वेजीटेरियन लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है. यहां नहीं वहां, जिन्होंने इंडियापर 200 साल राज किया. इंग्लैंड में. लेकिन मुसीबत खत्म होने का साइन भी मिल गया है.बैंक ऑफ इंग्लैंड की तरफ से. बात ये है कि वहां 5 ब्रिटिश पाउंड के नोट में जानवरोंका फैट चल रहा है. अमा सीधा फैट नहीं चिपका रहे. उसका तेल, जैसे साबुन औरमोमबत्तियों में यूज किया जाता है. ट्विटर से शुरू हुआ सारा झगड़ा. उस पर बैंक नेकुबूल किया कि जानवरों के फैट वाला तेल लग रहा है. इसी साल सितंबर में ये पॉलीमरनोट लॉन्च हुए हैं. बस इसी के साथ बमचक मच गई. शाकाहारी लोगों ने भसड़ काट दी. भईबात ही ऐसी थी. फिर भैया कम्ब्रिया के डग मॉ ने पिटीशन शुरू की. साढ़े 13 हजारसिग्नेचर मिले इस पर. कहिन कि पुराने नोट तो सर्कुलेशन में आ चुके हैं. उनका कुछनहीं हो सकता. लेकिन अब नए नोट तो नहीं चलने देंगे. 47 साल का ये होटल वर्कर 20 सालपहले शाकाहारी हो गया था. बोले कि इसके लिए कोई एक्सक्यूज ही नहीं है. और भी तरीकेहैं नोट बनाने के. ये क्या कि चर्बी मिला दो. इस साल एक सर्वे हुआ था ब्रिटेनमें. जिसमें पता चला कि पिछले दशक के मुकाबले इस दशक में 360 परसेंट शाकाहारी बढ़े.15 साल से ऊपर के 5 लाख 42 हजार के करीब लोगों ने शाकाहार अपना लिया है. 2006 मेंये गिनती 1 लाख 50 हजार थी. तो ऐसा तो है नहीं कि ये आंकड़ा नजरअंदाज किया जाए.बैंक को भी अपनी गलती का एहसास हो गया है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: 100 का नोट होश खोल के लेना, वरना चिड़िया चुग जाएगी खेत