ओवैसी ने अतीक अहमद की हत्या को गुजरात दंगों से जोड़ दिया?
अतीक अहमद और एहसान जाफरी पर ओवैसी का ट्वीट वायरल.
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माफिया अतीक अहमद की हत्या के तुरंत बाद से कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं. किसी ने इसे कानून का कत्ल कह रहा है, तो कोई जंगलराज की बात कर रहा है. इसी बीच AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक ट्वीट किया है. और ये ट्वीट भी वायरल हो गया है. ओवैसी ने अतीक अहमद के मर्डर पर बयान देते हुए एहसान जाफरी का जिक्र किया है. ओवैसी ने ट्वीट किया-
कौन हैं एहसान जाफरी?अतीक दूसरे ऐसे मुस्लिम पूर्व सांसद हैं जिन्हें बेदर्दी से मार दिया गया. 2002 में गुजरात में भीड़ ने एहसान जाफरी की हत्या कर दी थी और अब अतीक... पुलिस कस्टडी में ही गोली मारकर हत्या.
27 फरवरी 2002 की सुबह खबर आई कि साबरमती एक्सप्रेस के एक कोच में, जिसमें कारसेवक सफर कर रहे थे, आग लगा दी गई. इसके बाद गुजरात में दंगे भड़क गए. अगले दिन गुलबर्ग सोसायटी में उत्तेजित भीड़ ने आग लगा दी. इस सोसायटी में 29 बंगले और 10 फ्लैट थे. यहां अधिकांश मुस्लिम परिवार रहते थे. गुलबर्ग सोसायटी की आग में मरने वालों में कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी भी शामिल थे. इस दुर्घटना में कुल 69 लोगों की मौत हुई थी.
असद एनकाउंटर पर ओवैसी का बयान13 अप्रैल को अतीक के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम मोहम्मद का झांसी में एनकाउंटर किया गया था. इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था -
अतीक की हत्या"क्या जुनैद और नसीर को मारने वालों को भी गोली मारोगे बीजेपी वालो? जुनैद और नसीर को जिसने मारा, तुम उसका भी एनकाउंटर करोगे? नहीं करोगे तुम. इसलिए नहीं करोगे क्योंकि तुम मज़हब के नाम पर एनकाउंटर करते हो. मारो जुनैद और नसीर के कातिलों को. नहीं मारोगे... अब तक एक पकड़ा गया, नौ गायब! नहीं करोगे. ये कानून की धज्जियां उड़ रही हैं.
तुम संविधान का एनकाउंटर करना चाहते हो. तुम रूल ऑफ लॉ को कमजोर करना चाहते हो... फिर कोर्ट-अदालत किस लिए है? CrPC और IPC किस लिए है? जज किस लिए हैं? पब्लिक प्रॉसिक्यूटर किस लिए है? अगर तुम फैसला करोगे कि गोली से इंसाफ करेंगे, तो फिर बंद कर दो अदालतों को. जज क्या काम करेंगे फिर? रूल ऑफ लॉ रहना चाहिए... पर नहीं. आप तय करेंगे. ये काम कोर्ट का है. आप पकड़ो मुजरिम को. कोई कत्ल करता है तो सज़ा दिलाओ उसको. 12-14 साल, पूरी जिंदगी की सज़ा दिलाओ..."
15 अप्रैल की रात को गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई. पुलिस दोनों को मेडिकल के बाद ले जा रही थी. हत्या से ठीक पहले दोनों मीडिया से बात कर रहे थे. इसी दौरान तीन आरोपियों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की. गोलीबारी के बाद धार्मिक नारे लगाए. अतीक और अशरफ की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया.
अतीक और अशरफ की हत्या के आरोपियों से पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है. इस दौरान पता चला है कि तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. आरोपियों से पूछताछ करने वाले अधिकारी ने इंडिया टुडे को बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वो बड़ा माफिया बनना चाहते हैं, इसलिए वारदात को अंजाम दिया है. यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी प्रयागराज के बाहर के रहने वाले हैं और दो दिन पहले ही प्रयागराज आए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ करने वाले अधिकारी ने बताया कि आरोपियों का कहना है कि आखिर कब तक वो छोटे मोटे शूटर बने रहेंगे, बड़ा माफिया बनने के लिए उन्होंने वारदात को अंजाम दिया है. तीनों आरोपियों को न्यायिक हिसारत में भेज दिया गया है.
वीडियो: Atique Ahmed मौत से ठीक पहले यूपी पुलिस के सामने क्या बोला था?

