पहलवानों के लिए खुलकर बोले अनिल कुंबले, दिल्ली पुलिस को उनकी बात चुभ जाएगी
बीती 28 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर के पास पुलिस ने पहलवानों को हिरासत में ले लिया था. इसी पर अनिल कुंबले ने अपनी बात रखी है.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कोच अनिल कुंबले ने कथित यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाने वाले पहलवानों के लिए खुलकर अपनी बात रखी है. मंगलवार, 30 मई को उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि पहलवानों के साथ मारपीट होने पर उन्हें निराशा हुई है. रविवार, 28 मई को दिल्ली के जंतर-मंतर के पास पुलिस ने पहलवानों को हिरासत में ले लिया था. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच संघर्ष देखने को मिला था.
अनिल कुंबले का कहना है कि पहलवानों के साथ बातचीत कर रास्ता निकाला जाना चाहिए. पूर्व दिग्गज गेंदबाज ने ट्वीट में लिखा है,
28 मई को पहलवानों ने नए संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की थी. लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया. पहलवानों को हिरासत में लेने की कोशिश की. जब पहलवानों ने विरोध किया तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें जबरन बसों में भेज दिया. इस संघर्ष में पहलवानों को घसीटा गया. बाद में धरना स्थल पर लगे टेंट, गद्दे और दूसरे सामान को हटा दिया गया.
दिल्ली पुलिस ने 28 मई को ही विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत कई पहलवानों के खिलाफ केस दर्ज किया. इसके बाद 30 मई को साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट ने कहा था कि वे अपने ओलंपिक और वर्ल्ड मेडल हरिद्वार जाकर गंगा में विसर्जित करेंगे. विनेश फोगाट ने अपने ट्वीट में लिखा था,
गंगा में नहीं बहाए मेडलहालांकि पहलवानों ने अपने मेडल गंगा में नहीं बहाए. वे मंगलवार की शाम को हरिद्वार पहुंचे जरूर, लेकिन वहां ऐन वक्त पर किसान नेता नरेश टिकैत पहुंच गए. बताया गया कि उनके मनाने पर पहलवान मेडल गंगा में नहीं बहाने को राजी हुए. इस दौरान 'हर की पौड़ी' में पहलवान रोते नजर आए. नरेश टिकैत ने पहलवानों के मेडल को अपने पास रख लिया और उनसे पांच दिन का समय मांगा है.
बीते एक महीने से भी अधिक समय से देश के कई पहलवान दिल्ली में भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना दे रहे हैं. उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं.
वीडियो: पहलवानों की गिरफ़्तारी से नाराज़ महिला पहलवानों ने दिल्ली पुलिस को खूब सुना डाला

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