'फंड, रक्षा सौदे और मिठाई... ', अरेस्ट से पहले अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच ये बातें हुईं
Anil Ambani और यौन अपराधी Jeffrey Epstein के बीच ये बातचीत फरवरी 2017 से मई 2019 तक हुई. इसमें इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं, रक्षा सौदों और ‘मिठाइयों’ पर चर्चा की. ईमेल में कब क्या लिखा गया? सब जानिए

अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 जनवरी को जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) से जुड़ी कुछ नई फाइलें जारी कीं. इनमें रिलायंस एडीएजी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और एपस्टीन के ईमेल के जरिए हुई बातचीत सामने आई है. जेफरी एपस्टीन एक यौन अपराधी था, जिसकी अब मौत हो चुकी है. फरवरी 2017 और मई 2019 के बीच हुई बातचीत में अंबानी और एपस्टीन ने दोस्ती, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं, रक्षा सौदों और ‘मिठाइयों’ पर चर्चा की.
बातचीत की शुरुआतइंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइलों के मुताबिक, 22 फरवरी 2017 को सुल्तान अहमद बिन सुलेयम (दुबई पोर्ट वर्ल्ड के सीईओ) ने अनिल अंबानी के कॉन्टैक्ट्स एपस्टीन को ईमेल किए. इसके ठीक अगले दिन अंबानी और एपस्टीन के बीच बातचीत हुई. मैसेजेस से पता चलता है कि दो हफ्तों के भीतर अंबानी, एपस्टीन के पेरिस स्थित आलीशान घर पर ‘पास्ता वेजी’ डिनर के लिए गए थे.
चार महीने बाद, एपस्टीन ने खुद माना कि उनकी खराब इमेज अंबानी के लिए समस्या बन सकती है. उन्होंने लिखा,
उस समय तक एपस्टीन अमेरिका में नाबालिगों के यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था. बाद में 2019 में उसे फिर गिरफ्तार किया गया और जेल में ही उसकी मौत हो गई.
फरवरी 2019 में, जब सुप्रीम कोर्ट ने अंबानी को एक मामले में दोषी ठहराया, तब एपस्टीन ने समर्थन दिखाते हुए संदेश भेजा. उसने खुद को, अंबानी और सुल्तान को ‘एक जैसे’ बताते हुए दोस्ती की बात कही. अंबानी ने एपस्टीन से लिस्टेड शेयरों के बदले फंड जुटाने में मदद मांगी. अनिल अंबानी ने 20 अप्रैल, 2019 को एपस्टीन को ईमेल में लिखा,
एपस्टीन ने साफ जवाब नहीं दिया और कहा कि ऐसे शेयरों के इतिहास अच्छे नहीं रहे हैं.
मोदी-बैनन मुलाकात का जिक्र
मई 2019 में, मैनहैट्टन में मुलाकात के बाद अंबानी ने एक मैसेज में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्टीव बैनन से मिलना अच्छा लग सकता है. बैनन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान मुख्य रणनीतिकार थे. इसके बाद ऐसी किसी मुलाकात का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला.
इस साल, 31 जनवरी को, भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि एपस्टीन के ईमेल में प्रधानमंत्री और उनकी इजराइल यात्रा का जिक्र सिर्फ एक दोषी व्यक्ति की बेकार सोच है, जिसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए.
रक्षा सौदों पर बातचीत
एपस्टीन और अंबानी के बीच कई बार रक्षा सौदों को लेकर बातचीत हुई. मार्च 2017 में, अंबानी ने एपस्टीन को मैसेज भेजा. उन्होंने लिखा कि उनसे बात करके अच्छा लगा और उनकी सलाह व समझ के लिए धन्यवाद. अंबानी ने यह भी कहा कि रक्षा एक बहुत अहम विषय है और भारत के साथ रिश्तों व रक्षा सहयोग के लिए वाइट हाउस से निपटने में उन्हें एपस्टीन के मार्गदर्शन की ज़रूरत होगी.
जवाब में जेफरी एपस्टीन ने कहा कि अंबानी का ध्यान बिल्कुल सही दिशा में है, खासकर रक्षा पर. एपस्टीन ने यह भी बताया कि उन्होंने एहूद बराक की संपर्क जानकारी भेज दी है. एपस्टीन के मुताबिक, उनके अनुभव में एहूद बराक इस क्षेत्र में दूसरों से बेहतर हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद किसी भी तरह के रक्षा मामलों से व्यक्तिगत रूप से दूर रहते हैं.
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अगले महीने, जब अंबानी ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच. आर. मैकमास्टर की संभावित दिल्ली यात्रा का ज़िक्र किया, तो एपस्टीन ने जवाब में लिखा कि इस समय मैकमास्टर का ध्यान ISIS, आतंकवाद, उत्तर कोरिया और ईरान पर है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पाकिस्तान को लेकर चिंतित है और पूछा कि अंबानी का फोकस किस मुद्दे पर है. इस पर अंबानी ने साफ जवाब दिया- ‘भारत-पाकिस्तान रक्षा.’
जून 2017 में, एपस्टीन ने अंबानी को फिर मैसेज भेजा. इसमें उन्होंने MIT और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े ‘सबसे प्रगतिशील थिंक टैंक’ के कॉन्टैक्स देने की पेशकश की. इसके साथ उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में यह भी जोड़ा- “...और मिठाई.”
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