ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिका के 5 टैंकर विमान तबाह किए, रिपोर्ट में बड़ा दावा
American Plane Down by Iran: Saudi Arabia के Prince Sultan Air Base पर हुए हमले में किसी की जान तो नहीं गई है. लेकिन, पांच टैंकर विमान डैमेज होने से अमेरिका की ‘मिड-एयर रिफ्यूलिंग’ यानी हवा में तेल भरने की क्षमता पर असर पड़ सकता है.
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वेस्ट एशिया में जारी जंग के बीच ईरान ने अमेरिका को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. दावा किया गया है कि सऊदी अरब में ईरान के मिसाइल हमले में अमेरिकी वायुसेना के पांच टैंकर विमान तबाह हो गए. ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका को लगातार अपने विमानों का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
अमेरिकी अखबार 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर पांच अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचा है. हमले में किसी की जान नहीं गई.
अधिकारियों ने दावा किया कि हाल के दिनों में ईरान ने इन पांच विमानों पर तब मिसाइलें दागीं, जब वे जमीन पर खड़े थे. हालांकि वे पूरी तरह से तबाह नहीं हुए हैं. उनकी मरम्मत का काम जारी है. ये पांच अमेरिकी प्लेन टैंकर प्लेन हैं. इनका इस्तेमाल दूसरे प्लेनोंं में तेल भरने के लिए किया जाता है.
इराक क्रैश में 6 सैनिक मारे गए
इससे पहले 13 मार्च को एक KC-135 Stratotanker विमान इराक में क्रैश हुआ था. ईरान समर्थित एक इराकी मिलिशिया ग्रुप ने दावा किया था कि उसने ही इस टैंकर विमान को मार गिराया है. KC-135 वो विमान है जो हवा में उड़ान के दौरान फाइटर जेट्स में तेल भरता है.
लंबी दूरी के मिशंस के लिए ये विमान काफी अहम माना जाता है. इराकी मिलिशिया ने दावा किया कि उसने इस प्लेन को मार गिराया है, लेकिन अमेरिका ने इस दावे को नहीं माना. अमेरिका ने इसे केवल एक हादसा माना. इराक में हुए प्लेन क्रैश में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है.
अमेरिकी सेना ने अपने बयान में कहा कि उसके KC-135 स्ट्रैटो टैंकर विमान के साथ पश्चिमी इराक में एक्सीडेंट हो गया, जबकि घटना में शामिल दूसरा विमान सुरक्षित रूप से उतर गया है. अमेरिकी सेना की सेन्ट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स पर पोस्ट कर कहा,
‘एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया, और दूसरा सुरक्षित रूप से उतरा. यह दुश्मन के फायर या अपने फायर की वजह से नहीं गिरा है.’
इराक में गिरा KC-135 वेस्ट एशिया युद्ध के दौरान पूरी तरह नष्ट होने वाला कम से कम चौथा अमेरिकी सैन्य विमान था. इससे पहले कुवैत में फ्रेंडली फायर यानी खुद की ही गोलीबारी के दौरान तीन F-15 विमान गिर गए थे.
KC-135 विमान बीते 60 सालों से भी ज्यादा समय से अमेरिकी सेना में ऑपरेशनल हैं. इसमें आम तौर पर तीन क्रू मेंबर होते हैं. इसमें एक पायलट, एक को- पायलट और एक व्यक्ति विमानों में ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बूम को ऑपरेट करता है. कुछ KC-135 विमान के मिशनों को एक नेविगेटर की जरूरत होती है. यह विमान 37 यात्रियों को ले जा सकता है.
कितने खास हैं टैंकर विमान?रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब के एयरबेस पर हुए हमले में किसी की जान तो नहीं गई है. लेकिन उसके बाद से अमेरिका की ‘मिड-एयर रिफ्यूलिंग’ यानी हवा में तेल भरने की क्षमता पर असर पड़ा है. टैंकर विमान ईरान में हमले के लिए अमेरिकी और इजरायली विमानों को सपोर्ट देते हैं. KC-135 के अलावा अमेरिकी वायुसेना K-46 Pegasus नाम का टैंकर विमान भी इस्तेमाल करती है.
वीडियो: ईरान ने दी ट्रंप को धमकी, कहा-तेल और गैस पर हमला किया, तो...'

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