिश हो रही है.

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