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जेल में घुसकर खालिस्तानी मिलिटेंट हरमिंदर को भगा ले गए हमलावर

चुनाव के पहले खालिस्तानी मिलिटेंट के जेल से भागने का क्या मतलब है?

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हरमिंदर सिंह मिंटू
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27 नवंबर 2016 (Updated: 27 नवंबर 2016, 09:18 AM IST)
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पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से पहले तमाम तरह की रस्साकसी चल रही है. इसी बीच पंजाब में एक ऐसी घटना हुई, जो न केवल पंजाब, बल्कि पूरे भारत का हिलाने वाली है. दस हथियारबंद हमलावरों ने पटियाला की नाभा जेल पर हमला कर दिया और खालिस्तानी लिबरेशन फोर्स के चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू को अपने साथ लेकर फरार हो गए. हरमिंदर के अलावा पांच और गैंगस्टर भी छुड़ाए गए हैं.
https://twitter.com/ANI_news/status/802737019294093312?ref_src=twsrc%5Etfw
पंजाब पुलिस ने इस घटना के फौरन बाद जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से सटे बॉर्डर पर हाई-अलर्ट जारी कर किया है. इन हमलावरों ने जेल तक पहुंचने के लिए टोयोटा फॉर्च्यूनर, मारुति स्विफ्ट और हुंडई वेरना का इस्तेमाल किया था. सभी हमलावर सुबह लगभग 10 बजे पुलिस की वर्दी में नाभा जेल पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट करने लगे. इस दौरान करीब 100 राउंड फायरिंग भी हुई. पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने बताया "हमलावरों ने दो लोगों के हाथ में हथकड़ी लगा रखी थी. जिससे लगे कि वो असली पुलिसवाले हैं."

कौन है हरमिंदर मिंटू

हरमिंदर सिंह मंटू
हरमिंदर सिंह मिंटू

2014 में गिरफ्तार हुआ था खालिस्तानी चीफ

पंजाब पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नवंबर 2014 में थाइलैंड से आ रहे खालिस्तानी चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू को गिरफ्तार किया था. वो मलयेशिया के फर्जी पासपोर्ट पर ट्रैवल कर रहा था, जिसमें उसका नाम गुरदीप सिंह लिखा हुआ था.

हरमिंदर सिंह मंटू पर दस टेरर केसेज हैं 

मिंटू पर दस आतंकी मामले दर्ज हैं, जिसमें सिरसा के डेरा सच्चा सौदा चीफ गुरमीत राम रहीम पर 2008 में हुआ हमला और 2010 में हलवारा एयरफोर्स स्टेशन पर धमाका करने की कोशिश शामिल है. मंटू का नाम शिव सेना के तीन नेताओं की हत्या करने के केस में भी है.

पहले बब्बर खालसा का मिलिटेंट था हरमिंदर

49 साल का हरमिंदर मिंटू  2009 तक वाधवा सिंह के खालिस्तानी मिलिटेंट ग्रुप 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' का सदस्य रहा. बाद में मतभेद होने की वजह से वो खालिस्तान लिबरेशन फोर्स में शालिम हो गया. खालिस्तान लिबरेशन फोर्स में शामिल होने के कुछ ही महीने बाद वो इस संगठन का मुखिया बन गया.

मिंटू पाकिस्तानी एजेंसी ISI के टच में भी रहता था

हरमिंदर सिंह मिंटू पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के टच में भी रहता था. मिंटू की ट्रेनिंग और फंडिंग पाकिस्तान में ही हुई है. पंजाब पुलिस के रिकार्ड्स के मुताबिक मिंटू 2010 में यूरोप गया था अपने कॉन्टैक्ट्स को बढ़ाने के लिए. फिर पाकिस्तान में रहा और 2013 में पाकिस्तान छोड़कर फिर से 11 महीने के लिए यूरोप गया था. इस दौरान उसने इटली, बेल्जियम, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों की यात्रा की थी. मिंटू ISI की मदद से ही यूरोप गया हुआ था.

साउथ-ईस्ट एशिया के देशों में फैला है मिंटू का नेटवर्क

पुलिस की पूछताछ में हरमिंदर सिंह मिंटू कबूल कर चुका है कि साउथ-ईस्ट एशिया में उसका अच्छा नेटवर्क है, जिसमें कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं. थाईलैंड मंटू के खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का ऑपरेशन बेस रहा है. मंटू गिरफ्तार होने से पहले लगातार पाकिस्तान जाता-आता रहा है. मंटू का ऑर्गनाइजेशन 'खालिस्तान लिबरेशन फोर्स' फंड्स, रिक्रूटमेंट और नफरत फ़ैलाने के लिए लगातार इंटरनेट का इस्तेमाल करता रहा है.
मिंटू के साथ जिन पांच गैंगस्टर्स को छुड़ाया गया है, उसमें कुख्यात अपराधी विक्की गोंडर भी शामिल है. विक्की गोंडर और उसके 15 गैंगस्टर जनवरी 2015 से जेल में बंद थे. पुलिस ने इनको गैंगस्टर सुखा कहलों को सरेआम जान से मारने के बाद गिरफ्तार किया था. सुखा कहलों उस समय कोर्ट में पेश होने जा रहा था. कहलों को गोली मारने के बाद विक्की और उसके गैंग के गुर्गे बीच सड़क पर नाच रहे थे.



ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है 

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