घाटी में एक और कश्मीरी पंडित की टार्गेटेड किलिंग, सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या
संजय पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से कश्मीरी पंडित की हत्या कर दी गई. पुलवामा में बैंक के एक सिक्योरिटी गार्ड को संदिग्ध आतंकियों ने गोली मार दी. अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
मृतक का नाम संजय पंडित बताया जा रहा है. वो पुलवामा के अचान के रहने वाले थे. इंडिया टुडे से बात करते हुए सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि 26 फरवरी की सुबह आतंकियों ने संजय पर गोली से हमला किया. जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि संजय जब लोकल मार्केट जा रहे थे, उसी दौरान आंतकियों ने उनपर हमला कर दिया.
हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला का बयान सामने आया है. उन्होंने इंडिया टुडे से फोन पर बात करते हुए कहा कि
इस हत्या से बहुत दुखी हूं. ये खून खेल बंद होना चाहिए. बदकिस्मती से कश्मीरी पंडित लगातार टार्गेट किए जा रहे हैं. मैं घाटी के मुस्लिमों से अपील करना चाहूंगा कि वो कश्मीरी पंडितों की रक्षा करें. हमें एक दिन अल्लाह को मुंह दिखाना है.
इसके अलावा फारूक ने केंद्र सरकार से अपील की कि जो कश्मीरी पंडित सरकारी मुलाजिम हैं उन्हें जबरदस्ती घाटी ना भेजा जाए. उन्होंने कहा कि घाटी में अभी पंडितों के लिए स्थितियां अनुकूल नहीं हैं.
कश्मीर में पंडितों की टार्गेटेड किलिंगपिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने बताया है कि अगस्त 2019 से जुलाई 2022 के बीच 5 कश्मीरी पंडितों और 16 हिंदुओं और सिखों की हत्या की गईं है. 2022 के मई महीने में सैंकड़ों कश्मीरी पंडित जो सरकारी मुलाजिम थे, घाटी छोड़कर जम्मू चले गए. क्योंकि उन्हें धमकियां दी जा रही थीं और हत्याओं ने उनके मन में डर बैठा दिया था. ये कश्मीरी पंडित सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें कश्मीर से दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया जाए.
वीडियो: असदुद्दीन ओवैसी ने कश्मीरी पंडितों पर हुए हमले के बाद क्या कह दिया?

