पूरे देश का नजारा ये है कि एटीएम और बैंकों के बाहर लोग लंबी कतारों में लगे हुएहैं. हर कोई अपने पुराने 500 और 1000 के नोट को बदलने में लगा हुआ है. मीडियारिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसे कंडीशन में असम के सीमा वाले इलाकों में लोग भूटानीकरेंसी यूज कर रहे हैं. नोटों की कमी को दूर करने के लिए सीमा वाले गांवों के लोगोंने नई तरकीब ईजाद कर ली है. अब यहां के लोग अपनी डेली लाइफ में भूटानी करेंसी कायूज कर रहे हैं. यही कारण है कि भूटानी करेंसी की कीमत इंडियन करेंसी की तुलना मेंकरीब 25 परसेंट तक ऊंचाई पर पहुंच गई है. दादगुरी के सीमा से सटे इलाकों में छोटेबिजनेसमैन और किराना दुकान वाले भी भूटानी करेंसी को रोज की खरीद-बिक्री में कर रहेहैं.असम में चल रही है भूटानी करेंसीहटिसोर गांव की अर्चना तमांग एक फोटो स्टूडियो चलाती हैं. और वो हमेशा से भूटानसीमा पर स्थित अपने गांव में भूटानी सामान के आने-जाने पर ऐतराज जता चुकी हैं.लेकिन नोट बैन से बने हालात में भूटान की करेंसी ही उनके काम आ रही है. उनका कहनाहै कि “यहां नोट बैन होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,लेकिन जो कुछ भी किया जा रहा है, अच्छे के लिए किया जा रहा है. यहां असम में हमलोगों का भाग्य अच्छा है कि नोटों की कमी होने पर हम लोग भूटानी करेंसी को चला रहेहैं”. उन्होंने आगे कहा कि “यहां हमारे सीमा वाले इलाकों में कोई बैंक और एटीएमनहीं है. हम नकद निकासी नहीं कर सकते. हमने अभी तक नई करेंसी भी नहीं देखी.” लोकलन्यूज एजेंसी नार्थ ईस्ट टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समय 500 के इंडियन नोट कीवैल्यू 400 भूटानी नगुलट्रम हो गई है. नगुलट्रम भूटान की करेंसी है जैसे रूपयाइंडियन करेंसी है. जबकि ऑफिसियल एक्सचेंज रेट 500 इंडियन रूपए की वैल्यू 500 भूटानीनगुलट्रम है. पर इंडियन नोटों की कमी की वजह से इंडियन कैरेंसी की वैल्यू कम हो गईहै.-------------------------------------------------------------------------------- ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है जानिए, नोट बैन करके मोदी ने कितना काला धन कम कर दिया!सरकार खूब सारे नोट छपवा के गरीबों में बांट क्यों नहीं देती?दुनिया को एक करना है तो नोट फूंक दो, सिक्के गला दोपुराने नोटों से फैल रही नई बीमारियां, बैंक वाले परेशाननोट बैन: अब रोज दो हजार के नोट ही बदले जा सकेंगे--------------------------------------------------------------------------------