बडगाम में नहीं हुआ जवान का अपहरण, रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा 'सुरक्षित है जवान'
फिर घरवालों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से शिकायत क्यों की...
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रक्षा मंत्रालय ने जवान की गिरफ्तारी की बात नकारी (सांकेतिक तस्वीर)
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शुक्रवार शाम खबर आई कि जम्मू कश्मीर लाइट इंफैन्ट्री रेजीमेंट में तैनात जवान मोहम्मद यासीन अगवा हो गए हैं. यासीन के परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि कुछ लोग उनके घर आए और यासीन को ले गए. जवान का घर बडगाम के काजीपुरा चाडूरा इलाके में था, और वो अपने घर छुट्टियों पर आए था. घरवालों की तरफ से शिकायत देने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई. खबरें आने लगी कि आतंकवादियों ने 27 साल के जवान यासीन को अगवा कर लिया है.
इससे पहले भी कई जवान अगवा हो चुके हैं
लोगों का परेशान होना लाज़िमी था, क्योंकि ये पहला मौका नहीं है जब किसी जवान के अगवा होने की खबरें आई हो. जम्मू कश्मीर में इससे पहले भी कई जवान अगवा किए जा चुके हैं. लेफ्टिनेंट उमर फैयाज याद होंगे आपको. साल 2017 में आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर लिया था. उनका अपहरण उस वक्त हुआ था जब वो ड्यूटी से छुट्टी पर थे और निहत्थे थे. उमर फैयाज अपने रिश्तेदार के घर एक शादी समारोह में गए हुए थे. अपहरण करने के बाद आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी. अगली सबुह उनकी डेड बॉडी मिली थी. उनकी उम्र सिर्फ 23 साल थी.

लेफ्टिनेंट उमर फैयाज़ (बाएं) और सिपाही औरंगजेब (दाएं)
उसके बाद 25 साल के जवान औरंगजेब के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. जब पिछले साल यानी साल 2018 में वो छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे. फिर पुलवामा से आतंकवादियों ने औरंगजेब को अगवा किया था. उनको टॉर्चर भी किया गया था, आतंकियों ने औरंगजेब को टॉर्चर करने के कई वीडियोज़ रिलीज़ किए थे. उसके बाद सिपाही औरंगजेब की हत्या कर दी गई थी.
लेकिन इन सारी खबरों पर डिमेंस मिनिस्ट्री के ट्वीट ने पूर्ण विराम लगा दिया. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ किया है कि छुट्टी पर चल रहे जवान के अपहरण की बात बेबुनियाद है.#JammuAndKashmir
— ANI (@ANI) March 8, 2019
: An army Jawan of (JAKLI Unit) Mohammad Yaseen reportedly kidnapped by terrorists from his residence in Qazipora Chadoora in Budgam, today late evening. More details awaited. pic.twitter.com/oHhhG2wXlz
स्पष्टीकरण. बडगाम के चाडूरा इलाके के काजीपोरा से छुट्टी पर गए सेना के जवान के अगवा होने की मीडिया रिपोर्ट गलत है. जवान पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
रक्षा मंत्रालय के बयान के बाद लोगों को कुछ शांति मिली, क्योंकि बडगाम जिला आतंक प्रभावित क्षेत्र में से एक माना जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यासीन शनिवार सुबह 5 बजे के करीब अपने रेजिमेंटल सेंटर पर सुरक्षित पहुंच गए. जिसके बाद रक्षा मंत्रालय का ट्वीट आया. अब यासीन कहां गए थे. पूरी रात कहां थे. उन्हें कौन लेकर गया था. ये सब जांच का विषय है. लेकिन अच्छी खबर ये है कि वो पूरी तरह से सुरक्षित हैं.Clarification. Media reports of the abduction of a serving Army soldier on leave from Qazipora, Chadoora, Budgam are incorrect. Individual is safe. Speculations may please be avoided.@PMOIndia
— Defence Spokesperson (@SpokespersonMoD) March 9, 2019
@nsitharaman
@DefenceMinIndia
@PIB_India
@adgpi
इससे पहले भी कई जवान अगवा हो चुके हैं
लोगों का परेशान होना लाज़िमी था, क्योंकि ये पहला मौका नहीं है जब किसी जवान के अगवा होने की खबरें आई हो. जम्मू कश्मीर में इससे पहले भी कई जवान अगवा किए जा चुके हैं. लेफ्टिनेंट उमर फैयाज याद होंगे आपको. साल 2017 में आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर लिया था. उनका अपहरण उस वक्त हुआ था जब वो ड्यूटी से छुट्टी पर थे और निहत्थे थे. उमर फैयाज अपने रिश्तेदार के घर एक शादी समारोह में गए हुए थे. अपहरण करने के बाद आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी थी. अगली सबुह उनकी डेड बॉडी मिली थी. उनकी उम्र सिर्फ 23 साल थी.

लेफ्टिनेंट उमर फैयाज़ (बाएं) और सिपाही औरंगजेब (दाएं)
उसके बाद 25 साल के जवान औरंगजेब के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. जब पिछले साल यानी साल 2018 में वो छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे. फिर पुलवामा से आतंकवादियों ने औरंगजेब को अगवा किया था. उनको टॉर्चर भी किया गया था, आतंकियों ने औरंगजेब को टॉर्चर करने के कई वीडियोज़ रिलीज़ किए थे. उसके बाद सिपाही औरंगजेब की हत्या कर दी गई थी.

