जल्लीकट्टू पर पिछले दिनों ख़ूब घमासान रहा. पक्ष-विपक्ष में ढेरों सारी बातें कहींगई. संस्कृति को बीच में पिरोकर काफी तर्क-वितर्क हुए. काफ़ी बड़े-बड़े नाम जल्लीकट्टूके समर्थन में उतर आए. कमल हासन, रजनीकांत, ए आर रहमान जैसे सितारों ने इसेतमिलनाडु की संस्कृति का हिस्सा बताया और इस प्रथा को बचाए रखने की अपील की. पूरातमिलनाडु इसके समर्थन में सड़क पर उतर आया था. इसका विरोध करने वाले बताते रहे कि येबैलों के खिलाफ़ क्रूरता है. इस पर बैन लगाने की मांग करने वाले तमाम लोग बैलों केवेलफेयर के लिए चिंतित नज़र आए. उन्होंने बैल बचाओ मुहिम छेड़ दी. पहली बार भारत मेंफोकस गाय से हट कर बैलों पर चला गया. बैल बचाने के कई सारे उपाय सुझाए गए. वो तोखैर सब हवा-हवाई था लेकिन आंध्र प्रदेश में पुलिस के एसपी ने जरूर 30 बैलों कीचिंता की है. जब पूरे भारत में गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था और आज़ादी की बातें होरही थी उसी वक़्त आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में एसपी साहब बैलों को सचमुच कीआज़ादी दिलवा रहे थे. एक टाटा 407 में भरे 25 बैल हैदराबाद एक कत्लखाने ले जाए जारहे थे. ओडिशा में इन्हें ख़रीदा गया था. एसपी ब्रह्मा रेड्डी ने इन्हें चेकपोस्ट परपकड़ा. उन्होंने कहा, “हमारा क़ानून गौवंश की बलि की इजाज़त नहीं देता. इस गाड़ी में25 पूरी तरह विकसित बैल थे जिन्हें काटे जाने से रोकना ज़रूरी था.” रेड्डी ने बताया,“ये बैल भूखे-प्यासे थे. कानूनन एक ट्रक में सिर्फ 6 या 8 बड़े जानवर ही ढोए जा सकतेहैं. साथ ही उनके लिए चारे और पानी का समूचा इंतज़ाम भी होना चाहिए था. लेकिन यहांहमने देखा कि सभी बैल एक-दूसरे के ऊपर बेदर्दी से ठूंसे गए थे. मल-मूत्र भी उसीहालत में कर रहे थे. ऐसी परिस्थितियों में ज़्यादातर जानवर मर जाते हैं. ये बैलहैदराबाद ले जाए जा रहे थे जो लगभग 800 किलोमीटर दूर है. इतने लंबे फासले में इनमेसे ज़्यादातर मर जाते. हमने तेज़ी से एक्शन लिया और इसीलिए कोई जान नहीं गई”. कुछ पशुकल्याण संगठनों ने मिलकर इन बैलों की ज़िम्मेदारी संभाली है. तीन कसाइयों कोगिरफ्तार किया गया है. इनके पास न तो जानवरों के मूवमेंट के लिए ज़रूरी कागज़ात थे औरन ही पशुओं के अलाभकारी होने के संबंध में कोई सर्टिफिकेट था. तीनों के खिलाफ़नरसन्नापेटा पुलिस स्टेशन में कम्प्लेंट दर्ज करा दी गई है. एक तरफ तो जल्लीकट्टूमें बैलों को बचाने का शोर पूरे भारत में सुना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कोईखामोशी से अपना फ़र्ज़ निभाते हुए सच में बैलों को बचा रहा है. श्रीकाकुलम जिले केएसपी अपने फ़र्ज़ को शानदार ढंग से अंजाम देने के लिए बधाई के पात्र हैं. देखेंफोटोः -------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़िएःजल्लीकट्टू बवाल में सबसे शॉकिंग वीडियो इस पुलिसवाले का हैजल्लीकट्टू के बाद जानवरों के इस खेल के लिए आंदोलन करेंगे लोगरजनीकांत और कमल हासन जब बैलों से लड़ने उतरे थे!