आतंकी मसूद अजहर के जहरीले बोल
अल कलाम जैशे मोहम्मद का मुखपत्र है. उस में एक आर्टिकल छपा है बुधवार की शाम. वो इसी ने लिखा है
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मसूद अजहर.
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पठानकोट अटैक के बाद हिंदुस्तान गुस्से, पाकिस्तान प्रेशर में है. प्रेशर लगातार बढ़ता गया. फाइनली बुधवार को इस अटैक के जिम्मेदार मौलाना मसूद अजहर को हिरासत में ले लिया गया. जैशे मोहम्मद नाम का जो टेरोरिस्ट ग्रुप है उसका हेड यही है. उसके हिरासत में जाने के बाद अल कलाम अखबार में एक आर्टिकल छपा था. बुधवार की शाम को. इस अखबार को जैश के मुखपत्र का दर्जा मिला है. और ये आतंकी मसूद अजहर इसमें लिखता है सैदी के नाम से. आर्टिकल में उसने आग उगली है. पाकिस्तान गवरमेंट को चेताया है. जो आतंकियों की फौज खड़ी की है उसके खतरनाक इरादे रखे हैं. उसने लिखा कि -
पाकिस्तान गवरमेंट जिस रास्ते पर चल रही है ये ठीक नहीं है. वो जैशे मोहम्मद को तबाह करना चाहती है. जिहाद और मदरसों के खिलाफ जो कर रही है. वो पाकिस्तान की गवरमेंट और यूनिटी के लिए बहुत खतरनाक है. लिखा कि मौत का या अरेस्ट होने का हमको न डर है, न फिक्र. हमारी आर्मी तैयार है. इस आर्मी को मेरे मरने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. ये मौत को पसंद करती है. मौत का खेल जारी रखेगी. अल्लाह ने चाहा तो ये फौज दुश्मन बहुत देर जश्न नहीं मनाने देगी. अल्लाह का शुक्र है कि मेरी कोई ख्वाहिश बाकी नहीं है. जिसे मैं मरने से पहले पूरा करना चाहूं. अल्लाह ने मेरी फैमिली और बच्चों का खयाल रखा है, आगे भी रखेगा. उसने आगे लिखा कि हमने कभी पाकिस्तान गवरमेंट के साथ कुछ गलत नहीं किया. हिंदुस्तान से हमारे खिलाफ शोर उठता है. अरेस्ट करो.. मारो..अरेस्ट करो.. मार दो. पाक सरकार कनफ्यूज हो गई है. वो नहीं जानते कि फैसले के दिन क्या मुंह लेकर जाएंगे. वो मोदी और वाजपेई के साथ खड़े होना चाहते हैं. हमने पाकिस्तान का हमेशा भला चाहा है. जिहाद अपनी जान बचाने के लिए नहीं किया, मुस्लिम जनता के लिए किया. अफसोस कि यहां नेताओं को इसकी कद्र नहीं. वो उनके इशारे पर नाच रहे हैं जो हमारे अपने नहीं हैं. जो हमारे मुल्क को आग में झोंक रहे हैं. इस आर्टिकल में उसने अपने जेल के दिनों की याद भी ताजा की है. कश्मीरी मुजाहिदीन की तारीफ की. कि वो लोग दीवार बन कर खड़े हो गए. मुझे किसी और जेल में नहीं ले जाने दिया.तो भैये खतरनाक आदमी है ये. पाकिस्तान सरकार इसके साथ कैसा सुलूक करेगी कुछ नहीं पता. क्या पता फिर से छूट जाए या नजरबंद कर लें. लेकिन इसने जो फौज खड़ी कर ली है उसका निपटारा करना जरूरी है. देखो पाकिस्तान इसके लिए क्या कर सकता है. इन मौत के भूखे पागलों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए कुछ इलाज तो करना ही होगा.

