वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले से भड़के रूस-चीन, ब्रिटेन तक ने पल्ला झाड़ लिया
Venezuela पर America के अचानक हमले से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है. दोनों देशों के बीच कई महीनों से तनाव बढ़ रहा था. अब हालात इतने बिगड़े कि अमेरिका ने वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन तक अंजाम दे दिया.

‘वेनेजुएला को बिना किसी बाहरी दखल, खासकर मिलिट्री दखल के अपना भविष्य खुद तय करने का अधिकार मिलना चाहिए.’ लैटिन अमेरिकी देश पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से नाराज रूस ने ये बात कही है. रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि लैटिन अमेरिका को शांति का क्षेत्र बने रहना चाहिए, जैसा उसने 2014 में खुद को घोषित किया था.
दरअसल, अमेरिका ने शनिवार 3 जनवरी 2026 की रात वेनेजुएला पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं. इन हमलों से वेनेजुएला की राजधानी काराकस दहल गई. शहर में अफरा-तफरी के बाद लोग सड़कों पर भागते दिखे. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को बंदी बना लिया है. ट्रंप ने कहा कि मादुरो और फ्लोरेस को वेनेजुएला से बाहर निकाल लिया गया है.
उन्होंने इस कार्रवाई को अमेरिकी कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर किया गया एक ‘बड़ा ऑपरेशन’ बताया. उनके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी कार्रवाई का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि यह वेनेजुएला के लिए एक नई सुबह है. वेनेजुएला पर अमेरिका के अचानक हमले से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है. दोनों देशों के बीच कई महीनों से तनाव बढ़ रहा था. अब हालात इतने बिगड़े कि अमेरिका ने वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन तक अंजाम दे दिया. इस घटना पर दुनिया के तमाम देशों ने रिएक्शन दिया है.
अमेरिकी कार्रवाई पर भड़का रूसअमेरिका का धुर-विरोधी रूस ट्रंप की सैन्य कार्रवाई पर बुरी तरह भड़क गया है. रूस ने अमेरिकी हमले की कड़ी आलोचना की और इसे 'संवैधानिक रूप से गलत' बताया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा,
आज सुबह (3 जनवरी 2026) संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य हमला किया. यह बहुत चिंताजनक और निंदनीय है. ऐसे कामों को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किए गए बहाने बेबुनियाद हैं. वैचारिक दुश्मनी व्यापारिक समझदारी और भरोसे के आधार पर रिश्ते बनाने की इच्छा पर हावी हो गई है.
रूस ने वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए मादुरो सरकार की अपनाई नीतियों को भी समर्थन दिया. इसके अलावा रूस ने मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की.
चीन ने नागरिकों को किया सतर्कचीन ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे 'वर्चस्ववादी' हरकत बताया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वो एक संप्रभु राज्य के खिलाफ बल के खुले प्रयोग और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई से बेहद आहत है और इसकी कड़ी निंदा करता है. मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बयान पोस्ट करते हुए कहा,
अमेरिका की ऐसी वर्चस्ववादी हरकत अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करती है. ये हमला लैटिन अमेरिका और कैरेबियन इलाके में शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं. चीन इसका कड़ा विरोध करता है.
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा,
हम अमेरिका से कहना चाहते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करे और दूसरे देशों की संप्रभुता, सुरक्षा का उल्लंघन बंद करे.
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के कांसुलर मामलों के विभाग ने वेनेजुएला में मौजूद चीनी नागरिकों और संस्थानों को हालात पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी है.
ईरान ने क्या कहा?ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी आलोचना की. तेहरान ने इसे 'राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन' बताया और UNSC से 'अवैध हमले' को रोकने के लिए दखल देने की अपील की. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी हमले पर कहा,
वह बड़बड़ाने वाला अमेरिकी वहां बैठकर ईरानी देश के बारे में बात कर रहा है. बदनामी और वादों की बातें उगल रहा है. झूठे वादे! धोखा! जरूरी बात यह है कि जब किसी को एहसास हो कि कोई दुश्मन झूठे दावों के साथ उसकी सरकार या देश पर कुछ थोपना चाहता है तो उसे उस दुश्मन के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए. हम उनके आगे नहीं झुकेंगे. भगवान पर भरोसे और लोगों के समर्थन के विश्वास के साथ हम दुश्मन को घुटनों पर ला देंगे.

ब्रिटेन ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों में अपना हाथ होने से इनकार किया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर्स को दिए एक बयान में कहा,
इटली-जर्मनी ने क्या कहामैं पहले सच जानना चाहता हूं. मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बात करना चाहता हूं. मैं अपने सहयोगियों से बात करना चाहता हूं. मैं बिल्कुल साफ कह सकता हूं कि हम इसमें शामिल नहीं थे और मैं हमेशा कहता हूं और मानता हूं कि हम सभी को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए.
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के ऑफिस ने कहा कि वे वेनेजुएला की स्थिति पर करीब से नजर रख रही हैं. बयान में आगे कहा गया कि पीएम मेलोनी और विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री एंटोनियो ताजानी के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि इतालवी नागरिकों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की जा सके. जर्मनी ने भी कहा कि वो हालात पर नजर रख रहा है. जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया,
हम वेनेजुएला में हालात पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं और ताजा खबरों को बहुत सावधानी से देख रहे हैं. विदेश मंत्रालय काराकास में दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है.
बर्लिन ने यह भी कहा कि सरकार की क्राइसिस टीम मीटिंग कर रही है.
स्पेन ने कहा नियम माने अमेरिकास्पेन ने कहा कि वह इस संकट में शांति बहाली के लिए मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. स्पेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वो स्थिति को गंभीरता से देख रहे हैं और शांति और संयम की अपील करते हैं. स्पेन ने अमेरिका-वेनेजुएला तनाव पर अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया.
कोलंबिया
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिकी हमले पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने इसे क्षेत्र में संकट का एक बड़ा कारण बताया. पेट्रो ने एक X पर लिखा,
कोलंबिया वेनेजुएला में हुए धमाकों और असामान्य हवाई गतिविधियों को लेकर गहरी चिंता जताता है. कोलंबिया संयुक्त राष्ट्र चार्टर में बताए गए सिद्धांतों पर अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है. खासकर देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, बल के इस्तेमाल या धमकी पर रोक और अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान.

पेट्रो ने कहा कि वे किसी भी एकतरफा सैन्य कार्रवाई के खिलाफ हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह आम लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है. उन्होंने वेनेजुएला और लैटिन अमेरिकी लोगों की सलामती के लिए दुआ की.
क्यूबा ने बताया अपराधक्यूबा ने अमेरिका के हमले को 'अपराध' बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसका विरोध करने की गुजारिश की. क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-केनेल ने इसे "हमारे क्षेत्र में शांति पर हमला" करार दिया. वहीं, लैटिन अमेरिका में अमेरिका का मजबूत साथी अर्जेंटीना ने वेनेजुएला पर हमले का स्वागत किया है. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इसे ‘आजादी की एक नई शुरुआत’ बताई. माइली ने X पर अपने बयान के साथ एक वीडियो अपलोड किया. इसमें वे एक समिट में बात करते हुए दिख रहे हैं. उन्होंने मादुरो को इस क्षेत्र के लिए खतरा बताया और ट्रंप के काराकास पर डाले जा रहे दबाव का समर्थन किया.
वीडियो: विदेश मंत्री एस जयशंकर को बलूचिस्तान से मिली चिट्ठी में क्या कहा गया?

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