खालिस्तानी अमृतपाल सिंह की धमकी, बोला- 'असली हिंसा अभी बाक़ी है'
"आपने अब तक असली हिंसा नहीं देखी है. असली हिंसा अभी देखना बाक़ी है."

खालिस्तानी ग्रुप ‘वारिस पंजाब दे’ के अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) ने शनिवार, 25 फरवरी कोे एक और भड़काऊ भाषण दिया. अमृतपाल सिंह ने कहा कि अजनाला में जो हुआ, वो हिंसक नहीं था. 'असली हिंसा अभी देखना बाक़ी है'.
मीडिया से बात करते हुए अमृतपाल ने कहा,
"आप नारेबाज़ी और खालिस्तानी झंडे लहराने को हिंसा कह रहे हैं? आपने अब तक असली हिंसा नहीं देखी है. असली हिंसा अभी देखना बाक़ी है."
अमृतपाल सिंह अपने क़रीबी लवप्रीत तूफान की रिहाई की मांग कर रहा था. इसी के चलते गुरुवार, 23 फरवरी को अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने अमृतसर में जमकर हंगामा किया. अमृतपाल और उसके हथियारबंद समर्थकों ने अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला किया. हाथ में तलवार, बंदूक और लाठी-डंडे थे. इस घटना में छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसी घटना के संदर्भ में अमृतपाल ने ये बयान दिए हैं.
अमृतपाल ने कहा कि हिंसा 'पवित्र' है और दबे हुए लोग ही हिंसा चुनते हैं. कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने कहा है, ‘जब आपके पास कोई विकल्प नहीं है, तो तलवार पकड़ना सही है.’
24 फरवरी को न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए अमृतपाल ने कहा था कि खालिस्तान बनाने का मक़सद अभी भी ज़िंदा है और इसे कभी भी ख़त्म नहीं किया जा सकता. अलगाववादी नेता अृतपाल सिंह ने ये भी कहा कि भारत के राष्ट्रवाद की डोर कभी भी टूट सकती है.
DGP ने चेताया था"भारत की संस्कृति क्या है? भारत का पहनावा क्या है और भारतीय भोजन क्या है? कोई भारतीय भोजन नहीं है. ये कहना कि हम भारतीय हैं, झूठ है. हम क्यों कहें कि हम भारतीय हैं? राष्ट्रवाद की डोरी बहुत पतली है, कभी भी टूट सकती है.
.सिकंदर न रोक सका, मुग़ल और अंग्रेज़ कुचल न सके, हिन्दुस्तान भी न दबा सकेगा. पंजाब एक दिन आज़ाद होगा."
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पंजाब के DGP गौरव यादव ने पिछले महीने ही अमृतपल सिंह को लेकर चेताया था. ये बैठक राज्य के पुलिस निदेशकों की थी. इस बैठक में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे.
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब को ढाल बनाकर थाने ले जाने वालों को पंजाब का 'वारिस' नहीं कहा जा सकता.
वीडियो: पंजाब की आज़ादी मांगने वाला ये नया ख़ालिस्तानी अमृतपाल सिंह कौन है?

