अग्निपथ योजना से युवाओं की होगी बल्ले-बल्ले? सेना प्रमुख की बातें तो यही इशारा करती हैं
अग्निपथ स्कीम पर सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा, 'भर्ती आ गई है, विरोध नहीं तैयारी करिए.'

अग्निपथ स्कीम के विरोध के बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने स्कीम को युवाओं और सेना दोनों के लिए 'विन विन' मौका बताया है. विन-विन यानी हर तरह से फायदा ही फायदा. आजतक से बातचीत में जनरल मनोज पांडे ने अग्निपथ स्कीम को लेकर कई बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि ये योजना सेना, युवाओं और देश, सभी के लिए फायदेमंद और जरूरी है.
इसके साथ ही सेना प्रमुख ने ये साफ कर दिया है कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसा करने का सवाल ही नहीं उठता. कल रक्षा मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस बात को साफ कर दिया गया था कि स्कीम अब वापस नहीं होगी.
इंडिया टुडे/आजतक से बातचीत में जनरल मनोज पांडे ने भी सेना के जवानों की औसत उम्र पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना से हमारी सेना 'युवा' होगी. और युवा जवानों के होने से तकनीक का इस्तेमाल आसान होगा. इससे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल भी आसान होगा.
योजना में किए जा रहे बदलाव पर जनरल ने कहा कि 14 जून को जब स्कीम लॉन्च की गई थी तब सिर्फ सीमित जानकारी बाहर आई थी. धीरे-धीरे योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी मुहैया कराई जा रही है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि स्कीम में बदलाव किए जा रहे हैं.
सेना प्रमुख ने इस बात पर भी जोर दिया कि ये स्कीम सेना पर थोपी नहीं गई है. उन्होंने कहा,
इस स्कीम पर पिछले डेढ़ दो सालों से विचार किया जा रहा था. और अब इसे लाया गया है. इसीलिए जैसे जैसे योजना के फायदे लोगों को पता लग रहे हैं, विरोध कम हो रहा है.
इसके अलावा विरोध प्रदर्शन करने वालों से भी जनरल मनोज पांडे ने कहा कि ये स्कीम उनके भले के लिए है. उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के नोटिफिकेशन आ गए हैं, अब विरोध छोड़ युवाओं को तैयारी में जुटना चाहिए.
सिर्फ 25 प्रतिशत अग्निवीर जवानों को ही सेना में स्थायी नौकरी मिलने के मुद्दे पर सेना प्रमुख ने कहा कि कई मंत्रालयों के अलावा कई प्राइवेट कंपनियां भी अग्निवीरों के लिए नौकरी लेकर आ रही है. सेनाध्यक्ष ने दावा किया कि 4 साल बाद जब अग्निवीर सोसायटी में लौटेंगे तो वो एक डिसिप्लिन्ड, स्किल्ड और बेहतर नागरिक होंगे.

