मुंबई में जो ब्रिज गिरा है, उसे सिर्फ 6 महीने पहले 'फिट टू यूज' का सर्टिफिकेट मिला था
और सिर्फ एक महीने पहले हुई जांच में भी इसे पास बताया गया था.
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फुट ओवर ब्रिज का गिरा हुआ हिस्सा
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मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के पास 14 मार्च की शाम एक फुटओवर ब्रिज गिर गया. इसमें 6 लोगों की मौत हो गई है और 30 लोग घायल हैं. इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट मुताबिक, जो फुटओवर गिरा है उसे सिर्फ 6 महीने पहले 'फिट टू यूज' बताया गया था. जो ऑडिट रिपोर्ट सबमिट किया गया था उसमें ऐसा कहा गया है.
इस हादसे के बाद सर्वे की क्वालिटी पर सवाल खड़े हो गए हैं. दो साल पहले, म्युनिसिपलिटी ने ठेकेदारों को अपॉइंट किया था. जिन्होंने मुंबई के सारे 314 पुल, सब-वे और स्काईवॉक का ऑडिट किया था.
बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) कमिश्नर अजॉय मेहता ने बताया, 'मैंने स्ट्रक्चरल ऑडिट से जुड़े डाक्यूमेंट्स मांगे हैं. इसे देखने के बाद आगे की कारवाई की जाएगी. कहीं भी लापरवाही दिखी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.'
ऑफिसर्स ने बताया कि फुटओवर ब्रिज करीब 35 साल पुराना है और 2010-11 में आख़िरी बार इसकी रिपेयरिंग की गई थी. 2016 में, स्वच्छ भारत अभियान के तहत, पुल के उत्तरी छोर को ब्यूटिफाई किया गया था लेकिन कोई मरम्मत नहीं की गई थी. इस दौरान पुल की पेटिंग की गई थी और और टाइल्स बदले गए थे.

बाएं तरफ हादसे में क्षतिग्रस्त कार और दाएं तरफ टूटा हुआ ब्रिज
मुंबई के बाहरी इलाके में 2016 में भी एक ब्रिज कोलेप्स हुआ था जिसके बाद सर्वे का काम शुरू किया गया था. सरकार ने राज्य के सारे ब्रिज के सर्वे के लिए एजेंसियों को तीन महीने के भीतर काम निपटाने को कहा था. इसमें देरी हुई. सितंबर 2018 में सिविक कमिश्नर को यह रिपोर्ट दी गई थी. अंधेरी के गोखले रोड में ओवरब्रिज गिरने के बाद बीएमसी ने ऑडिट रिपोर्ट जारी की थी. इस एक्सीडेंट में भी दो लोग मारे गए थे.
जनवरी 2019 में 50 से ज्यादा ब्रिज, फ्लाईओवर, फुटओवर ब्रिज और स्काईवॉक्स की रिपेयरिंग के लिए 65 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. इस स्ट्रक्चरल ऑडिट में 14 मार्च को गिरे ओवरब्रिज को 'फिट' बताया गया था और इसमें 'मामूली मरम्मत' की बात कही थी. जिन 314 ब्रिज का ऑडिट किया गया था उसमें 14 ब्रिज और 5 फ्लाईओवर को खस्ताहाल बताया गया था और इन्हें फिर से बनाने की बात कही गई थी. 47 ब्रिज की मेजर रिपेयरिंग और 176 ब्रिज की माइनर रिपेयरिंग की बात कही गई थी. 77 ब्रिज को सही हाल में बताया गया था.
ऑफिसर्स ने कहा कि साउथ मुंबई में सिर्फ तीन फुटओवर ब्रिज दोबारा बनाए जाने थे. एक यलो गेट और दो मरीन लाइंस रेलवे स्टेशन के नजदीक. इस पर 277 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित था. बीएमसी ने 2019-20 में इसके लिए 108 करोड़ रुपए का बजट बनाया था. हाल ही में माइनर रिपेयरिंग के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए थे.
हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने हाई लेवल इन्क्वायरी की बात कही है. सरकार ने इस एक्सीडेंट में मारे गए लोगों को 5 लाख रुपए और घायल लोगों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने का एलान किया है. घायल लोगों के इलाज़ पर जो भी खर्च होगा वह सरकार देखेगी.
वीडियो- बोइंग 737 मैक्स 8 को पूरी दुनिया में बैन क्यों किया जा रहा है?
इस हादसे के बाद सर्वे की क्वालिटी पर सवाल खड़े हो गए हैं. दो साल पहले, म्युनिसिपलिटी ने ठेकेदारों को अपॉइंट किया था. जिन्होंने मुंबई के सारे 314 पुल, सब-वे और स्काईवॉक का ऑडिट किया था.
बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) कमिश्नर अजॉय मेहता ने बताया, 'मैंने स्ट्रक्चरल ऑडिट से जुड़े डाक्यूमेंट्स मांगे हैं. इसे देखने के बाद आगे की कारवाई की जाएगी. कहीं भी लापरवाही दिखी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.'
ऑफिसर्स ने बताया कि फुटओवर ब्रिज करीब 35 साल पुराना है और 2010-11 में आख़िरी बार इसकी रिपेयरिंग की गई थी. 2016 में, स्वच्छ भारत अभियान के तहत, पुल के उत्तरी छोर को ब्यूटिफाई किया गया था लेकिन कोई मरम्मत नहीं की गई थी. इस दौरान पुल की पेटिंग की गई थी और और टाइल्स बदले गए थे.

बाएं तरफ हादसे में क्षतिग्रस्त कार और दाएं तरफ टूटा हुआ ब्रिज
मुंबई के बाहरी इलाके में 2016 में भी एक ब्रिज कोलेप्स हुआ था जिसके बाद सर्वे का काम शुरू किया गया था. सरकार ने राज्य के सारे ब्रिज के सर्वे के लिए एजेंसियों को तीन महीने के भीतर काम निपटाने को कहा था. इसमें देरी हुई. सितंबर 2018 में सिविक कमिश्नर को यह रिपोर्ट दी गई थी. अंधेरी के गोखले रोड में ओवरब्रिज गिरने के बाद बीएमसी ने ऑडिट रिपोर्ट जारी की थी. इस एक्सीडेंट में भी दो लोग मारे गए थे.
जनवरी 2019 में 50 से ज्यादा ब्रिज, फ्लाईओवर, फुटओवर ब्रिज और स्काईवॉक्स की रिपेयरिंग के लिए 65 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. इस स्ट्रक्चरल ऑडिट में 14 मार्च को गिरे ओवरब्रिज को 'फिट' बताया गया था और इसमें 'मामूली मरम्मत' की बात कही थी. जिन 314 ब्रिज का ऑडिट किया गया था उसमें 14 ब्रिज और 5 फ्लाईओवर को खस्ताहाल बताया गया था और इन्हें फिर से बनाने की बात कही गई थी. 47 ब्रिज की मेजर रिपेयरिंग और 176 ब्रिज की माइनर रिपेयरिंग की बात कही गई थी. 77 ब्रिज को सही हाल में बताया गया था.
ऑफिसर्स ने कहा कि साउथ मुंबई में सिर्फ तीन फुटओवर ब्रिज दोबारा बनाए जाने थे. एक यलो गेट और दो मरीन लाइंस रेलवे स्टेशन के नजदीक. इस पर 277 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित था. बीएमसी ने 2019-20 में इसके लिए 108 करोड़ रुपए का बजट बनाया था. हाल ही में माइनर रिपेयरिंग के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए थे.
हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने हाई लेवल इन्क्वायरी की बात कही है. सरकार ने इस एक्सीडेंट में मारे गए लोगों को 5 लाख रुपए और घायल लोगों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने का एलान किया है. घायल लोगों के इलाज़ पर जो भी खर्च होगा वह सरकार देखेगी.
CM @Dev_Fadnavis
— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) March 14, 2019
ordered high level enquiry into #MumbaiBridgeCollapse
incident and announced ₹5 lakh for the next of the kins of deceased and ₹50,000 to the injured and their medical expenses will be borne by GoM. pic.twitter.com/k6mR5PCGzb
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