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अतीक के जनाजे में लोग भड़क उठे, पूछा- पुलिस को गोली क्यों नहीं लगी?

लोग बोले- अतीक गरीबों का मसीहा...बड़े आरोप भी लगा दिए.

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17 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 17 अप्रैल 2023, 01:55 PM IST)
atiq ahmed and ashraf ahmed burial ceremony questions on yogi govt and security
अतीक की हत्या को साजिश बताया गया (फोटो- आजतक/ लल्लनटॉप)
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16 अप्रैल को अतीक अहमद और अशरफ अहमद के शव को कब्रिस्तान में दफनाया गया. इस दौरान वहां कई लोग मौजूद थे. लल्लनटॉप के रिपोर्टर अभिनव भी वहां पहुंचे. बाहर खड़े लोगों ने बातचीत के दौरान शिकायत की कि कब्रिस्तान के अंदर जाने के लिए उनसे आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं. कुछ लोगों ने अतीक को गरीबों का मसीहा बताया. कहा गया कि अतीक की हत्या सरकार और पुलिस की साजिश है.

कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक और अशरफ की आखिरी नमाज हुई. कुछ दिन पहले ही अतीक के बेटे असद को भी यहीं दफनाया गया था. लल्लनटॉप के रिपोर्टर अभिनव से बातचीत में एक शख्स ने शिकायत करते हुए कहा-

अंदर जाने के लिए आई डी मांगा जा रहा है. आधार कार्ड दिखाने पर भी अंदर नहीं जाने दे रहे. जहां सिक्योरिटी लगानी चाहिए वहां सिक्योरिटी नहीं लगी. पुलिस वाले चाहते तो आरोपियों को रोक सकते थे. वीडियो में साफ दिख रहा है. इस हत्या में सिक्योरिटी और योगी आदित्यनाथ का हाथ है. पुलिस योगी जी के इशारे पर काम कर रही है. पुलिस वाले हाथ छोड़कर खड़े हो गए. अतीक अहमद गरीबों के मसीहा थे. वो गरीबों की मदद करते थे.

एक अन्य शख्स ने सवाल किया-

किस कानून में लिखा है कि आई डी कार्ड दिखाकर कब्रिस्तान में जाते हैं. पुलिस के बीच ये आदमी घुसकर मारकर चला गया उन्हें पता नहीं चला. पुलिस वालों को कैसे नहीं लगी गोली.

भीड़ के बीच से एक शख्स ने लल्लनटॉप को बताया कि अतीक को मीडिया पर भरोसा था लेकिन आरोपी मीडिया वाले बनकर ही वहां गए. कहा गया कि पुलिस को उनकी तलाशी लेनी चाहिए थी. 

वहीं मौजूद एक शख्स ने कहा-

इससे पहले कभी अतीक और अशरफ के हाथ बांधकर नहीं लाया गया था. कौन से नेता हैं जिन पर कोई केस नहीं है. कानून सजा देगी या आप देंगे. अतीक को माफिया कहकर बदनाम किया जा रहा है. 

एक बोला,

हिंसा कहीं से सही नहीं होती. कानूनी प्रक्रिया से सजा होती तो हमें भरोसा होता. फांसी भी होती तो भी कोई आपत्ति नहीं होती. हमें कैसे कानून व्यवस्था पर भरोसा होता.

एक अन्य शख्स ने सवाल किया कि पहले दिन जब पुलिस मेडिकल के लिए अतीक को लाई तो उसके साथ काफी फोर्स थी लेकिन हत्या वाले दिन फोर्स कम थी. हालांकि इस पर पुलिस वालों का कहना है कि पहले दिन असद का एनकाउंटर हुआ, जिसके चलते सिक्योरिटी ज्यादा थी. पूरा वीडियो आप ऊपर दिए गए लिंक पर जाकर देख सकते हैं.

वीडियो: अतीक और अशरफ की हत्या के बाद स्थानीय चश्मदीदों ने पुलिस पर क्या गंभीर आरोप लगाए?

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