अमेरिका-ईरान की डील लगभग फाइनल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने पर भी आया अपडेट
US-Iran deal finalised: अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि दोनों देशों के बीच एक ऐसे समझौते पर सहमति बनी है, जिससे मिडिल ईस्ट में शांति आ जाएगी. लेकिन समझौते पर फिलहाल बड़े नेताओं ने साइन नहीं किए हैं. अब होर्मुज खुलने की उम्मीद भी जग गई है.

ईरान और अमेरिका के बीच कुछ चीज़ों पर बात पक्की हो गई है. उम्मीद की जा रही है कि अब जल्द ही दोनों देशों के बीच जंग रुक सकती है. अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया कि दोनों के बीच एक ऐसे समझौते पर सहमति बनी है, जिससे मिडिल ईस्ट में शांति आ जाएगी. लेकिन समझौते पर फिलहाल बड़े नेताओं ने साइन नहीं किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, फॉर्मैलिटीज़ पूरी होने में कुछ दिन लग सकते हैं.
अगर वाकई दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो जाता है, तो स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ भी खुल जाएगा. होर्मुज़ बंद होने की वजह से पूरी दुनिया में कच्चा तेल महंगा हो गया है. सामान का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट रुक रहा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच समझौता, एक गुड न्यूज़ है. डील तय होने को लेकर अभी तक सरकारी मीडिया या किसी बड़े नेता ने खुलकर बात नहीं की है. रिपोर्ट के मुताबिक, नाम नहीं बताने की शर्त पर अधिकारियों ने दावा किया है कि समझौते को लेकर शुरुआती फ्रेमवर्क तैयार है. हालांकि, सब कुछ सामान्य गति से होने में थोड़ा समय लग सकता है.
डील पर ट्रंप ने क्या कहा?पीस डील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के सुर लगातार बदलते रहे हैं. कभी वो शांति की बात करते हैं, तो कभी अगले ही दिन हमले की धमकी देते हैं. 24 मई की शाम ट्रंप ने लिखा कि डील को लेकर कोई जल्दबाज़ी नहीं की जाएगी. काम धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए. ट्रंप ने लिखा,
‘बातचीत सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है. मैंने अपने अधिकारियों से कहा है कि समझौता करने में जल्दबाज़ी न करें, क्योंकि समय हमारे पक्ष में है. जब तक समझौता पूरी तरह तय, मंजूर और साइन नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज पर नाकाबंदी बनी रहेगी. अब ईरान के साथ हमारे रिश्ते बेहतर हो रहे हैं, लेकिन ईरान को ये समझना होगा कि वो परमाणु हथियार नहीं बना सकता है.’

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यूरेनियम बनेगा डील में रोड़ा?न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium) को हटाने पर सहमत हो सकता है. लेकिन ये कैसे होगा, इस पर अभी बातचीत चल रही है. यूरेनियम वाले मुद्दे पर दोनों देशों की गाड़ी बार-बार अटकती है. ईरान इसे छोड़ना नहीं चाहता. और दूसरी तरफ अमेरिका इसे अपने कब्ज़े में चाहता है, ताकि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोका जा सके. अगर दोनों के बीच पीस डील हो जाती है तो होर्मुज़ का रास्ता साफ हो जाएगा, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक यूरेनियम पर आगे चलकर बात होगी.
बता दें, अमेरिका-ईरान के बीच जंग 28 फरवरी को शुरू हुई. लगभग तीन महीने के समय में कच्चा तेल हद से ज्यादा महंगा हुआ, जिसका भार आम जनता को उठाना पड़ रहा है. भारत में बीते दो हफ्ते के अंदर 4 बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ चुके हैं. अभी तक दोनों देशों के बीच सीजफायर के बावजूद कोई डील नहीं हो पा रही थी. लेकिन अब आख़िरकार राहत की खबर आई है.
वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप के डील वाले खेल के दौरान ईरान ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया?


