असम चुनाव की वजह से एक घर उजड़ गया. एक आदमी ने अपनी बीवी को इसलिए तलाक दे दियाक्योंकि उसने बीजेपी को वोट चाहा था. मुसलमान फैमिली थी. उसके पूरे गांव ने तय कियाथा कि कॉन्ग्रेस को वोट देना है. असम के लोकल मीडिया में इस खबर के बड़े चर्चे हैं.दोनम अड्डाहाटी गांव है सोनितपुर जिले में. वो पूरा का पूरा कॉन्ग्रेसी है. वो भीकट्टर वाला. गांव के लीडर्स ने फरमान जारी कर दिया. कि वोट देना है तो सिर्फकॉन्ग्रेस को. लेकिन अनीउद्दीन की बीवी दिलावरा बेगम ने फरमान को ठेंगा दिखा दिया.उसने तय किया कि वो अपना वोट देगी बीजेपी को. और पेट में बात पची नहीं. मियां जी कोबताया तो बमक गए. कहा कि तू प्रमोद बोराठाकुर को वोट देगी? फिर तीन बार बोला तलाकतलाक तलाक और काम खत्म. 10 साल का रिश्ता एक झटके में टूट गया.लल्लन कहिसगलत किया भाई, बहुत गलत किया. नेताओं से सीखना चाहिए तुमको. वो कितनी जल्दी पालाबदलते हैं ये देखे हो? वहां दोस्ती दुश्मनी जिंदगी भर की नहीं होती. आज इस पार्टीमें कल उस पार्टी में. इस पॉलिटिक्स के चक्कर में अपनी बीवी छोड़ दी. इस मौके पररफीक सादानी की वो कविता याद आती है. "जइसे तइसे करौ गुजारा, उल्लू हौ."