ईरान पर दो दिन में अमेरिका का दूसरा हमला, 3 धमाकों से दहला बंदर अब्बास
US strikes on Iran: अमेरिका ने पिछले दो दिन के अंदर ईरान पर दो बार हमला किया और इसके पीछे आत्म रक्षा का तर्क दिया. 28 मई की सुबह हमले में ईरान के एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि हमले में Iran के 4 Drone भी मार गिराए गए.

अमेरिका और ईरान पीस डील के बीच अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया है. 28 मई की सुबह इस हमले में ईरान के एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इसकी वजह से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में अमेरिकी सेना और कमर्शियल मेरीटाइम ट्रैफिक को खतरा था. पिछले एक हफ्ते में ईरान पर अमेरिका का ये दूसरा हमला है.
रॉयटर्स एजेंसी को एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि हमले में 4 ड्रोन भी गिराए गए हैं. ईरान के बंदर अब्बास में स्थित एक ग्राउंड स्टेशन को निशाना बनाया गया, जहां से पांचवा ड्रोन लॉन्च होने की तैयारी में था. अधिकारी का कहना है कि ये हमला भी पहले वाले की तरह ही सेल्फ डिफेन्स (Self-Defence) में किया गया है. इसका मकसद सीजफायर को बरकरार रखना है. एक ईरानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लोकल टाइम रात करीब 1 बजकर 30 मिनट पर 3 धमाके की आवाज़ें सुनाई दी थीं.
हमले से पहले Trump का बयान27 मई को वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बताया कि ईरान डील करने के लिए आतुर है. उन्होंने कहा,
‘ईरान चाहता है और बहुत दिल से चाहता है कि डील हो जाए. लेकिन जहां तक बात पहुंची है, उसपर हम संतुष्ट नहीं हैं. शायद आगे संतुष्ट हो जाएं. या तो हम संतुष्ट हो जाएंगे या फिर हम अपना काम ख़त्म करेंगे.’
काम ख़त्म करने वाली बात ईरान के सन्दर्भ में कही गई है. ट्रंप ने मीटिंग के दौरान उस ईरानी रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में यातायात चालू हो जाएगा, जिसकी कमान ईरान और ओमान मिलकर संभालेंगे. ट्रंप का कहना है कि होर्मुज में किसी एक देश का कंट्रोल नहीं होगा. ये अंतर्राष्ट्रीय पानी है, ओमान को भी वैसे ही डील करना चाहिए.
वहीं ईरान के IRGC के डिप्टी पॉलिटिकल चीफ मोहम्मद अकबरज़ादेह ने ईरानी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी को बताया कि जंग दोबारा शुरू होने के चांसेस बहुत कम हैं. लेकिन साथ ही ये चेतावनी भी दी कि अगर ऐसा होता है तो ईरान मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है.
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एक हफ्ते में दूसरा हमलाइससे पहले मंगलवार, 26 मई को ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट्स और नावों को निशाना बनाते हुए अमेरिका ने हमला किया था. ये हमला दक्षिणी ईरान के शहर बंदर अब्बास में हुआ है. अमेरिकी सेना के मुताबिक ये कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस यानी आत्मरक्षा में की गई थी. अमेरिका का दावा है कि ईरानी सेना की तरफ से खतरा था. इसलिए मिसाइल लॉन्च साइट्स और उन नावों को निशाना बनाया गया जो समुद्र में माइंस यानी बारूदी सुरंगें बिछा रही थीं.
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