The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • America said us military is not ready to escort oil ships through hormuz

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में घुसेगी अमेरिकी सेना? ट्रंप के मंत्री बोले- 'हम इस हालत में नहीं हैं'

Iran के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि उनकी नौसेना Strait Of Hormuz को एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार है. लेकिन अब ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे पर अपने पैर पीछे खींचता हुआ नजर आ रहा है.

Advertisement
pic
12 मार्च 2026 (अपडेटेड: 12 मार्च 2026, 11:21 PM IST)
donald trump strait of hormuz iran america israel
अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मामले में यूटर्न ले लिया है. (PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने स्वीकार किया है कि अमेरिकी सेना फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने की स्थिति में नहीं हैं. राइट ने बताया कि अभी अमेरिकी सैन्य ताकत ईरान पर हमला करके उनके डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने में जुटी है. इससे पहले डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार है.

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिस राइट ने CNBC को बताया,

“हम जल्दी ही तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करना शुरू कर देंगे. लेकिन फिलहाल ये संभव नहीं है. अभी हमारी सैन्य ताकत फिलहाल ईरान की मारक क्षमता और उनके डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को खत्म करने में जुटा है. हम इसे एक या दो साल के लिए टालना नहीं चाहते. हम मिसाइल बनाने, सड़क बनाने और परमाणु कार्यक्रम चलाने की उनकी क्षमता को स्थायी रूप से नष्ट करना चाहते हैं.”

उन्होंने आगे बताया कि काफी हद तक इसकी संभावना है कि इस महीने के अंत तक इस तरह की एस्कॉर्ट सर्विसेज शुरू हो जाएंगी. क्रिस राइट का ये बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में युद्ध के दौरान रणनीतिक हथियार के तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद रखने की बात कही है.

इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा था कि वह तेल जहाजों को एस्कॉर्ट कर रही अमेरिकी नौसेना का 'स्वागत' करेगी. इससे संकेत मिलते हैं कि वह अमेरिकी नौसेना पर हमला करने के लिए तैयार हैं. इससे पहले ही कई जहाज गोलीबारी का शिकार हो चुके हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है. 8 मार्च को एक बैरल तेल की कीमत लगभग 120 डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई जोकि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी. पिछले कुछ दिनों से तेल की कीमतें 80 डॉलर से 100 डॉलर के बीच उतार चढ़ाव कर रही है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखना मुश्किल

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्री सुरक्षा से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट करना मुश्किल होगा, क्योंकि ईरान के पास बारूदी सुरंगे बिछाने या ड्रोन अटैक करने की क्षमता है. मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका के बारे में स्टडी करने वाले यूरोपीय संस्थान के निदेशक एडेल बकावान ने बताया, 

“अमेरिका, फ्रांस या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय गठबंधन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट करने की स्थिति में नहीं है.”

इराक की बंदरगाह सुरक्षा से जुड़े दो सूत्रों के शुरुआती आकलन के मुताबिक, पिछले हफ्ते ईरान ने इराक के जलक्षेत्र में लंगर डाले कच्चे तेल के एक टैंकर को नुकसान पहुंचाने के लिए विस्फोटकों से भरी एक रिमोट-कंट्रोल नाव का इस्तेमाल किया था. 

समुद्री सुरक्षा से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका को ईरान के विशाल तटीय क्षेत्र पर नियंत्रण करना होगा. उन्होंने बताया कि ऐसा करने के लिए अमेरिका के पास पर्याप्त नौसैनिक पोत नहीं हैं. साथ ही सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजामों के बावजूद तेज नौकाओं या ड्रोन के काफिले से एक या दो पोत नष्ट हो सकते हैं. 

वीडियो: आसान भाषा में: होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सबसे पहले किन गाड़ियों की टंकी खाली होगी?

Advertisement

Advertisement

()