14 अक्टूबर की रात. JNU कैंपस. करीब 25-30 लड़के नजीब अहमद को बुरी तरह पीट रहे थे,गालियां दे रहे थे और कह रहे थे कि उसे 72 हूरों के पास भेजना है. ये कहानी JNU केउस स्टूडेंट की है, जो इस घटना के बाद पिछले 9 दिनों से गायब है और पुलिस अब तक कुछभी पता नहीं लगा पाई है.नजीब के गायब होने के 9 दिनों बाद JNU के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एमफिल केस्टूडेंट शाहिद रजा खान ने IANS को दिए इंटरव्यू में कुछ बेहद डरावनी बातों काखुलासा किया है. शाहिद का दावा है कि नजीब के गायब होने से एक रात पहले 14 अक्टूबरको 25-30 लड़के नजीब को बुरी तरह पीटते हुए गालियां दे रहे थे और कह रहे थे, 'इसे72 हूरों के पास भेजना है.' ये सब उसने अपनी आंखों से देखा है.शाहिद ने बताया, 'मैंने कुछ आवाजें सुनी थीं, जिसके बाद मैं फर्स्ट फ्लोर तक उतरकरगया. वहां ABVP का विक्रांत कुमार था. उसने मुझे आते हुए देखा तो दौड़ते हुए मेरेपास आया और कहने लगा कि मुझे नजीब से बचा लो. वो मुझे बिना किसी बात के पीट रहा है.जब मैं नजीब के पास गया तो देखा कि उसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था. हमनेवॉर्डन को बुलाया और नजीब को बाथरूम ले गए. तभी वहां 25-30 स्टूडेंट आ गए और नजीबको बाथरूम में मारने लगे.'नजीब को खोजने के लिए JNU छात्रों ने VC को घेरा थाबताया जा रहा है कि मेस-सेक्रटरी की कैंपेनिंग करने के लिए विक्रांत नजीब के कमरेमें गया था और वहां दोनों में बहस हो गई. ABVP के सदस्य विक्रांत का दावा है किउसकी कलाई पर बंधा कलावा देखकर नजीब उससे लड़ने को उतारू हो गया था.शाहिद का दावा है कि ABVP के लड़कों ने नजीब को वॉर्डन ऑफिस के पास भी पीटा. उसनेबताया, 'वो उसे सीढ़ियों और वॉर्डन ऑफिस के पास भी पीट रहे थे. ऐसा लग रहा था जैसेवो उसे मार डालेंगे. सीढ़ियों पर किसी ने लाइट बंद कर दी थी और वो नजीब को अंधेरेमें भी पीट रहे थे. वो नजीब को गालियां देकर सांप्रदायिक बातें कर रहे थे. वॉर्डनको इस मामले में सख्त रहना चाहिए था, लेकिन उनके ऑफिस में सारा दोष नजीब के सिर डालदिया गया. उसे ऑफिस के अंदर भी गालियां दी गईं. वो लड़के लगातार कह रहे थे कि इसको72 हूरों के पास भेजना है.'JNU हॉस्टल में नजीब के रूममेट मोहम्मद कासिम ने वॉर्डन को नजीब के कैरक्टर के बारेमें एक लेटर लिखा है. कहा जा रहा था कि नजीब मानसिक रूप से बीमार है, लेकिन कासिमके लेटर में लिखा है, 'सर, मैंने कभी नजीब को अजीब व्यवहार करते नहीं देखा है. उसकेमानसिक बीमार होने के दावे झूठे हैं.' लेकिन, अजीब बात ये है कि इस लेटर में कासिमने ये भी लिखा, 'मेरी आपसे गुजारिश है कि उसके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाए ताकि वोहॉस्टल के दायरों से बाहर न जाए.' इस लेटर की ऑथेंसिटी अभी तक पुष्ट नहीं हो पाईहै. कहा ये भी जा रहा है कि ये लेटर ABVP के किसी सदस्य ने कासिम के नाम पर लिखाहै.कासिम की लिखी चिट्ठीइसी बीच नजीब के भाई सद्दाफ का कहना है, 'क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि मानसिकरूप से बीमार लड़के को JNU के एक टफ कोर्स में ऐडमिशन मिल गया. वो बिल्कुल ठीक था.'सद्दाफ ने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों पर इस नजीब के मामले को हल्के में लेने काआरोप लगाया है. यहां तक कि प्रॉक्टर ने सद्दाफ से मिलने से भी इनकार कर दिया था औरकहा कि नजीब के गायब होने का मामला वॉर्डन का है, जिसमें वो कुछ नहीं कर सकते.हालांकि, नजीब के गायब होने के मामले में एक FIR दर्ज कर ली गई है और उसे ढूंढने केलिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:JNU के लापता स्टूडेंट नजीब ने ABVP के विक्रांत को मारा था थप्पड़ : नई चिट्ठीJNU में चल रहा मामला असल में है क्या?जेएनयू में बाल भी बांका न कर पाएगी शासन की बंदूकAMU का मुल्ला भागकर JNU आया तो क्या मिलाजेएनयू में बुलाया गया राजीव गांधी का भूत!