'नूपुर शर्मा पर FIR के बाद हिंदुत्ववादी फैन नाराज न हो जाएं, इसलिए मुझ पर कर दिया केस'
असदुद्दीन ओवैसी ने ये भी कहा, 'FIR में कहीं भी यह नहीं लिखा कि मेरा जुर्म आखिर क्या है.'

AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपने ऊपर हुई एफआईआर पर सवाल उठाए हैं. ओवैसी ने सवाल किया है कि आखिर उनकी कौन सी टिप्पणी आपत्तिजनक थी, जिस पर केस दर्ज किया गया है. असदुद्दीन ओवैसी पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR दर्ज की है. ये एफआईआर उनके कथित भड़काऊ बयान को लेकर दर्ज की गई है.
इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा,
लोगों को भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ केसओवैसी ही नहीं पुलिस ने शादाब चौहान, सबा नकवी, हफिजुल हसन अंसारी, बिहारी लाल यादव, मौलाना मुफ्ती नदीम, अब्दुर रहमान, नगमा शेख, विनीता शर्मा, इम्तियाज अहमद, दानिश कुरैशी और यति नरसिंहानंद समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. एक एफआईआर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ भी दर्ज की गई है.
इसके बारे में दिल्ली पुलिस की ओर से ट्वीट कर बताया गया था,
'दिल्ली पुलिस में हिम्मत नहीं'वहीं ओवैसी का आरोप है कि पुलिस में यति नरसिंहानंद, नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल जैसों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस नहीं है. उन्होंने ट्वीट किया,
ओवैसी ने आगे लिखा,
'बैलेंस-वाद सिंड्रोम से जूझ रही दिल्ली पुलिस'ओवैसी यहां तक कह गए कि दूसरे पक्ष पर सिर्फ इसलिए शिकायत हो रही है, जिससे बीजेपी समर्थकों को खुश रखा जाए. उन्होंने ट्वीट किया,
उन्होंने आगे लिखा,
ओवैसी के मुताबिक यति नरसिंहानंद, नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही. उन्होंने लिखा,
ओवैसी का आरोप- मुस्लिम लोगों को जेल में डाला गयाओवैसी का आरोप है कि देश में मुस्लिम छात्र, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज होते हैं. उन्होंने ट्वीट में लिखा,
उन्होंने लिखा,
ओवैसी ने आगे ट्वीट में लिखा,
असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि वे एफआईआर को लेकर वकीलों से सलाह लेंगे और धमकियों से डरेंगे नहीं.
वीडियो- कानपुर हिंसा और नूपुर शर्मा पर क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी?

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