अतीक और अशरफ को गोली मारने वाले सनी सिंह का कच्चा-चिट्ठा
गोली मारने के बाद सनी को पुलिस ने पकड़ लिया था.
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शनिवार 15 अप्रैल देर रात प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई. इस मामले में तीन आरोपियों ने गोली मारने के तुरंत बाद सरेंडर कर दिया. इनके नाम हैं लवलेश तिवारी, अरुण मौर्य और सनी सिंह. पुलिस इन तीनों से पूछताछ कर रही है.
इधर आरोपियों के बारे में अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. आरोपियों से पूछताछ करने वाले अधिकारी ने इंडिया टुडे को बताया कि आरोपियों का कहना है कि वो बड़े माफिया बनना चाहते हैं, इसलिए वारदात को अंजाम दिया है. तीनों आरोपी प्रयागराज (Prayagraj) के बाहर के रहने वाले हैं. पुलिस को पूछताछ में ये भी पता चला कि लवलेश, सनी और अरुण दो दिन पहले ही प्रयागराज पहुंचे थे.
आरोपी सनी के बारे में नई जानकारी सामने आई है. आजतक की खबर के मुताबिक सनी हमीरपुर जिले में कुरारा कस्बे का है. वो कुरारा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281 है. कुरारा थाने में उसके ऊपर 14 केस चल रहे थे.

33 साल का सनी जेल भी जा चुका है. वहां उसकी मुलाकात डॉन सुंदर भाटी से हुई, जिसके बाद ये शूटर बन गया था. सनी के पिता जगत सिंह और उनकी मां की मौत पहले ही हो चुकी है. सनी सिंह तीन भाई थे. एक भाई की मौत हो चुकी है. दूसरा भाई पिंटू सिंह घर रहता है और चाय की दुकान चलाता है. पिंटू ने मीडिया को बताया -
"यह कुछ नहीं करता था और इसके ऊपर पहले से भी मामले दर्ज़ हैं. हम लोग 3 भाई थे जिसमें से एक की मृत्यु हो गई. यह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था. हम उससे अलग रहते हैं और बचपन में ही भाग गया था."
इससे पहले, 15 अप्रैल की रात को गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई. पुलिस दोनों को मेडिकल के बाद ले जा रही थी. हत्या से ठीक पहले दोनों मीडिया से बात कर रहे थे. इसी दौरान तीन आरोपियों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की. गोलीबारी के बाद जय श्री राम के नारे लगाए. अतीक और अशरफ की मौके पर ही मौत हो गई. और आरोपियों को पकड़ लिया गया.
वीडियो: अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले शूटर्स ने क्या प्लान बनाया था?

