जब मैं छोटा था, तब मुझे लगता था कि बैंक में पैसे इसलिए रखते हैं कि डबल हो सकें.सोचता था कि बैंक में पैसा ऐसे डबल होता होगा जैसे कॉपी में रखी विद्या के पेड़ कीकली डबल हो जाती है. कैसे होता है, नहीं पता था. बस लगता था. थोड़ा बड़ा हुआ तोसुनने लगा कि पैसा डबल एकदम से नहीं होता, पांच साल में होता है. फिर सुना आठ साल.और आज जो ब्याज का भाव है, उसमें तो 15 साल भी पैसे बैंक में पड़े रहें तो डबल होनेका कोई सीन नहीं है. लेकिन असम के जमुनामुख में 18 जनवरी को एक एटीएम ने वो कर दियाजो मैं बचपन के भोलेपन में भी नहीं सोच पाया था. पैसा डबल की जगह चार गुना. जी हां.जैसे कि हर जगह होता है, जमुनामुख में भी एक सिविल अस्पताल है. इसके पास युनाइटेडबैंक ऑफ इंडिया (UBI)का एक एटीएम लगा हुआ है. 18 जनवरी को ये एटीएम इमोशनल हो गया.पैसे निकालने वाले जितने अमाउंट निकालने के लिए बटन दबाते, एटीएम उस से चार गुना तककैश बाहर कर देता. इस दानवीर एटीएम के बारे में लोगों ने जब सुना, वहां मजमा लगगया. जब तक बैंक अधिकारियों को समझ आया कि चल क्या रहा है, लोग 7 लाख रुपए निकाल केयहां-वहां हो लिए.सिम्बॉलिक इमेज. क्चरः moneyindiaबकौल हिंदुस्तान टाइम्स, UBI के जमुनामुख ब्रांच मैनेजर ने कहा है कि एटीएम में2000 और 500 के नोट डाले गए थे. सिस्टम एरर के चलते ये हुआ कि जब कोई 2000 कीरिक्वेस्ट डालता, तो 500 के चार नोटों की जगह 2000 के चार नोट निकल आते. इस तरहपैसे निकालने वाले को चार गुना पैसा मिलता. एटीएम पर लोग इस तरह पिल पड़े थे किपुलिस आई तभी शटर डाउन कराया जा सका. लेकिन अभी तक UBI ने पुलिस में रिपोर्ट दर्जनहीं कराई है. जो पैसा गया है, उस के बारे में मनीजर साहब कहे हैं कि वो होपफुल हैं. लोगों के लेन-देन ट्रेस किए जाएंगे और पैसा वापस मांगा जाएगा.मनीजर साहब की होप पूरी होगी कि नहीं, पक्का नहीं बता सकते. क्योंकि चलन तो यही हैकि पैसा देना एक हाथ से और लेना दो हाथ से.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ेंःमुबारक हो, भोपाल में एटीएम से पहली बार 'व्हाइट मनी' निकली हैनोटबंदी का फैसला किसका था, जानने के लिए अक्कड़-बक्कड़ करें?