आर्यन खान के साथ सेल्फी में दिखे किरण गोसावी ने गिरफ्तारी से पहले किस पर आरोप लगाए?
धोखाधड़ी के केस में फरार था गोसावी.
Advertisement

आर्यन खान ड्रग्स मामले में गिरफ्तारी के बाद सेल्फी में नजर आया था किरण गोसावी.
शाहरुख खान (Shah rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) के ड्रग्स केस में पकड़े जाने के बाद एक सेल्फी वायरल हुई. इसमें आर्यन खान के साथ एक मुस्कुराता हुआ शख्स नजर आया. पता चला कि इसका नाम किरण गोसावी (Kiran Gosavi) है. बवाल खड़ा हो गया कि छापे के दौरान ये कौन है, जो सेल्फी ले रहा है. बाद में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उसे मामले में अपना गवाह बताया. अब पुणे पुलिस ने गोसावी को गिरफ्तार कर लिया है. गोसावी पर धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं. गिरफ्तारी से पहले गोसावी ने एक वीडियो जारी करके अपनी बात रखी.
पुराने केस में गिरफ्तारी
पुणे के फर्शखाना थाने में दर्ज धोखाधड़ी के केस में भी पुलिस को किरण गोसावी की तलाश थी. ये मामला साल 2018 का है. उसके खिलाफ फरारी का नोटिस भी जारी किया गया था. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के लिए 2 टीमें बनाई गई थीं. इसके बाद 27-28 अक्टूबर की देर रात करीब 3 बजे गोसावी को हिरासत में लिया गया.
आजतक ने पुलिस के हवाले से बताया है कि 2018 में किरण गोसावी और शेरबानो कुरैशी पर आरोप है कि उसने पुणे के चिन्मय देशमुख नाम के युवक को मलेशिया में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था और 3 लाख रुपये ठग लिए थे. पुणे पुलिस ने शेरबानो कुरैशी को मुंबई से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. अब गोसावी की भी गिरफ्तारी हो गई है.
पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि,
"किरण गोसावी को धोखाधड़ी के एक केस में साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था. उसके खिलाफ 2019 में चार्जशीट भी फाइल की गई थी. यदि हमें उसके खिलाफ और शिकायतें मिलती हैं तो उसके खिलाफ ताजा केस दर्ज करेंगे. अभी तक मुंबई पुलिस या किसी दूसरी एजेंसी की तरफ से उसे हैंड ओवर करने को लेकर कोई डिमांड नहीं आई है. किरण गोसावी अपने लिए सचिन पाटिल नाम का इस्तेमाल कर रहा था. हमारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से अब तक कोई बात नहीं हुई है. ये मामला में किसी तरह की राजनीति नहीं है."
आर्यन केस में गोसावी की भूमिका आर्यन खान के साथ सेल्फी लेकर चर्चा में आए किरण गोसावी के बारे में पहले लोगों ने अनुमान लगाया था कि वह NCB का कोई ऑफिसर होगा. मगर NCB ने स्टेटमेंट जारी करके ये क्लियर किया कि वह NCB से जुड़ा हुआ नहीं है. बाद में, NCP नेताओं ने दावा किया कि किरण गोसावी एक प्राइवेट डिटेक्टिव है. इधर किरण गोसावी का बॉडीगार्ड होने का दावा कर रहे प्रभाकर सैल ने उन पर गंभीर आरोप लगाए. सैल का दावा है कि क्रूज शिप पर मारी गई रेड शाहरुख खान से 25 करोड़ रुपये वसूलने के प्लान का हिस्सा थी. इन 25 करोड़ में से 8 करोड़ रुपये समीर वानखेड़े को मिलने थे. इसे लेकर किरण गोसावी से डील भी हुई थी. इस मामले में एनसीबी ने समीर वानखेड़े से भी पूछताछ की है. अपनी गिरफ्तारी से पहले किरण गोसावी ने मराठी में एक वीडियो जारी कर प्रभाकर सैल पर आरोप लगाए. गोसावी ने कहा कि,Kiran Gosavi has been arrested in a 2018 cheating case. A charge-sheet was filed in the case in 2019. If we get more complaints against him, we will register fresh offence against him: Amitabh Gupta, Commissioner of Police, Pune City pic.twitter.com/qkh9tsCFj7
— ANI (@ANI) October 28, 2021
"सैम डिसूज़ा के साथ किसकी बात हुई, किसने कितने पैसे लिए, प्रभाकर सैल को पिछले पांच दिनों में कौन से ऑफर आए हैं, ये उसके मोबाइल से पता चल जाएगा. मैं मीडिया से अपील करता हूं कि प्रभाकर और उसके दोनों भाइयों की कॉल डिटेल्स और मोबाइल चैट निकालें. मेरे भी चैट निकालें और देखें कि मैंने कुछ बात की है क्या?
मेरा इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस है. आप दो तारीख के बाद की इसकी चैट्स देख लें. उसने जो चैट्स डिलीट की हैं, उन्हें भी निकालिए. मेरी इतनी ही विनती है. मुंबई पुलिस को सबसे पहले इसी पर कार्रवाई करनी चाहिए. जो भी मंत्री वगैरह इसके पीछे हैं, उन सबकी इन्फॉर्मेशन निकालिए.
मुझे इतना ही कहना है. मैं मराठी आदमी हूं. इसलिए मैं चाहता हूँ कि मेरे साथ कोई न कोई तो खड़ा हो. कोई अपोज़ीशन का नेता या सत्ताधारी मंत्री मेरा साथ दे. मुंबई पुलिस से कम से कम इतनी दरख्वास्त करे कि जो मैं कह रहा हूँ, वो चेक करें. ये (सैम डिसूज़ा) जो-जो इल्ज़ाम लगा रहा है, सब झूठ है. पैसे इन्हीं लोगों ने लिए हैं. इसमें सबसे मेन ये और इसके दोनों भाई हैं."
#KiranGosavi Just before his arrest released this video !! pic.twitter.com/ICHhiofvzo — Vasundhra Chauhan (@Dilsedesh) October 28, 2021गौरतलब है कि किरण गोसावी ने ही दावा किया था कि आर्यन खान ने ड्रग्स केस में हिरासत में लिए जाने के बाद सबसे पहले अपने पैरंट्स से नहीं, सैम डिसूजा से बात की थी. इस मामले में रोचक मोड़ तब आया, जब प्रभाकर सैल ने जिसे सैम डिसूजा बताया था, वो हैनिक बाफना निकला. बाफना ने दावा किया है कि सैम डिसूजा के नाम से फर्जी पहचान बनाने के लिए उनकी प्रोफाइल तस्वीर और डिटेल्स का दुरुपयोग किया गया.

.webp?width=60)

