मेघालय के राज्यपाल वी शनमुगनाथन ने इस्तीफा दे दिया है. उनपर मेघालय की महिला नेइंटरव्यू लेने के बहाने यौन शोषण करने का इल्ज़ाम लगाया था. वहां के अखबारों में इसखबर के आने बाद शिलॉन्ग राजभवन के 80 से ज्यादा कर्मचारियों ने प्रधानमंत्रीकार्यालय और राष्ट्रपति भवन को चिट्ठी लिखकर मेघालय के राज्यपाल वी शनमुगनाथन कोहटाने की मांग की थी. शनमुगनाथन जब ईटानगर में 26 जनवरी की परेड की सलामी ले रहेथे, तब उन्हें हटाने की मांग के साथ शिलॉन्ग में प्रदर्शन चल रहे थे.फोटोः फेसबुकशनमुगनाथन 68 साल के हैं. तमिलनाडु से आते हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानीआरएसएस और भाजपा से जुड़े रहे हैं. उन्हें 2015 में मेघालय का राज्यपाल बनाया गया.अगस्त 2016 में नजमा हेप्तुल्ला को मणिपुर की राज्यपाल बनाए जाने तक उनके पासमणिपुर का चार्ज भी था. इसके बाद सितंबर 2016 को वे अरुणाचल प्रदेश के कार्यकारीराज्यपाल बनाए गए जब जे. पी. राजखोवा को उनके पद से हटाया गया. तब से वे ईटानगर औरशिलॉन्ग के बीच वक्त बिताते थे.बकौल इंडियन एक्सप्रेस, अपने पांच पन्नों के पत्र में राजभवन के स्टाफ ने लिखा थाकि शनमुगनाथन की हरकतें राजभवन की गरिमा के खिलाफ हैं. उन्होंने राजभवन को एकलेडीज़ क्लब में तब्दील कर दिया है. औरतें अपनी मर्ज़ी से राजभवन आती जाती हैं औरये सब राज्यपाल के कहने पर होता है. इस सब से राजभवन के कर्मचारी दुखी हैं.इससे पहले शनमुगनाथन पर एक महिला ने ये इलज़ाम लगाया था कि उन्होंने उसका इंटरव्यूलेने के बहाने उस के साथ छेड़छाड़ की. द वायर पर छपी खबर के मुताबिक इस महिला कोपब्लिक रिलेशन अफसर के पद के इंटरव्यू के लिए 8 दिसंबर 2016 को राजभवन बुलाया गया.जबकि इस पद पर 7 दिसंबर को ही एक दूसरी महिला की नियुक्ति हो गई थी. शनमुगनाथन नेकथित तौर पर महिला को गले लगाने और किस करने की कोशिश की. महिला ने पुलिस मेंशिकायत दर्ज नहीं करवाई थी, लेकिन पुलिस ने मामले पर सरकार से निर्देश मांग लिएथे और कानूनी राय भी चाही थी. मुख्य मंत्री मुकुल संगमा ने पीटीआई से कह दिया था किवे केंद्र से 'संपर्क' में हैं.पहले भी फंसे हैं विवादों मेंशनमुगनाथन अगस्त 2016 में मणिपुर के राज्यपाल के हैसियत से इंफाल में मणिपुर स्टेटफिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ कल्चर का उद्घाटन करने पहुंचेथे. बकौल इंडिया टुडे, शनमुगनाथन वहां मणिपुर के माने हुए बुद्धिजीवियों से कह गएकि 100 शब्दों में 'संस्कृति' क्या है समझाते हुए एक लेटर लिख दें, तो कॉफी और नकदइनाम के मिलेगा. इस बात का मणिपुर के बुद्धिजीवियों ने काफी बुरा माना था.शनमुगनाथन पहले राज्यपाल नहीं हैं जिन्हें इस तरह के आरोपों का सामना करना पड़ रहाहै. 2009 में एन. डी. तिवारी का नाम उनके आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रहते हुए सेक्सस्कैंडल में सामने आया था. तब उनके खिलाफ महिला संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिएथे. खुद कांग्रेस ने उनपर इस्तीफा देने का दबाव बनाया तब जाकर उन्होंने इस्तीफादिया था.शनमुगनाथन ने छेड़खानी वाली बात से इनकार किया था. लेकिन राजभवन के कर्मचारियों कीचिट्ठी पर उनका पक्ष सामने नहीं आया था.केंद्र में जिस पार्टी की सरकार होती है, वो अपने रिटायर हो चुके नेताओं कोराज्यपाल बनाकर 'सम्मानजनक' विदाई देती है. 'महामहिम' बनकर नेता भी खुश हो जाते हैंऔर पार्टी के बाकी नेताओं के लिए रोड़ा नहीं बनते. लेकिन ये विन विन सिचुएशन हमेशानहीं रहती. कई बार ये सफेद हाथी सही में महंगे पड़ जाते हैं. लगता है इस बार भी यहीहुआ है.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ेंःजब एनडी तिवारी ने कहा, 'मेरा हनीमून तो आप ही के साथ मन रहा है'बीती रात एक CM को सस्पेंड कर दिया गया, आपको खबर पहुंची?