'नए कानून के तहत पहली FIR रेहड़ी वाले पर नहीं मोटर साइकिल चोर पर हुई', अमित शाह का दावा
New Criminal Laws: गृहमंत्री Amit Shah ने कहा है कि Delhi के रेहड़ी-पटरी वाले मामले में समीक्षा करने के लिए नए प्रावधान का इस्तेमाल किया और फिर उस मामले को खारिज कर दिया गया.

देश में 1 जुलाई से 3 नए क्रिमिनल लॉ (New Criminal Laws) लागू कर दिए गए हैं. इसी के साथ पुराने क्रिमिनल लॉ समाप्त हो गए हैं. इससे पहले न्यूज एजेंसी ANI समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने नए नियमों के तहत हुए पहले मामले को रिपोर्ट किया था. कहा गया कि नए कानून के तहत सबसे पहले दिल्ली के एक रेहड़ी-पटरी वाले के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. लेकिन अब इस मामले में एक नया अपडेट है. गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि ये पहला मामला नहीं है. उन्होंने कहा है कि नए अपराधिक कानूनों के तहत पहला मामला किसी रेहड़ी-पटरी वाले के खिलाफ दर्ज नहीं हुआ है.
गृह मंत्री के मुताबिक पहला मामला मध्य प्रदेश से आया है. ग्वालियर में पहली FIR दर्ज हुआ है. जो एक मोटरसाइकिल की चोरी का मामला है. हालांकि, इसके बावजूद भी दिल्ली वाला मामला नए कानून के तहत सबसे पहले दर्ज किए मामलों में से एक है. शाह ने कहा है,
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अमित शाह का बयान सुनिए-
इससे पहले न्यूज एजेंसी ANI ने बताया था कि पहली FIR नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के एक रेहड़ी-पटरी वाले पर की गई. जो फुटओवर ब्रिज के नीचे अपनी दुकान लगाता था. भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 285 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था. शख्स पर फुटओवर ब्रिज के नीचे अवरोध पैदा करने के आरोप लगाए गए थे. रेहड़ी-पटरी वाले की पहचान बिहार के रहने वाले पंकज कुमार के तौर पर हुई है. शख्स ठेले में तम्बाकू और पानी बेच रहा था.
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