असद के एनकाउंटर में ये 12 पुलिसवाले थे शामिल, CM योगी ने की तारीफ
पुलिस का कहना है कि असद को जिंदा पकड़ने की कोशिश थी.

अतीक का बेटा असद अहमद एनकाउंटर में मारा गया. लंबे समय से पुलिस उसके पीछे थी (Atiq Ahmed Asad Encounter). UP STF की 12 लोगों की टीम ने इस एनकाउंटर को अंजाम दिया है (UP STF Team). टीम में दो डिप्टी SP, दो इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर, कुछ हेड कॉन्सटेबल और कंमाडो शामिल रहे.
एनकाउंटर की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि पहले असद को जिंदा पकड़ने की कोशिश थी. खबर है कि उससे सरेंडर करने को भी कहा गया था. असद के एक साथी शूटर गुलाम का भी एनकाउंटर में मारा गया. STF के ADG अमिताभ यश ने बताया कि दोनों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं. उनके पास ब्रिटिश बुलडॉग रिवॉल्वर 455 बोर और वाल्थर पी-88 पिस्टल 7.63 बोर थी.
यूपी STF टीम में शामिल 12 पुलिसकर्मियों की लिस्ट आई है,
1. डिप्टी सुपरिंटेंडेंट नवेंदु कुमार
2. डिप्टी सुपरिंटेंडेंट विमल कुमार सिंह
3. इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह
4. इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र कुमार राय
5. सब इंस्पेक्टर श्री विनय तिवारी
6. हेड कॉन्सटेबल पंकज तिवारी
7. हेड कॉन्सटेबल सोनू यादव
8. हेड कॉन्सटेबल सुशील कुमार
9. हेड कॉन्सटेबल सुनील कुमार
10. हेड कॉन्सटेबल भूपेंद्र सिंह
11. कमांडो अरविंद कुमार
12. कमांडो दिलीप कुमार यादव
पूरे ऑपरेशन को DSP नवेंदु कुमार और DSP विमल सिंह ने लीड किया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, DSP नवेंदु कुमार ने पहले भी कई अपराधियों और डकैतों का एनकाउंटर किया है. नवेंदु कुमार मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं. उन्होंने कई अपराधियों, डकैतों को ढेर किया है. साहसिक प्रदर्शन के लिए उन्हें साल 2008 में राष्ट्रपति का गैलेंट्री और 2014 में राष्ट्रपति का पराक्रम अवार्ड मिल चुका है. वहीं DSP विमल सिंह उत्तर प्रदेश में जौनपुर के रहने वाले हैं. वो 2018 कैडर के पुलिस अधिकारी हैं. फिलहाल उनकी पोस्टिंग लखनऊ जिले में है.
इधर, जब इस पूरे मामले की रिपोर्ट जब CM योगी आदित्यनाथ के सामने रखी गई तो उन्होंने DGP, स्पेशल DG कानून व्यवस्था और पूरी टीम की सराहना की. साथ ही CM ने कानून व्यवस्था पर बड़ी बैठक बुलाई है.
वीडियो: अतीक अहमद के अपराध और राजनीति की पूरी कहानी,क्या इस बड़े नेता ने उसे शह दिया?

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