अतीक के जनाजे में लोग भड़क उठे, पूछा- पुलिस को गोली क्यों नहीं लगी?
लोग बोले- अतीक गरीबों का मसीहा...बड़े आरोप भी लगा दिए.

16 अप्रैल को अतीक अहमद और अशरफ अहमद के शव को कब्रिस्तान में दफनाया गया. इस दौरान वहां कई लोग मौजूद थे. लल्लनटॉप के रिपोर्टर अभिनव भी वहां पहुंचे. बाहर खड़े लोगों ने बातचीत के दौरान शिकायत की कि कब्रिस्तान के अंदर जाने के लिए उनसे आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं. कुछ लोगों ने अतीक को गरीबों का मसीहा बताया. कहा गया कि अतीक की हत्या सरकार और पुलिस की साजिश है.
कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक और अशरफ की आखिरी नमाज हुई. कुछ दिन पहले ही अतीक के बेटे असद को भी यहीं दफनाया गया था. लल्लनटॉप के रिपोर्टर अभिनव से बातचीत में एक शख्स ने शिकायत करते हुए कहा-
एक अन्य शख्स ने सवाल किया-
भीड़ के बीच से एक शख्स ने लल्लनटॉप को बताया कि अतीक को मीडिया पर भरोसा था लेकिन आरोपी मीडिया वाले बनकर ही वहां गए. कहा गया कि पुलिस को उनकी तलाशी लेनी चाहिए थी.
वहीं मौजूद एक शख्स ने कहा-
एक बोला,
एक अन्य शख्स ने सवाल किया कि पहले दिन जब पुलिस मेडिकल के लिए अतीक को लाई तो उसके साथ काफी फोर्स थी लेकिन हत्या वाले दिन फोर्स कम थी. हालांकि इस पर पुलिस वालों का कहना है कि पहले दिन असद का एनकाउंटर हुआ, जिसके चलते सिक्योरिटी ज्यादा थी. पूरा वीडियो आप ऊपर दिए गए लिंक पर जाकर देख सकते हैं.
वीडियो: अतीक और अशरफ की हत्या के बाद स्थानीय चश्मदीदों ने पुलिस पर क्या गंभीर आरोप लगाए?

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