पंपोर: आतंकियों से लड़ रहे जवानों पर कश्मीरियों ने फेंके पत्थर
तीन आतंकियों को सेना ने 50 घंटे की मुठभेड़ के बाद मार गिराया. दो कैप्टन समेत पांच जवान शहीद हुए थे शहीद.
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फोटो - thelallantop
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जम्मू-कश्मीर के पंपोर में सोमवार को सेना सामने से आतंकियों की फायरिंग झेल रही थी और पीछे से अपने ही लोगों का पथराव और गाली-गलौज.
पंपोर के एक गवर्नमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के कैंपस में छिपे तीन आतंकियों को सेना ने 50 घंटे की मुठभेड़ के बाद मार गिराया. दो कैप्टन समेत पांच जवान शहीद हो गए. ट्विटर पर शहीदों के नाम ट्रेंड करने लगे. लेकिन 'हिंदुस्तान टाइम्स' की खबर के मुताबिक, इस मुठभेड़ के दौरान सैकड़ों स्थानीय लोग आतंकियों के समर्थन में सड़कों पर उतर आए. उन्होंने कश्मीर की आजादी के नारे लगाए और जवानों पर पथराव भी किया.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक, पास की मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर आतंकियों को 'मुजाहिद' कहा गया और उनकी तारीफ की गई. फरेस्टाबल, दरांगबल, कदलाबल और सेमपोरा की मस्जिदों ने सोमवार को आतंकियों की तारीफ में रिकॉर्डिंग चलाई. आरोपों के मुताबिक, मस्जिदों से 'जागो जागो सुबह हुई', 'जीवे, जीवे पाकिस्तान' और प्रो-आजादी नारे लगाए गए.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि एनकाउंटर की जगह पर सैकड़ों नौजवान जमा हो गए. उन्होंने दरिया पार करके कथित तौर पर वहां जाने की कोशिश की, जहां से जवान आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन छेड़े हुए थे. यहां उनकी सुरक्षा बलों से झड़प भी हुई. जवानों ने आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें दरिया पार करने से रोका. जवाब में उग्र भीड़ ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए.
सेना का ऑपरेशन खत्म होने और सभी आतंकियों को ठिकाने लगाए जाने के बाद भीड़ ने नारेबाजी तेज कर दी. इस भीड़ में औरतें भी शामिल थीं और वे 'मुजाहिदों' के पक्ष में नारे लगा रहे थे.

