The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Aryan Khan drug case: NCB witness Kiran Gosavi speaks on allegations by Prabhakar Sail

किरण गोसावी की समीर वानखेड़े के साथ नई तस्वीरें सामने आईं, प्रभाकर के आरोपों का जवाब दिया

प्रभाकर सैल ने क्या नए आरोप लगाए?

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
उदय भटनागर
26 अक्तूबर 2021 (Updated: 26 अक्तूबर 2021, 03:07 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
किरण गोसावी (Kiran Gosavi). वही शख्स जिसने मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आर्यन खान के साथ सेल्फी ली थी. पहचान के बाद से किरण गोसावी फरार है. वहीं उसका बॉडीगार्ड होने का दावा कर रहे प्रभाकर सैल ने NCB की कार्रवाई के पीछे करोड़ों की डील होने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाए. इन आरोपों को लेकर किरण गोसावी ने आजतक के रिपोर्टर आशीष श्रीवास्तव से बात की. इसमें गोसावी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया. दावा किया कि प्रभाकर सैल को नवाब मलिक ने फ्लैट और कुछ पैसे ऑफर किए हैं जिसके बाद वो इस तरह के आरोप लगा रहा है.
इस बीच किरण गोसावी की कुछ नई तस्वीरें सामने आई हैं. इनमें वो समीर वानखेड़े के साथ दिखाई दे रहा है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक ये तस्वीरें 3 अक्टूबर को क्रूज पर हुई छापेमारी से जुड़ी हैं.
NCB, Kiran Gosavi, Sameer Wankhede
तस्वीरें- तनसीम हैदर/आजतक
क्या बोला किरण गोसावी? किरण गोसावी ने दावा किया है कि इस केस में काफी सारे लोग इंवॉल्व हैं. उसने किसी भी पार्टी से जुड़े होने से इन्कार किया. प्रभाकर सैल के आरोपों पर किरण गोसावी ने कहा,
"मेरे बॉडीगार्ड प्रभाकर सैल ने जिस तरीके से बातें की हैं कि 25 करोड़ और कुछ फ्लाइट की बातें, इनमें कोई सच्चाई नहीं है. मैं तो बोलूंगा कि प्रभाकर का मोबाइल लोकेशन और उसके रिकॉर्ड चेक करिए. जो-जो दलीलें दी उसने हैं, उनको चेक करिए. इसके साथ दो और भी लोग थे, जिन्होंने जबरदस्ती वीडियो शूट कराया है. इसके बाद प्रभाकर के पास ऑफर भी आया है. कुछ पैसे प्रभाकर सैल को दिए गए हैं नवाब मलिक के जरिए. इसमें उनके बड़े और छोटे भाई शामिल हैं. इसमें उनको 2BHK का फ्लैट मिलने वाला है. मेरे और समीर वानखेड़े पर आरोप है तो हमारी भी इंक्वारी की जाए. लेकिन इन लोगों की भी इंक्वारी हो. मैं अपने साथ फोन को भी सरेंडर कर रहा हूं जो भी चीजें हैं, सामने आ जाएंगी."
किरण गोसावी ने इस केस में गवाह बनाए जाने के बाद से फरार होने को लेकर सफाई दी है. कहा कि उसे जान का खतरा था, फोन पर लगातार धमकियां मिल रही थीं. पुलिस के सामने सरेंडर करने को लेकर किरण गोसावी ने कहा है,
