बाल लंबे थे, स्कूल की असेंबली में 35 बच्चों के बाल कैंची से काट दिए!
स्कूल प्रशासन ने कहा- "ये सिर्फ अनुशासन सिखाने का तरीका था."

असम के माजुली में एक स्कूल में कथित तौर पर कई बच्चों के बाल काट दिए जाने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि स्कूल टीचर ने सुबह की प्रार्थना के वक्त 30 से ज्यादा बच्चों के बाल काट दिए. इस घटना पर स्कूल ने अनुशासन और नियमों का हवाला दिया है. वहीं अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया है कि स्कूल को बच्चों के बाल काटने का अधिकार किसने दिया. माजुली की डिप्टी कमिश्नर ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.
घटना 25 मई की बताई जा रही है. आजतक के विकास शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक मामला Majuli English School का है. एक छात्र, जिसके बाल काटे गए, उसने बताया कि जिसके भी बाल लंबे थे, उनको प्रेयर के दौरान बुलाया गया और टीचर ने बाल काट दिए. बच्चे के मुताबिक कैंची से लगभग 35 बच्चों के बाल काट गए.
बच्चे के परिवार का कहना है कि बिनी किसी सूचना के स्कूल बच्चों के बाल कैसे काट सकता है. वहीं स्कूल ने अपनी सफाई में कहा है कि लंबे बाल रखना स्कूल के नियमों के खिलाफ है. स्कूल अथॉरिटी का कहना है,
"उन्हें कई बार वॉर्निंग दी गई थी और पेरेंट्स को जानकारी दी गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ. ये सिर्फ अनुशासन सिखाने का तरीका था."
स्कूल की प्रिंसिपल ने कहा,
"एक-एक को बोलकर समझाने का समय नहीं है. सफाई से जुड़ी बातों की सूचना देते रहते हैं."
माजुली की डिप्टी कमिश्रनर कावेरी बी शर्मा ने 26 मई की शाम अधिकारियों को मामले की जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा,
"शुरुआती जांच के मुताबिक टीचर ने बच्चों के बाल छोटे किए थे."
वहीं टीचर का कहना है कि उन्होंने सिर्फ स्कूल के आदेश का पालन किया.
रिपोर्ट के मुताबिक जिन बच्चों के बाल काटे गए उनके पेरेंट्स बता रहे हैं कि इस घटना के बाद से बच्चे स्कूल जाने से इनकार कर रहे हैं. एक बच्चे के पेरेंट्स ने बताया 25 मई को उनका बच्चा रोते हुए घर आया था. उसके आगे के बाल कटे हुए थे, अब वो स्कूल जाने से मना कर रहा है. अभिभावकों ने कहा कि स्कूल को अनुशासन लागू करने की आजादी है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं हैं. अभिभावक ने कहा,
"यह सही है कि छात्रों को खुद को साफ रखना चाहिए, लेकिन असेंबली के दौरान पूरे स्कूल के सामने बाल काटना अपमानजनक है."
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत कोई टीचर कैंपस के अंदर छात्रों के बाल काट सके. अधिकारी ने कहा कि छोटे बच्चों से डील करने का एक तरीका होता है. यह समझने के लिए मामले की जांच चल रही है कि असल में उस दिन क्या हुआ था.
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