सिंघु बॉर्डर पर युवक की बर्बर हत्या को लेकर सोशल मीडिया में क्या चल रहा है?
लोग राकेश टिकैत को क्यों याद कर रहे हैं.

बलात्कार, हत्या, वैश्यावृत्ति, हिंसा और अराजकता... किसान आंदोलन के नाम पर यह सब हुआ है. अब हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर युवक की बर्बर हत्या...आखिर हो क्या रहा है? किसान आंदोलन के नाम पर यह अराजकता करने वाले ये लोग कौन हैं जो किसानों को बदनाम कर रहे हैं?
उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा,बलात्कार, हत्या, वैश्यावृत्ति, हिंसा और अराजकता... किसान आंदोलन के नाम पर यह सब हुआ है।
अब हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर युवक की बर्बर हत्या... आखिर हो क्या रहा है? किसान आंदोलन के नाम पर यह अराजकता करने वाले ये लोग कौन हैं जो किसानों को बदनाम कर रहे हैं?https://t.co/hinVFhzqRg — Amit Malviya (@amitmalviya) October 15, 2021
योगेंद्र यादव के बगल में बैठकर अगर राकेश टिकैत ने लखीमपुर में मॉब लिंचिंग को सही नहीं ठहराया होता तो कुंडली सीमा पर एक युवक की हत्या नहीं हुई होती. किसानों के नाम पर इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे के अराजकतावादियों को बेनकाब करने की जरूरत है.
वहीं योगेंद्र यादव का भी बयान आया है, उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो में कहा, सिंघु बॉर्डर से जो खबर आ रही है वो किसी भी इंसान को विचलित कर देने वाली है. संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान देकर स्पष्ट कर दिया है कि इससे संयुक्त किसान मोर्चा का, किसान आंदोलन का कोई लेना देना नहीं है. हमनें कई बार कहा है कि ये किसान आंदोलन है, धार्मिक नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है. लेकिन वो वहां पर डटे हुए हैं. मृतक इस ग्रुप के साथ पिछले कुछ सालों से रह रहा था. कल रात में कुछ विवाद हुआ और बेअदबी का आरोप लगा. ये गंभीर मामला है लेकिन किसी को कानून हाथ में लेना सही नहीं है. किसान आंदोलन में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.Had Rakesh Tikait not justified mob lynching in Lakhimpur, with Yogendra Yadav, sitting next to him, maintaining sanctimonious silence, the gory murder of a youth at Kundali border would not have happened. Anarchists behind these protests in the name of famers need to be exposed. https://t.co/YkchLIQxgY
— Amit Malviya (@amitmalviya) October 15, 2021
आम आदमी पार्टी के IT हेड रहे अंकित लाल ने लिखा, जो भी सिंघु बॉर्डर पर हुआ उसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम है. सभी दोषियों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए.संयुक्त किसान मोर्चा इस नृशंस हत्या की कठोर निंदा करता है।
हम किसी भी धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के खिलाफ हैं,लेकिन इस आधार पर किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत बिलकुल भी नहीं है हत्या के दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दी जाए।मोर्चा प्रशासन का हरसंभव सहयोग करेगा pic.twitter.com/vTpbdP9vtK — Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) October 15, 2021
शहजाद जय हिन्द ने लिखा कि सिंघु बॉर्डर पर हिंसा की सारी सीमाएं पार हो चुकी हैं. बताया जा रहा है कि तथाकथित आंदोलनकारियों ने इस हत्या को अंजाम दिया है इस से पहले 26 जनवरी की हिंसा , लड़की के साथ रेप, पंजाब में भाजपा नेता के साथ अभद्रता और बल्लभगढ़ में जलाकर मारने की घटना सामने आयी यह किसान नहीं हो सकते. कुछ लोगों ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की अपील की तो कुछ लोगों ने किसान नेता राकेश टिकैत के बयान की याद दिलाई जिसमें उन्होंने लखीमपुर मामले में क्रिया की प्रतिक्रिया बताया था.जो भी सिंघु बॉर्डर पर हुआ उसकी जितनी भर्त्सना की जाए कम है।
सभी दोषियों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। — Ankit Lal 🏹 (@AnkitLal) October 15, 2021

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