"6 अक्टूबर से मैं छिपा-छिपा घूम रहा हूं. 3 अक्टूबर से लेकर 6 अक्टूबर तक मुझे धमकी भरे फोन आए. 6 तारीख को पुणे में मेरा एक पुराना केस ओपन हो गया, 420 का. उस केस को लेकर जब मैं पुणे जा रहा था तो मुझे फोन आया. बोला गया कि तुम अरेस्ट भी हो जाओगे तब भी तुमको हेल्प नहीं मिलेंगी तुम को छोड़ेंगे नहीं. ऐसे में सरेंडर होने का भी कोई मतलब नहीं था. पुलिस स्टेशन जाओ, लेकिन वहां भी प्रॉब्लम है. अपनेआप को बचाने के लिए मैं छिप गया. 8 से 10 लोगों के फोन आ रहे हैं. जिसमें लगातार धमकी मिल रही है. बोला जा रहा है कि आपने आर्यन को फंसाया है. जो भी मैंने लिख कर दिया है वो सारी चीजें मैं कोर्ट में बोलूंगा. पुणे में मेरा एक केस चालू है. उस केस में सरेंडर होना चाहता हूं."
लखनऊ पुलिस के सामने सरेंडर क्यों? किरण गोसावी लखनऊ पुलिस के सामने सरेंडर कर रहा है. इसे लेकर उसने बताया कि उसे जान का खतरा था इसलिए वो महाराष्ट्र से लखनऊ आ गया. अब लखनऊ में मड़ियाओं पुलिस स्टेशन में सरेंडर करेगा. इस बारे में गोसावी ने कहा,
"आर्यन खान के साथ मेरी सेल्फी आने से मेरा नाम इस केस में हाईलाइट हुआ. उसी रात से मुझे काफी टॉर्चर वाले फोन आ रहे थे. फोन इस तरीके से आ रहे थे कि अगर तुमने गवाही दी तो ये करेंगे वो करेंगे. कुछ ऑफर वाले फोन भी आए. जब मैं पुलिस स्टेशन में सरेंडर हो रहा था तब मैं डर गया था कि ये बात भी लोगों को पता है. मेरे कॉल रिकॉर्ड और फोन ट्रेस किए जा रहे थे इसलिए मैंने फोन स्विच ऑफ कर दिया. मैंनेअपने आप को हाइड कर लिया. मैं महाराष्ट्र में था. बाद में लखनऊ तक पहुंचा... नजदीक मड़ियाओं पुलिस स्टेशन में सरेंडर करना चाहता हूं. मैं ओपन नहीं घूम सकता. मुझे डर है कि ये मेरी किडनैपिंग करने के बाद मुझसे कुछ अलग चीजें बुलवा सकते हैं. मैं मरने से नहीं डरता. मैं सरेंडर करूंगा."
प्रभाकर सैल के क्या आरोप थे? किरण गोसावी के बॉडीगार्ड और इस केस में गवाह प्रभाकर सैल का दावा है कि उसने 25 करोड़ में डील होने की बात सुनी थी. प्रभाकर के मुताबिक एनसीबी के ऑफिस से 500 मीटर दूर किरण गोसावी ने सैम डिसूजा नाम के एक शख्स से मुलाकात की थी जिससे 25 करोड़ में डील फाइनल हुई थी. प्रभाकर का कहना है कि इसमें से 8 करोड़ रुपये NCB के जोनल डायरेक्टर और इसके केस के जांच अधिकारी समीर वानखेड़े को जाने थे.
प्रभाकर सैल ने ये भी कहा कि जिस तरह किरण गोसावी फरार हुआ, उसके बाद से उसे समीर वानखेड़े से अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है. प्रभाकर के आरोपों पर इंडिया टुडे से बात करते हुए समीर वानखेड़े ने कहा कि ये दुखद और खेदजनक है और वे प्रभाकर के‌ दावों का करारा जवाब देंगे.
प्रभाकर का कहना है कि उसने किसी के दबाव या पैसे के लालच में ये बात नहीं कही है और न ही उसका किसी मंत्री से कोई संबंध है. उसने कहा है,
"मैंने सहर पुलिस स्टेशन में कंप्लेंट की है. गोसावी को सरेंडर करने दीजिए, उसके बाद मैं फिर बोलूंगा."
बता दें कि प्रभाकर के आरोपों के बाद एनसीबी ने वानखेड़े के खिलाफ विजिलेंस इंक्वारी शुरू कर दी है. इस सिलसिले में एनसीबी की पांच सदस्यीय टीम कल मुंबई जाएगी. एनसीबी के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह की अगुवाई में ये टीम आरोपों की जांच करेगी. इस बीच पुणे पुलिस की टीमें किरण गोसावी को गिरफ्तार करने के लिए उत्तर प्रदेश निकल गई हैं.

Advertisement

Advertisement

()