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"CBI को सीजर की पत्नी की तरह..." केजरीवाल को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CBI की 'क्लास' लगा दी

Arvind Kejriwal Bail Condition: लंबी सुनवाई के बाद Supreme Court ने Arvind Kejriwal को बेल दी. इस दौरान कोर्ट ने जांच एजेंसी CBI को लेकर कई बड़े कॉमेंट किए हैं. उन्होंने कहा है कि CBI को 'पिंजरे में बंद तोते' की तरह काम नहीं करना चाहिए.

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13 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 01:30 PM IST)
Ujjal Bhuyan and Arvind Kejriwal
सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी है. (फाइल फोटो: सुप्रीम कोर्ट/PTI)
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CBI को अपने ‘पिंजरे में कैद तोते’ वाली इमेज से बचना चाहिए. CBI को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी ये वाली इमेज समाप्त हो. ये बातें सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Bail) को जमानत देने के दौरान कही है. इसके अलावा कोर्ट ने CBI के द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाए. जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि CBI ने ED मामले में केजरीवाल को मिली जमानत में बाधा डालने के लिए ही उन्हें गिरफ्तार किया. हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत ने इस गिरफ्तारी को वैध ठहराया.

"22 महीनों तक गिरफ्तारी की जरूरत महसूस नहीं हुई"

CBI ने इस मामले में कोर्ट से मांग की थी कि केजरीवाल को जमानत के लिए निचली अदालत में भेजा जाए. 13 सिंतबर को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. जस्टिस भुइयां ने कहा,

"ED मामले में जमानत मिलने के बाद एजेंसी द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी केवल उनकी जेल से रिहाई को रोकने के लिए थी. CBI ने उन्हें पहले गिरफ्तार करने की जरूरत महसूस नहीं की. मार्च 2023 में उनसे पूछताछ की गई थी. ED मामले में जमानत मिलने के बाद ही CBI सक्रिय हुई और उनके हिरासत की मांग की. इस तरह 22 महीने से अधिक समय तक गिरफ्तारी की आवश्यकता महसूस नहीं हुई. CBI की ये कार्रवाई गिरफ्तारी के समय पर गंभीर सवाल उठाती है."

ये भी पढ़ें: Arvind Kejriwal की जमानत की शर्तें

"CBI को जूलियस सीजर की पत्नी की तरह होना चाहिए"

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि CBI को ‘पिंजरे में बंद तोते’ की तरह काम नहीं करना चाहिए. उन्हें सभी संदेहों से परे होना चाहिए. उन्होंने अपने आदेश में कहा, 

“CBI को निष्पक्ष रूप से देखा जाना चाहिए और हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए ताकि गिरफ्तारी मनमानी तरीके से न हो. देश में धारणा मायने रखती है और CBI को अपने लिए ‘पिंजरे में बंद तोते’ वाली धारणा को दूर करना चाहिए. और ये दिखाना चाहिए कि वो ‘पिंजरे से बाहर का तोता’ है. CBI को सीजर की पत्नी की तरह होना चाहिए, संदेह से परे.”

दिल्ली शराब नीति मामले में ED ने केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 26 जून को उन्हें CBI ने गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले 5 सितंबर को कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

वीडियो: पड़ताल: क्या अरविंद केजरीवाल ने Uddhav Thackeray को Bala Saheb Thackeray की 'नकली संतान कहा ?

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