असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर मैदान में हैं. इस बार बैटलफील्ड है बृहन्नमुंबई नगरनिगम के चुनाव. ओवैसी की पार्टी AIMIM बीएमसी चुनावों में पहली बार हिस्सा ले रहीहै. कम से कम 20 सीटों पर अपनी जीत तय मान के चल रहे ओवैसी अपने वोटरों को लुभानेकी भरसक कोशिशों में जुटे हैं. इसी कड़ी में रविवार को दक्षिण मुंबई के मुस्लिम-बहुलइलाके मदनपुरा में वो एक रैली को संबोधित कर रहे थे. ये रैली उनके चुनाव अभियान कीशुरुआत थी. अपने भाषण में उन्होंने मुस्लिम समुदाय से जुड़े हुए मसले जोर-शोर सेउठाए. इस वक़्त महाराष्ट्र में जिस मुद्दे पर तमाम उठापटक जारी है, शिवाजी महाराजस्मारक वाले उस मसले पर भी वो खुल के बोले. हालांकि 3600 करोड़ की लागत से बनाए जारहे शिवाजी स्मारक का सीधा विरोध ना कर के ओवैसी ने 'मराठी माणूस' से पंगा लेना टालदिया. उन्होंने कहा कि वो इस स्मारक के खिलाफ़ नहीं हैं. इतिहास को याद करते हुए येबात भी कही कि शिवाजी की सेना और प्रशासन में कई सारे मुस्लिम हुआ करते थे. लेकिनये बात जताना भी नहीं भूले कि ऐसे उपक्रमों पर पैसे बरबाद करने की जगह उन पैसों कोसमाज की भलाई के कामों में लगाया जाए तो बेहतर. उन्होंने कहा, 'स्मारक बनाना अच्छाहै लेकिन बाढ़ को रोकने के लिए क्या किया गया? कौन रोकेगा उसे?" मुंबई में इस साल कीअपनी पहली चुनावी रैली में उनके भाषण की कुछ प्रमुख बातें ये रही: * अगर वो जीत के आते हैं तो निगम के बजट का 21 परसेंट यानी 7,770 करोड़ रुपए मुसलमानों पर खर्च करेंगे. मुंबई की कुल आबादी का 21 प्रतिशत मुसलमानों का है. * मुंबई के उर्दू स्कूलों में टीचर्स की भारी कमी है और बुनियादी ढांचा भी नदारद है. इस पर काम किया जाएगा. * मुस्लिम-बहुल इलाके बेहराम बाग़ में मैटरनिटी हॉस्पिटल बंद पड़ा हुआ है. उसे खुलवाया जाएगा. * मुस्लिम बहुल बस्तियों में सरकारी डिस्पेंसरियां ना के बराबर हैं. उनकी संख्या बढ़ाई जायेगी. * बीएमसी के 37,000 करोड़ के बजट में मुस्लिमों के लिए अलग से फंड रखे जाने की उन्होंने जम के वकालत की.ओवैसी ने भाजपा-शिवसेना पर जम के निशाना साधा और उन पर समाज को बांटने की राजनीतिकरने का आरोप लगाया. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि गर्भवतीमहिलाओं को 6000 रुपए देने वाली योजना में कुछ भी नया नहीं है. ये फ़ूड सिक्योरिटीएक्ट का ही हिस्सा है, जो कई सालों से वजूद में है. ओवैसी ने दावा किया कि उनकीपार्टी किसी भी धर्म के खिलाफ़ नहीं है. हां, वो मुसलमानों के साथ हो रहे भेदभाव केलिए चिंतित हैं और मुस्लिमों के जायज़ हक के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे. यहां ये बतानादिलचस्प रहेगा कि ओवैसी के भाषण के दूसरे ही दिन सुप्रीम कोर्ट का ये स्टेटमेंट आयाहै, 'धर्म, जाति, नस्ल समुदाय या भाषा के आधार पर वोट मांगने के लिए की जाने वालीकोई भी अपील भ्रष्ट आचरण है.'--------------------------------------------------------------------------------देखिये असदुद्दीन ओवैसी का लल्लनटॉप इंटरव्यू:https://www.youtube.com/watch?v=vPAANXU5tVM-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़िएमुसलमानों की सबसे खतरनाक सच्चाई, जिसे अनदेखा किया जा रहा हैओवैसी साहब को इसलिए सीरियसली नहीं लिया जाता क्योंकि वो मुसलमान हैंपटेल की बरसी पर उनकी 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का हाल जानिए