डोनल्ड ट्रंप के प्रेसिडेंट बनते ही बमके लोग, उन्हें हटवाने में जुटे
क्या ऐसा भी पॉसिबल है?
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फोटो - thelallantop
डोनाल्ड ट्रंप को अब अमेरिका का प्रेसिडेंट कहा जाएगा. व्हाइट हाउस उनका नया पता होगा.
लेकिन प्रेसिडेंट बनने के साथ ही लोग उन्हें हटाने का तरीका भी खोजने लगे हैं. लोगों ने गूगल पर ये सर्च करना शुरू कर दिया है कि प्रेसिडेंट को कैसे हटाया जाता है.
अमेरिका में गूगल ट्रेंड्स के हिसाब से जो चीजें पिछले चौबीस घंटे में सबसे ज्यादा सर्च की गईं, उनमें हैं ''reason for impeachment, petition to impeach trump, impeach trump, recount'' यानी किन वजहों से प्रेसिडेंट पर महाभियोग लगाया जा सकता है.
गूगल पर इस तरह का ट्रैफिक कैलिफोर्निया, वेरमोंट, वॉशिंगटन और हवाई से सबसे ज्यादा आया. इन इलाकों में डेमोक्रेट्स उम्मीदवार ज्यादा जीते हैं, यानी यहां हिलेरी समर्थक ज्यादा हैं. लोगों ने 'Change.org' पर इसके खिलाफ एक पेटिशन भी शुरू की थी.
चुनाव के रिजल्ट आने के बाद हिलेरी और ट्रंप समर्थकों के बीच झगड़े हो रहे हैं. बहसें हो रहीं हैं. ट्रंप ने चुनाव से पहले जो बातें कही थीं, उससे अश्वेत और मुसलमानों का असुरक्षित महसूस करना जायज है. बहुत से लोगों ने ट्रंप के विरोध में ट्विटर की प्रोफाइल पिक्चर बदलकर काली कर ली.
अब तक अमेरिका के इतिहास में दो राष्ट्रपतियों पर इम्पीचमेंट यानी महाभियोग लगाया गया है. एंड्रयू जॉनसन और बिल क्लिंटन. लेकिन दोनों को बाद में सीनेट की तरफ से निर्दोष पाया गया.
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क्या होता है इम्पीचमेंट (महाभियोग) ?
इम्पीचमेंट वो प्रक्रिया है जिसमें किसी पद पर बैठे आदमी को हटाया जा सकता है. ज्यादातर ये शब्द राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल किया जाता है. भारत में भी संविधान का उल्लंघन करने पर राष्ट्रपति पर महाभियोग चल सकता है. अब तक भारत में ऐसा नहीं हुआ है. अमेरिकी संविधान के आर्टिकल 2 के हिसाब से प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट या और किसी पदाधिकारी को घूसखोरी, राष्ट्रद्रोह, अपराध या खराब व्यवहार के चलते इम्पीच किया जा सकता है. इम्पीचमेंट का अधिकार यूएस की सीनेट के पास सुरक्षित है. सुप्रीम कोर्ट इस तरह के मसले का रिव्यू नहीं कर सकती. जानकारों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप पर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं जिनके आधार पर उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए. लेकिन ऐसा करना आसान नहीं है. इसके लिए हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स जब तक दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव ना पारित करे, किसी पर महाभियोग नहीं चलाया जा सकता. फिर ट्रंप तो बहुमत में हैं. ये नतीजों का असर है जिसकी वजह से ट्रंप को ना पसंद करने वाले उन्हें हटाने की प्रॉसेस गूगल पर सर्च कर रहे हैं. पर अब छटपटाने से क्या होगा. नतीजे तो सबको स्वीकारने होंगे.ये स्टोरी निशान्त ने की है.
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