"CBI को सीजर की पत्नी की तरह..." केजरीवाल को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CBI की 'क्लास' लगा दी
Arvind Kejriwal Bail Condition: लंबी सुनवाई के बाद Supreme Court ने Arvind Kejriwal को बेल दी. इस दौरान कोर्ट ने जांच एजेंसी CBI को लेकर कई बड़े कॉमेंट किए हैं. उन्होंने कहा है कि CBI को 'पिंजरे में बंद तोते' की तरह काम नहीं करना चाहिए.

CBI को अपने ‘पिंजरे में कैद तोते’ वाली इमेज से बचना चाहिए. CBI को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी ये वाली इमेज समाप्त हो. ये बातें सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Bail) को जमानत देने के दौरान कही है. इसके अलावा कोर्ट ने CBI के द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाए. जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि CBI ने ED मामले में केजरीवाल को मिली जमानत में बाधा डालने के लिए ही उन्हें गिरफ्तार किया. हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत ने इस गिरफ्तारी को वैध ठहराया.
"22 महीनों तक गिरफ्तारी की जरूरत महसूस नहीं हुई"CBI ने इस मामले में कोर्ट से मांग की थी कि केजरीवाल को जमानत के लिए निचली अदालत में भेजा जाए. 13 सिंतबर को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. जस्टिस भुइयां ने कहा,
ये भी पढ़ें: Arvind Kejriwal की जमानत की शर्तें
"CBI को जूलियस सीजर की पत्नी की तरह होना चाहिए"बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि CBI को ‘पिंजरे में बंद तोते’ की तरह काम नहीं करना चाहिए. उन्हें सभी संदेहों से परे होना चाहिए. उन्होंने अपने आदेश में कहा,
दिल्ली शराब नीति मामले में ED ने केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 26 जून को उन्हें CBI ने गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले 5 सितंबर को कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
वीडियो: पड़ताल: क्या अरविंद केजरीवाल ने Uddhav Thackeray को Bala Saheb Thackeray की 'नकली संतान कहा ?

.webp?width=60)

