मथुरा में भारी बवाल हो गया है. 280 एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटवाना सरकार कोमहंगा पड़ा. गुरुवार को कब्जा हटवाने गई पुलिस टीम से मार मच गई, जिसमें शहर के दोबड़े पुलिस अफसरों SP मुकुल त्रिवेदी और SHO संतोष कुमार समेत 24 लोगों की मौत होगई. कई गंभीर रूप से घायल हैं. CM ऑफिस ने SHO संतोष कुमार की फैमिली को 20 लाखरुपए की मदद का ऐलान किया है.23 पुलिस वाले अस्पताल में भर्ती हैं. इनमें कुछ को गोली लगी है और कुछ कोलाठी-डंडे से चोट लगी है. पुलिस के मुताबिक, इस घटना में कुल 22 उपद्रवियों की मौतहुई है. DGP नवीद के मुताबिक, 11 उपद्रवी अपनी ही झोपड़ियों में विस्फोट और 11पुलिस के लाठी चार्ज में मारे गए.https://www.youtube.com/watch?v=4Yf4klOu7KIएसपी मुकुल द्विवेदी इस ऑपरेशन की अगुवाई कर रहे थे. उन्हें सिर में पत्थर लगा.खबरों के मुताबिक, अस्पताल में तीन हार्ट अटैक के बाद उनकी मौत हो गई. संतोष कुमारयादव को सिर में गोली लगी.https://twitter.com/CMOfficeUP/status/738399490395148289https://twitter.com/CMOfficeUP/status/738397782948466688शहीद SP मुकुल त्रिवेदी शहीद SHO संतोष कुमारकब्जा करने वाले ग्रुप की कुंडलीजवाहर पार्क है इस जगह का नाम. जिस पर 'आजाद भारत विधिक वैचारिक सत्याग्रही' ग्रुपने कब्जा किया हुआ है. धरने के बहाने. और आज से नहीं, 11 जनवरी 2014 से वहां धरनाचल रहा है. अफसर बताते हैं कि रामवृक्ष यादव इस पूरे मथुरा में बवाल के मामले मेंगुड़ का बाप कोल्हू है. उसी ने पुलिस पर हमले के लिए भी लोगों को भड़काया. 2500 जनोंने मिलकर ये जगह कब्जियाई हुई थी. 270 एकड़ के प्लॉट पर इन फर्जी सत्याग्रहियोंने दो साल से सैकड़ों झोपड़ियां बनाकर कब्जा कर रखा था. कब्जेदारों ने बड़े हमले केलिए पुलिस टीम तैयार नहीं थी. उन्हें पीछे हटना पड़ा. बाद में एक हजार पुलिस वालोंने नए सिरे से हमला किया और ऑपरेशन खत्म किया. पुलिस वाले कहते तो हैं कि इन सबकेपीछे कोई नेता-वेता का हाथ नहीं है. लेकिन लोकल लोगों की खुसफुसी पर जाएं तोसमाजवादी पार्टी के नेताओं से कॉन्टैक्ट रखते थे, उनका प्रश्रय मिला था इनको.'स्वाधीन भारतीय सुभाष सेना' इसी ग्रुप का नाम है. कहते हैं आजाद भारत नाम का येग्रुप नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों पर चल रहा है. उनकी आजाद हिंद फौज सेइंस्पायर होकर ये ग्रुप बना है. इनकी मान्यता है कि मथुरा में जो बाबा जयगुरुदेवरहा करते थे वही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे.इनकी मांगे कितनी वैचारिक हैं, देखें.1: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का चुनाव रद्द किया जाए 2: पेट्रोल का रेट एक रुपएप्रति 60 लीटर किया जाए 3: डीजल का रेट एक रुपए में 40 लीटर किया जाए 4: भारत कीवर्तमान मुद्रा बदल दी जाए 5: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए.जब पुलिस की टीम पर हमला कर दियापिछले दो महीने से तैयारी चल रही है वो जमीन खाली कराने की. गुरुवार को सिटी SPपुलिस की टीम लेकर वहां गए. उस टीम पर ग्रुप के लोगों ने पत्थर से हमला कर दिया.थोड़ी देर बाद गोली भी चलने लगी. तब पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी.https://twitter.com/ANI_news/status/738625253937545216उपद्रवियों का नेता रामवृक्ष यादव फरारखबरों के मुताबिक, पुलिस टीम को फायरिंग की आशंका नहीं थी. कब्जेदारों का सामनाकरने के लिए अफसरों ने हाथों में डंडा लिए ट्रेनी सिपाहियों को आगे कर दिया. जोहालात से निपटने में नाकाम रहे. उनके हाथों में सिर्फ डंडे थे. जब बात बिगड़ी, तबअधिकारी आगे आए.खैर ऑपरेशन पूरा हुआ. जमीन खाली हो गई. तमाम हथियारों का जखीरा बरामद किया गया. 45ठो 315 बोर के देसी कट्टे, 5 राइफल 315 बोर की, 2 कट्टे 312 बोर के, और ढेरोंकारतूस मिली है. यूपी डीजीपी जावीद अहमद ने बताया कि कब्जेदारों ने अपनी झोपड़ियोंमें आग लगा दी और इन झोपड़ियों में गैस सिलेंडर और विस्फोटक थे. उपद्रवियों का नेतारामवृक्ष यादव फरार हो गया है. उस पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगेगा.सवाल ये भी है कि बीते दो साल में लगातार अपनी संख्या और सामर्थ्य बढ़ाने में जुटेये लोग प्रशासन की निगाह से कैसे बचते रहे. जबकि साफ था कि इन्होंने प्रशासन सेसिर्फ पांच दिन की मोहलत मांगी थी. वो पांच दिन 760 दिन से ज्यादा हो गए लेकिनपुलिस ने कुछ नहीं किया और जब करने पहुंची भी तो बिना तैयारी के. जिसका नतीजा भारीरक्तपात और पुलिस वालों की मौत है.लेकिन हेमा मालिनी बेखबर रहीं?मथुरा जल रहा है, लेकिन सांसद हेमामालिनी अपने संसदीय क्षेत्र से दूर हैं. वह मुंबईके मड आईलैंड में शूटिंग में बिजी हैं. फिल्म का नाम है, 'एक थी रानी.' घटनागुरुवार की है, लेकिन शुक्रवार सुबह 11 बजे तक हेमा मालिनी को इसकी खबर ही नहीं थी.वह 11 बजे तक अपनी शूटिंग की तस्वीरें ट्विटर पर अपलोड कर रही थीं. उन्होंने लिखाथा, 'इस फिल्म के जल्द रिलीज होने की उम्मीद.'https://twitter.com/SmokingSkills_/status/738614390673440769https://twitter.com/ANI_news/status/738618433139445761लेकिन देर-सवेर उन्हें घटना का पता लगा तो उन्होंने ये तस्वीरें डिलीट कर लीं. इसकेबाद उन्होंने चार ट्वीट किए. मृतक पुलिस वालों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि जरूरतपड़ी तो वहां जरूर जाऊंगी. रिपीट, 'जरूरत पड़ी तो जरूर जाऊंगी.'https://twitter.com/dreamgirlhema/status/738618594058084352https://twitter.com/dreamgirlhema/status/738618006289289216