जेपी नड्डा के काफिले पर हमला: चीफ सेक्रेटरी और DGP को दिल्ली में लगानी होगी हाजिरी
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोले-आग से ना खेलें CM ममता बनर्जी.
पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और सीएम ममता बनर्जी के बीच टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है (फोटो: इंडिया टुडे)
डेविड
11 दिसंबर 2020 (अपडेटेड: 11 दिसंबर 2020, 10:25 AM IST)
BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और केंद्र के बीच टकराव जारी है. गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी और राज्य के पुलिस प्रमुख को तलब किया है. MHA ने राज्य की कानून व्यवस्था पर चर्चा के लिए दोनों अधिकारियों को दिल्ली बुलाया है.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं जगदीप धनखड़. उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में केंद्र को रिपोर्ट भेजी थी. इसके आधार पर ही दोनों अधिकारियों को तलब किया गया है. मुख्य सचिव और पश्चिम बंगाल के DGP को सोमवार 14 दिसंबर को राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिए दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद रहने को कहा गया है.
गृहमंत्रालय ने क्या बताया?
गृहमंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. इसमें सवाल उठाए गए हैं कि यात्रा की सुरक्षा जरूरतों के बारे में सतर्क करने के बावजूद यह कैसे हो गया. राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति के बार में भी विस्तार से बताया गया है. इन मुद्दों पर चर्चा के लिए मुख्य सचिव और DGP को तलब किया गया है. उन्हें इसलिए भी तलब किया गया है क्योंकि उन्होंने गृह सचिव अजय भल्ला के 10 दिसंबर के पत्र का जवाब नहीं दिया था. जिसमें उन्होंने नड्डा के काफिले पर हमले की रिपोर्ट मांगी थी.
बंगाल में 10 दिसंबर को डायमंड हार्बर जाते हुए जेपी नड्डा के काफिले पर पत्थरों से हमला हुआ था. इस दौरान उनकी गाड़ी के शीशे टूट गए. इसमें पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित कई नेता घायल हो गए. BJP ने हमले का आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया है.
राज्यपाल क्या बोले?
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य के बेहद खराब हालात पर वे केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज चुके हैं. मुख्यमंत्री आग से न खेलें. मुख्यमंत्री को यह बहस नहीं छोड़नी चाहिए कि कौन भीतरी है और कौन बाहरी. बंगाल के राज्यपाल ने सीएम से सवाल किया कि राज्य में कौन बाहरी है, उनका इससे क्या मतलब है? क्या भारतीय नागरिक भी बाहरी हैं, ममता को इस तरह बयान नहीं देने चाहिए.
राज्यपाल ने कहा,
राज्यपाल ने आगे कहा,
राज्यपाल ने कहा कि सिर्फ कल की ही घटना नहीं बल्कि सिलीगुड़ी में भी इस तरह हुआ है, जहां पर गुंडों को राज्य सरकार द्वारा समर्थन दिया जा रहा है. कल ही मानवाधिकार दिवस था, लेकिन इस तरह की घटना हुई.