सरकारी आवास सहित सभी सुविधाएं छोड़ेंगे केजरीवाल, AAP बोली- आम लोगों के बीच रहेंगे
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बताया है कि उन्होंने केजरीवाल को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी. केजरीवाल ने फैसला किया है कि वो नियमों के अनुसार घर खाली कर देंगे और आम लोगों के बीच रहेंगे.

दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री आवास खाली करने वाले हैं. पार्टी के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बताया कि केजरीवाल 15 दिनों में सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास खाली करने वाले हैं. बुधवार, 18 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में संजय सिंह ने कहा है कि केजरीवाल सुरक्षा, कार, ड्राइवर और स्टाफ़ जैसी अन्य सभी सुविधाएं भी छोड़ देंगे.
संजय सिंह ने फिलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि मुख्यमंत्री आवास खाली करने के बाद केजरीवाल और उनका परिवार कहां रहेगा. उन्होंने कहा,
“किसी भी निर्वाचित मुख्यमंत्री को कई सरकारी सुविधाएं मिलती हैं. लेकिन 17 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद उन्होंने पहली बात यही कही कि वो 15 दिन में मकान खाली कर देंगे और सभी सुविधाएं छोड़ देंगे.”
कहा जा रहा है कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के प्रमुख की हैसियत से केजरीवाल, सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह सकते हैं. संजय सिंह ने केजरीवाल की सुरक्षा के बारे में भी बात की. उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल पर पहले भी कई बार हमले हुए हैं. संजय सिंह ने कहा,
“हमने उन्हें समझाने की कोशिश की. उन्हें बताया कि उनका आधिकारिक आवास न सिर्फ़ मुख्यमंत्री के रूप में उनकी भूमिका के लिए, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए भी ज़रूरी है. लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी. उन्होंने फैसला किया है कि वो नियमों के अनुसार घर खाली कर देंगे और भगवान की दी हुई सुरक्षा के साथ आम लोगों के बीच रहेंगे. भगवान उनके साथ हैं. वो खूंखार अपराधियों के बीच 6 महीने जेल में रहे.”
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बता दें, बीते साल 6 फ्लैग स्टाफ़ रोड, सिविल लाइंस, दिल्ली यानी दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास को लेकर भारी विवाद हुआ था. भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच CM हाउस को बंद भी कर दिया गया था.
वहीं, सीएम हाउस के रेनोवेशन और कंस्ट्रक्शन में शामिल लोक निर्माण विभाग (PWD) के 10 अधिकारियों को कथित भ्रष्टाचार के लिए सस्पेंड भी किया गया था. BJP ने इसे 'शीश महल' बताया और रेनोवेशन में 45 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की थी. वहीं, AAP दूसरे पार्टी के मुख्यमंत्रियों के खर्च का ब्यौरा जारी कर रही थी.
बताते चलें, अरविंद केजरीवाल ने 17 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आतिशी को अपना उत्तराधिकारी चुना है.
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